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CSJMU: पीएचडी के नियमित शोधार्थियों को मिलेंगे 10 हजार रुपये, कोर्स वर्क और दो शोध पत्र प्रस्तुत करना जरूरी

Tue, 30 Aug 2022 05:43 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 30 Aug 2022 05:43 PM IST
सार

सीएसजेएमयू विश्वविद्यालय में विद्या परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इसके तहत पीएचडी करने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए कोर्स वर्क और दो शोध पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, ये शोध पत्र यूजीसी केयर, स्कोपस या एससीआई जर्नल्स में प्रकाशित होना चाहिए।

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Course work and two research papers required for PhD candidates in CSJMU
सीएसजेएमयू - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) से पीएचडी करने वाले सभी नियमित शोधार्थियों को 10 हजार और कॉलेज में पढ़ाने वाले शोधार्थियों को 25 हजार का स्टाइपेंड दिया जाएगा। अभ्यर्थियों के लिए कोर्स वर्क अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्णय सोमवार को हुई विद्या परिषद की बैठक में लिया गया।

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विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अगुवाई में हुई बैठक में तय हुआ कि सभी शोधार्थियों को कम से कम दो शोध पत्र प्रकाशित करने होंगे। ये शोध पत्र यूजीसी केयर, स्कोपस या एससीआई जर्नल्स में प्रकाशित होने चाहिए। वहीं, आईआईटी कानपुर की मदद से छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और डेटा साइंस के कोर्स पढ़ाए जाएंगे।
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नए सत्र में प्रवेश लेने वाले सभी शोधार्थियों को संबंधित विषय में निर्धारित क्रेडिट के साथ पीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षा पास करनी होगी। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी, डीन प्रशासन प्रो. सुधांशु पाण्डिया, रजिस्ट्रार डॉ. अनिल कुमार यादव, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंजनी कुमार मिश्र, सीडीसी निदेशक डॉ. आरके द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

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डिजिटल ह्यूमनिटीज और एनॉलिटिक्स होगा पाठ्यक्रम का हिस्सा
विश्वविद्यालय कैंपस में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं के लिए डिजिटल ह्यूमनिटीज और एनॉलिटिक्स पाठ्यक्रम को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा। स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमनिटीज एंड सोशल साइंसेज की सहायक आचार्य डॉ. अंशु सिंह को इस पाठ्यक्रम की रूपरेखा के साथ-साथ इसके संचालन की जिम्मेदारी दी गई है।

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