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आरोपी दरोगा ने ईशा के भाई को किया फोन
अमर उजाला कानपुर
Updated Wed, 27 May 2015 03:01 AM IST
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ईशा हत्याकांड का आरोपी दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा है। सर्विलांस से पुलिस ज्ञानेंद्र की लोकेशन जब तक पता कर पाती है वह अपनी लोकेशन बदल देता है। मंगलवार सुबह आरोपी पति दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह ने ईशा के भाई एश्वर्य राज से मोबाइल पर बात की। उसने कहा कि क्या मिलेगा यह सब करके, आएंगे मिलकर बात करेंगे। एश्वर्य ने भी उसे घर आकर बात करने को कहा। इसके बाद ज्ञानेंद्र ने फोन काट दिया। ज्ञानेंद्र ने ईशा के मौसी को भी कई बार मोबाइल मिलाया लेकिन उसकी बात नहीं हो सकी।
सर्विलांस से पता चला कि है ज्ञानेंद्र दो दिन तक मध्यप्रदेश के छतरपुर में रहा और अब उसका लोकेशन दिल्ली के आसपास है। वही आरोपी दारोगा के दोस्त मनीष कठेरिया की तलाश में पुलिस की एक टीम फतेहपुर रवाना हो गई है। एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि हत्यारोपी दारोगा ज्ञानेंद्र सिंह उसके साथी मनीष कठेरिया और एक अन्य की तलाश की जा रही है। जहां भी हत्यारोपियों का लोकेशन मिल रहा है, वहां की पुलिस से संपर्क कर मदद मांगी जा रही है। जल्द ही हत्यारोपियों को दबोच लिया जाएगा।
नहीं मिला ईशा का सिर
ईशा का सिर पुलिस नौ दिन बाद भी पुलिस नहीं ढूंढ सकी है। ईशा ने भाई एश्वर्य राज पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। एश्वर्य का कहना है कि ईशा का सिर कटा शव मिले नौ दिन बीत गए हैं पर कानपुर और कौशांबी पुलिस अभी तक सिर नहीं ढूंढ सकी है। उनकी कार का भी पता नहीं है। एश्वर्य ने बताया कि काकादेव पुलिस ने थाने में उनका और ज्ञानेंद्र के दोस्त अर्जुन और उसकी प्रेमिका अवंतिका से आमना-सामना कराया लेकिन बात नहीं कराई है।
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आरोपी मनीष की मां की तबियत बिगड़ी
हत्यारोपी मनीष कठेरिया की मां ऊषा की पुलिस हिरासत में तबियत बिगड़ गई। उन्हें उल्टियां होने लगी। यह देख पुलिस केहाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने फौरन ऊषा को परिजनों केसुपुर्द कर दिया। पुलिस अफसरों का कहना है कि ऊषा से मनीष का ठिकाना जानने के लिए पूछताछ की गई है। जरूरत हुई तो दुबारा ऊषा से पूछताछ की जाएगी।
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करीबियों को उठाया
हत्यारोपी ज्ञानेंद्र सिंह और मनीष कठेरिया ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से अपने करीबियों और मददगारों से बातचीत की है। पुलिस हत्यारोपियों के मोबाइल नंबरों को खंगाला तो सब कुछ सामने आ गया। पुलिस ने इस मामले में दोनों हत्यारोपियों के लगभग 20 करीबियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
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ये है मामला : नवीन नगर काकादेव निवासी ईशा की शादी वर्ष 2013 में दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह से हुई थी। इनके डेढ़ साल की बेटी सान्या है। 18 मई को दरोगा कार से ईशा को कूष्मांडा देवी मंदिर दर्शन कराने के बहाने ले गया था। 19 मई को कौशांबी के महेवा घाट थाने के पास ईशा का सिर कटा शव मिला था।
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सर्विलांस से पता चला कि है ज्ञानेंद्र दो दिन तक मध्यप्रदेश के छतरपुर में रहा और अब उसका लोकेशन दिल्ली के आसपास है। वही आरोपी दारोगा के दोस्त मनीष कठेरिया की तलाश में पुलिस की एक टीम फतेहपुर रवाना हो गई है। एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि हत्यारोपी दारोगा ज्ञानेंद्र सिंह उसके साथी मनीष कठेरिया और एक अन्य की तलाश की जा रही है। जहां भी हत्यारोपियों का लोकेशन मिल रहा है, वहां की पुलिस से संपर्क कर मदद मांगी जा रही है। जल्द ही हत्यारोपियों को दबोच लिया जाएगा।
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नहीं मिला ईशा का सिर
ईशा का सिर पुलिस नौ दिन बाद भी पुलिस नहीं ढूंढ सकी है। ईशा ने भाई एश्वर्य राज पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। एश्वर्य का कहना है कि ईशा का सिर कटा शव मिले नौ दिन बीत गए हैं पर कानपुर और कौशांबी पुलिस अभी तक सिर नहीं ढूंढ सकी है। उनकी कार का भी पता नहीं है। एश्वर्य ने बताया कि काकादेव पुलिस ने थाने में उनका और ज्ञानेंद्र के दोस्त अर्जुन और उसकी प्रेमिका अवंतिका से आमना-सामना कराया लेकिन बात नहीं कराई है।
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आरोपी मनीष की मां की तबियत बिगड़ी
हत्यारोपी मनीष कठेरिया की मां ऊषा की पुलिस हिरासत में तबियत बिगड़ गई। उन्हें उल्टियां होने लगी। यह देख पुलिस केहाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने फौरन ऊषा को परिजनों केसुपुर्द कर दिया। पुलिस अफसरों का कहना है कि ऊषा से मनीष का ठिकाना जानने के लिए पूछताछ की गई है। जरूरत हुई तो दुबारा ऊषा से पूछताछ की जाएगी।
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करीबियों को उठाया
हत्यारोपी ज्ञानेंद्र सिंह और मनीष कठेरिया ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से अपने करीबियों और मददगारों से बातचीत की है। पुलिस हत्यारोपियों के मोबाइल नंबरों को खंगाला तो सब कुछ सामने आ गया। पुलिस ने इस मामले में दोनों हत्यारोपियों के लगभग 20 करीबियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
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ये है मामला : नवीन नगर काकादेव निवासी ईशा की शादी वर्ष 2013 में दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह से हुई थी। इनके डेढ़ साल की बेटी सान्या है। 18 मई को दरोगा कार से ईशा को कूष्मांडा देवी मंदिर दर्शन कराने के बहाने ले गया था। 19 मई को कौशांबी के महेवा घाट थाने के पास ईशा का सिर कटा शव मिला था।
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