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फर्जी किराएदार बन ले भागे एसबीआई की कार

Sat, 13 Dec 2014 03:20 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Sat, 13 Dec 2014 03:20 AM IST
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bogus tenants ran away sbi car
स्टेट बैंक में कार लोन घपले का खुलासा हुआ है। बेहद सोचे-समझे तरीके से एक गैंग ने करीब दो दर्जन लोगों को कार लोन दिलवाया।
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ये सभी लोग ऐसे थे, जिनका कोई स्थायी पता ही नहीं था। नतीजा यह हुआ कि सभी धीरे-धीरे इन पतों से गायब हो गए। कार और खाताधारकों की तलाश हुई तो पूरी कहानी खुलकर सामने आई।
इस तरह बैंक की एक करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम डूब गई है। इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बैंक ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।
एसबीआई सूत्रों के मुताबिक बीती 9 फरवरी को एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) कानपुर का दौरा करने आए थे। यहां उन्होंने बारी-बारी से सभी विभागों की क्षेत्रवार समीक्षा की।
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आरएसीपीसी विभाग जिसमें बैंक की सभी शाखाओं में खराब हो चुके लोन के मामले आते हैं, उसके आंकड़े देखे तो
सीजीएम हैरान रह गए। खराब लोन में कार लोन के 26 मामले ऐसे भी थे, जिनका कुछ पता ही नहीं चल रहा है। बीते एक साल के भीतर किए गए इन लोन में सर्वाधिक सफारी, इंडिका, इंडिगो, मारूति वैन, सेंट्रो आदि गाडि़यां शामिल हैं।
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अधिकारियों से पूछने पर पता चला कि ये सभी वो लोग हैं, जिनके पास अपना स्थायी मकान नहीं था। सभी किराए के मकानों में रहते थे। अब वे सभी कार समेत लापता हैं।
यही नहीं उनके व्यवसाय से संबंधित प्रतिष्ठानों के बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल रही है। सूत्रों के मुताबिक इन कारों के लोन पूरी सोची-समझी साजिश के तहत दिलवाए गए थे।
जिन शाखाओं से लोन किए गए उनमें लखनपुर, आरके नगर, बर्रा और जूही गौशाला शाखाओं से जुड़े सर्वाधिक मामले हैं।
इस धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले गिरोह का सरगना लखनपुर का रहने वाला है। फिलहाल उसका भी कुछ पता नहीं चल रहा है।
सीजीएम की फटकार के बाद अब इन सभी मामलों में एफआईआर दर्ज करने के लिए कोतवाली पुलिस को सभी मामलों के ब्यौरे सहित तहरीर दी गई है।

इन शाखाओं से हुए लोन
एसबीआई मुख्य शाखा, नवीन मार्केट, पीपीएन मार्केट, गोविंद नगर, स्वरूपनगर, आरके नगर, सीएसए, बर्रा, जीटी रोड, जूही गौशाला, लखनपुर, मंधना, रतनलाल नगर
 
किसी की फोटो, किसी का नाम
इन सभी कार लोन में दो मामले ऐसे भी हैं, जिसमें सीधे तौर पर धोखाधड़ी की गई है। इसमें निश्चित रूप से बैंक अफसरों की मिलीभगत है।
लखनपुर शाखा से हुए एक कार लोन में ग्राहक का नाम रवि कटियार बताया गया है। मगर जब बैंक के लोग लोन आवेदन में दिए गए फोटो को लेकर दिए गए पते पर पहुंचे तो फोटो वाला शख्स मिला, मगर उसका नाम कुछ और है।

उसने अपने सभी आईडी-एड्रेस प्रूफ बैंक की टीम को दिखाए तो सारी बात सामने आई। इसी तरह बर्रा शाखा से जिस अनिल कुमार सिंह नाम के व्यक्ति को कार लोन दिया गया है, उसके साथ भी बिल्कुल यही कहानी निकलकर सामने आई है।

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