{"_id":"5efb9a20f916cf569a0f3c76","slug":"coronavirus-infectious-taken-to-hospital-24-hours-after-infection","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही: संक्रमित को 24 घंटे बाद ले गए अस्पताल, 55 वर्षीय व्यक्ति में 29 जून को हुई संक्रमण की पुष्टि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही: संक्रमित को 24 घंटे बाद ले गए अस्पताल, 55 वर्षीय व्यक्ति में 29 जून को हुई संक्रमण की पुष्टि
Wed, 01 Jul 2020 01:32 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 01 Jul 2020 01:32 AM IST
विज्ञापन
कोरोना सैंपलिंग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर में कोरोना मरीज को लेकर एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई है। श्याम नगर निवासी एक संक्रमित को विभाग की टीम सूचना के 24 घंटे बाद कांशीराम अस्पताल ले गई। इससे मरीज के परिजनों व सीधे संपर्क में आए अन्य लोगों के भी संक्रमित होने की आशंका है।
श्याम नगर बी-ब्लॉक निवासी एवं एक बड़ी स्थानीय कंपनी में काम करने वाले 55 वर्षीय व्यक्ति को छह दिन से बुखार आ रहा था। इस दौरान वे कंपनी के कमला टावर सहित अन्य दफ्तरों में काम करने के साथ सैकड़ों लोगों के संपर्क में आए। मेडिकल स्टोर से खरीदकर बुखार की दवा खाई।
आराम न मिलने पर उन्होंने दो दिन पहले एक निजी पैथोलॉजी से जांच कराई। 29 जून को दोपहर में उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी गई, लेकिन विभाग की टीम उन्हें लेने मंगलवार दोपहर तक नहीं पहुंची।
विज्ञापन
न ही उनके परिजनों को क्वॉरंटीन किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत के बाद शाम को घर से ले जाकर कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऐसे में मरीज की पत्नी, बच्चों और भाई के भी संक्रमित होने की आशंका है।
विज्ञापन
श्याम नगर बी-ब्लॉक निवासी एवं एक बड़ी स्थानीय कंपनी में काम करने वाले 55 वर्षीय व्यक्ति को छह दिन से बुखार आ रहा था। इस दौरान वे कंपनी के कमला टावर सहित अन्य दफ्तरों में काम करने के साथ सैकड़ों लोगों के संपर्क में आए। मेडिकल स्टोर से खरीदकर बुखार की दवा खाई।
विज्ञापन
आराम न मिलने पर उन्होंने दो दिन पहले एक निजी पैथोलॉजी से जांच कराई। 29 जून को दोपहर में उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी गई, लेकिन विभाग की टीम उन्हें लेने मंगलवार दोपहर तक नहीं पहुंची।
विज्ञापन
न ही उनके परिजनों को क्वॉरंटीन किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत के बाद शाम को घर से ले जाकर कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऐसे में मरीज की पत्नी, बच्चों और भाई के भी संक्रमित होने की आशंका है।