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कोरोना संकट: काम एक दावेदार 10, श्रमिकों को कहां खपाएं, शासन से आई 2500 प्रवासियों की सूची, 250 लोगों की मांग

Sun, 14 Jun 2020 11:00 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 14 Jun 2020 11:00 AM IST
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Corona Crisis:  one Work but contender 10, list of 2500 migrants came from the government
प्रवासी श्रमिक - फोटो : अमर उजाला
कोरोना संकट में कामकाज छोड़कर दूसरे राज्यों से लौटे श्रमिकों और कामगारों को शहर में ही रोजगार देने के प्रयासों को पहले ही चरण में झटका लगता दिख रहा है। 13 जून तक की स्थिति यह है कि रोजगार के एक रिक्त स्थान पर 10 लोगों की दावेदारी है। हालांकि सभी उस काम को करने के योग्य भी नहीं हैं।
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उन्हें किसी और काम की जरूरत है। इनमें से नौ लोगों को रोजगार कैसे और कहां दिया जाएगा, इस सवाल ने उद्योग विभाग व उद्यमी दोनों को परेशान कर रखा है। प्रदेश सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए आगामी छह माह में 10 लाख नौकरियों के अवसर उपलब्ध कराने की बात कही है।
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इसके लिए सरकार ने दो बड़े औद्योगिक संगठन इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) और लघु उद्योग भारती से भी सहयोग मांगा है। दोनों संगठनों ने रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार के साथ एमओयू भी साइन किया है। दोनों संगठनों ने उद्यमियों से कर्मचारियों की रिक्तियों का ब्योरा जुटाना शुरू किया है।
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Corona Crisis:  one Work but contender 10, list of 2500 migrants came from the government
प्रवासी श्रमिक - फोटो : अमर उजाला
10 दिन में काफी प्रयासों के बाद लगभग 65 औद्योगिक इकाइयों से करीब 250 कर्मचारियों की मांग आई है। इनमें से 200 रिक्तियों में अलग-अलग तरह की मशीनें चलाने वाले कुशल कामगारों की आवश्यकता है। श्रमिक स्तर की रिक्तियों की संख्या बहुत कम है। दूसरी तरफ राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को अब तक करीब 2500 श्रमिकों की सूची भेजी है। इन श्रमिकों-कामगारों को कानपुर की ही इकाइयों में खपाया जाना है।

उद्यमियों की बैठक बुलाई
जिला प्रशासन से प्रवासी श्रमिकों की सूची मिलने के बाद उद्योग विभाग ने उसे औद्योगिक संगठनों को भेजा है। अब इन श्रमिकों को किस तरह से रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, इसके लिए उद्योग विभाग और उद्यमियों की मंगलवार या बुधवार को बैठक होगी। संयुक्त आयुक्त सर्वेश्वर शुक्ल का कहना है कि बैठक में मांग और आपूर्ति की स्थिति पर चर्चा होगी।


 

Corona Crisis:  one Work but contender 10, list of 2500 migrants came from the government
प्रवासी श्रमिक - फोटो : amar ujala
कानपुर में यूपी के कामगार ज्यादा
उद्यमियों के मुताबिक कानपुर की 80 फीसदी फैक्टरियों में अधिकतर प्रदेश के लोगों को ही रोजगार मिला है। आसपास के जिलों के कामगारों की संख्या ज्यादा है। लॉकडाउन में ढील के तुरंत बाद श्रमिकों की कमी महसूस हुई, क्योंकि वे अपने घर जा चुके थे। अब बड़ी संख्या में लोगों की वापसी हुई है। जिन फैक्टरियों में बाहरी राज्यों के कामगार काम करते थे, वहीं पर रिक्तियों की गुंजाइश है। रोजगार की उपलब्धता बाजार की मांग पर भी निर्भर है।

फिलहाल 35 उद्यमियों ने 140 कामगारों की आवश्यकता बताई है। अगले हफ्ते आईआईए की वेबसाइट पर एक लिंक जुड़ जाएगा। इससे जिस उद्यमी को जब भी कर्मचारियों की जरूरत होगी, वह उसमें फीड कर देगा। शासन से मिली सूची के जरिए कर्मचारी उपलब्ध कराए जाएंगे।
आलोक अग्रवाल, अध्यक्ष, आईआईए, कानपुर चैप्टर

अब तक 30 उद्यमियों ने 110 कर्मचारियों की मांग की है। इनमें अधिकतर मशीन चलाने वाले कुशल लोगों की जरूरत है। शासन से मिली सूची में अलग-अलग काम के लोग तलाशे जाएंगे। अन्य उद्यमियों से भी जल्द से जल्द मांग भेजने के लिए कहा गया है। बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयों में 70-80 फीसदी स्टाफ वापस आ गया है। इस वजह से भी मांग अब कम है।
हरेंद्र मूरजानी, अध्यक्ष, लघु उद्वोग भारती
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