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अहेरीपुर गोशाला में चार गोवंशों की मौत
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निवाड़ीकला (इटावा)। महेवा ब्लॉक की अहेरीपुर गोशाला में अव्यवस्थाओं ने पिछले तीन दिनों में चार गोवंशों की जान ले ली। दो के कंकाल भी मिले। प्रशासन ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव और कंकालों को पास के तालाब में दबवा दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने प्रधान और एसडीओ को चारा और गोशाला के दलदली स्थान पर मिट्टी डलवाने को कहा। मिट्टी पड़ने तक तक 122 गोवंशों को छुट्टा छोड़ दिया गया है।
गोशाला के ज्यादातर हिस्से में बारिश का पानी भरने से जमीन दलदली हो गई है। टिनशेड के नीचे तक कीचड़ भरा है। गोवंशों को पर्याप्त चारा भी नहीं मिल पा रहा है। भूख और बीमारी के चलते तीन दिनों में चार गोवंशों की मौत ने स्थानीय लोगों को हिलाकर रख दिया।
गांव के प्रदीप तिवारी ने सोमवार को गोवंशों के शव देखकर ग्रामीणों और प्रशासन को सूचना दी थी। दो गोवंशों के कंकाल भी पास में तालाब किनारे पड़े थे। अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही प्रधान ने जेसीबी बुलाकर तालाब में गड्ढा खोदवाकर शवों को दबवा दिया।
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एसडीएम भरथना नंदप्रकाश मौर्य ने भी पोस्टमार्टम कराना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने प्रधान और एडीओ पंचायत रामबरन को गोशाला में कीचड़ वाली जगह पर मिट्टी डलवाने और चारा पानी का प्रबंधन करने का निर्देश दिया, तब तक के लिए अधिकारियों ने गोशाला में बंद सभी 122 गोवंश को गेट खुलवाकर बाहर निकाल दिया।
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गोशाला के ज्यादातर हिस्से में बारिश का पानी भरने से जमीन दलदली हो गई है। टिनशेड के नीचे तक कीचड़ भरा है। गोवंशों को पर्याप्त चारा भी नहीं मिल पा रहा है। भूख और बीमारी के चलते तीन दिनों में चार गोवंशों की मौत ने स्थानीय लोगों को हिलाकर रख दिया।
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गांव के प्रदीप तिवारी ने सोमवार को गोवंशों के शव देखकर ग्रामीणों और प्रशासन को सूचना दी थी। दो गोवंशों के कंकाल भी पास में तालाब किनारे पड़े थे। अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही प्रधान ने जेसीबी बुलाकर तालाब में गड्ढा खोदवाकर शवों को दबवा दिया।
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एसडीएम भरथना नंदप्रकाश मौर्य ने भी पोस्टमार्टम कराना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने प्रधान और एडीओ पंचायत रामबरन को गोशाला में कीचड़ वाली जगह पर मिट्टी डलवाने और चारा पानी का प्रबंधन करने का निर्देश दिया, तब तक के लिए अधिकारियों ने गोशाला में बंद सभी 122 गोवंश को गेट खुलवाकर बाहर निकाल दिया।