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जहरीली शराब बनाने में दो को दस-दस साल की कैद
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:31 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। जहरीली शराब बनाने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गुरुवार को दो लोगों को दस-दस साल की कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राजबहादुर सिंह मौर्या ने दिबियापुर के मामले में आदेश जारी कर दोषियों को जेल भेज दिया है। मामला 12 मार्च 2011 का है।
दिबियापुर थानाध्यक्ष ने ग्राम मधवापुर में जहरीली शराब बनाते इसी गांव के निवासी सज्जन कुमार पुत्र अर्जुन कठेरिया व राजू उर्फ कतली पुत्र गंगाराम कठेरिया को गिरफ्तार किया था।
मौके पर शराब बनाने वाले उपकरण, लहन के साथ-साथ शराब में मिलाई जाने वाली यूरिया भी बरामद की थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट प्रस्तुत की।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे राजबहादुर सिंह मौर्या ने सज्जन कुमार और राजू उर्फ कतली को दस-दस साल का कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
इसके अतिरिक्त धारा 60 में एक-एक साल की कैद व पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। स्टेनो इरफान अली के अनुसार अर्थदंड अदा न करने पर 13-13 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया फैसला, दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
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औरैया। जहरीली शराब बनाने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गुरुवार को दो लोगों को दस-दस साल की कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राजबहादुर सिंह मौर्या ने दिबियापुर के मामले में आदेश जारी कर दोषियों को जेल भेज दिया है। मामला 12 मार्च 2011 का है।
दिबियापुर थानाध्यक्ष ने ग्राम मधवापुर में जहरीली शराब बनाते इसी गांव के निवासी सज्जन कुमार पुत्र अर्जुन कठेरिया व राजू उर्फ कतली पुत्र गंगाराम कठेरिया को गिरफ्तार किया था।
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मौके पर शराब बनाने वाले उपकरण, लहन के साथ-साथ शराब में मिलाई जाने वाली यूरिया भी बरामद की थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट प्रस्तुत की।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे राजबहादुर सिंह मौर्या ने सज्जन कुमार और राजू उर्फ कतली को दस-दस साल का कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
इसके अतिरिक्त धारा 60 में एक-एक साल की कैद व पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। स्टेनो इरफान अली के अनुसार अर्थदंड अदा न करने पर 13-13 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया फैसला, दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया