{"_id":"580f75534f1c1bc877bc329d","slug":"against-crime-branch-sp-registered-a-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्राइम ब्रांच एसपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
क्राइम ब्रांच एसपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 25 Oct 2016 08:38 PM IST
विज्ञापन
गवाही देने न आने के कारण यह कार्रवाई की गई, अब इस मामले की सुनवाई तीन नवंबर को होगी।
स्पेशल एससी/एसटी कोर्ट के जज ज्योति कुमार त्रिपाठी ने नोएडा के एसपी क्राइम ब्रांच विश्वजीत श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कई बार सम्मन तामीला (रिसीव करने) के बावजूद दलित की हत्या में गवाही देने न आने के कारण यह कार्रवाई की गई। अब इस मामले की सुनवाई तीन नवंबर को होगी।
कानपुर ब्रह्म नगर निवासी बदलू मास्टर ने मोहल्ले के ही मुखिया, अजय उर्फ चुर्री और शीबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि 22 अक्तूबर 2012 को उसका बेटा मन्नू उर्फ बउआ सरोजनी नगर निवासी उसके भांजे अशोक के यहां गया था। लौटते समय इन लोगों ने मारपीट कर बेटे को घायल कर दिया। उसे गंभीर हालत में हैलट में भर्ती कराया। वहां उसकी मौत हो गई। यह मामला स्पेशल एससी/एसटी कोर्ट में विचाराधीन है। तत्कालीन नजीराबाद सीओ विश्वजीत श्रीवास्तव इस केस के विवेचक थे। इस समय वह एसपी क्राइम ब्रांच के पद पर नोएडा में तैनात हैं। उनकी गवाही न होने से मुकदमे का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। सम्मन तामीला के बावजूद एसपी क्राइम कोर्ट गवाही देने नहीं आ रहे हैं। इस कारण एससी/एसटी कोर्ट में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
कानपुर ब्रह्म नगर निवासी बदलू मास्टर ने मोहल्ले के ही मुखिया, अजय उर्फ चुर्री और शीबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि 22 अक्तूबर 2012 को उसका बेटा मन्नू उर्फ बउआ सरोजनी नगर निवासी उसके भांजे अशोक के यहां गया था। लौटते समय इन लोगों ने मारपीट कर बेटे को घायल कर दिया। उसे गंभीर हालत में हैलट में भर्ती कराया। वहां उसकी मौत हो गई। यह मामला स्पेशल एससी/एसटी कोर्ट में विचाराधीन है। तत्कालीन नजीराबाद सीओ विश्वजीत श्रीवास्तव इस केस के विवेचक थे। इस समय वह एसपी क्राइम ब्रांच के पद पर नोएडा में तैनात हैं। उनकी गवाही न होने से मुकदमे का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। सम्मन तामीला के बावजूद एसपी क्राइम कोर्ट गवाही देने नहीं आ रहे हैं। इस कारण एससी/एसटी कोर्ट में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन