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Kanpur: जर्मन तकनीक से एयरपोर्ट रोड का निर्माण, पीडब्ल्यूडी का दावा- प्रदेश में पहली बार हो रही इस्तेमाल

Mon, 16 Jan 2023 12:13 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Mon, 16 Jan 2023 12:13 AM IST
सार

एयरपोर्ट रोड का निर्माण जर्मन तकनीक से हो रहा है। इसको लेकर, पीडब्ल्यूडी का दावा है कि यह तकनीक प्रदेश में पहली बार इस्तेमाल हो रही। इसके तहत कंप्यूटराइज्ड मशीन से चार लेन की रोड पर गिट्टी की पर्त बिछना शुरू हो गया है।

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Construction of airport road with German technology in Kanpur, PWD claims  being used for the first time in th
ईटीए तकनीक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में एयरपोर्ट रोड का निर्माण जर्मनी की तकनीक ईटीए (इमरशन ट्रीटेट एग्रीगेट) से किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता श्रीराज का दावा है कि प्रदेश में पहली बार इस तरह की तकनीक से सड़क का निर्माण किया जा रहा है।

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इस कंप्यूटराइज्ड मशीन से मानकों के अनुरूप निर्माण होगा। अभियंता या ठेकेदार घटिया निर्माण नहीं करा पाएंगे। अहिरवां एयरपोर्ट को रूमा के पास भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-2) से जोड़ने के लिए पीडब्ल्यूडी 2.4 किलोमीटर लंबी चार लेन की सड़क बनवा रहा है।
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इसकी लागत करीब 52 करोड़ रुपये है। इसमें से करीब 38 करोड़ रुपये जमीन अर्जन और शेष 14 करोड़ रुपये निर्माण पर खर्च किए जा रहे हैं। प्रस्तावित स्थल के दो नालों पर पुलिया बनाने के साथ ही सड़क बनाई जा रही है। बता दें कि उन्नत तकनीक से बनने वाली सड़कें सालों साल तक चलेंगी।

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पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राकेश यादव ने बताया कि 20 जनवरी तक मोटी गिट्टी बिछाने का कार्य पूरा हो जाएगा। तब इस पर वाहन चल सकेंगे। तापमान में कुछ बढ़ोत्तरी होते ही तारकोल मिक्स जीरा गिट्टी बिछा दी जाएगी।

मशीन की खासियत
यह जर्मनी की कंपनी रिटेन की कंप्यूटराइज्ड मशीन है। इसमें निर्माण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली गिट्टी, तारकोल के मानक दर्ज हैं। मशीन में गिट्टी, सीमेंट, पानी डालते समय इसके कंप्यूटर में लगे मीटर से इनका प्रतिशत पता चलेगा।

सही प्रतिशत में निर्माण सामग्री डालने पर मशीन में ही इसे ठीक से मिलाकर बिछाया जाता है। यदि मशीन में मानक के विपरीत निर्माण सामग्री डाली गई तो इसके बैकअप से खुलासा हो जाएगा। इसमें मैनुअल विधि से कम समय लगता है।

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