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कलेक्ट्रेट में कर्मचारी ने जहर खाया
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 19 Mar 2015 02:47 AM IST
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कलेक्ट्रेट में बुधवार को एक कर्मचारी ने जहर खाकर खुदकुशी का प्रयास किया। कर्मचारी को उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसने दो बार अपना बयान बदला तो पुलिस के शक के घेरे में आ गया।
मसवानपुर प्राथमिक विद्यालय में तैनात रावतपुर निवासी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनिल दीक्षित को जनवरी में कलेक्ट्रेट से अटैच किया गया था। बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे अनिल दीक्षित ने कलेक्ट्रेट में नीचे बरामदे में जहर पिया और बाहर निकल आया। बाहर मंदिर के पास वह गिर पड़ा तो लोगों की नजर पड़ी।
फिर उसने जहर पीने की बात बताई। कलेक्ट्रेट में उसने बताया कि उसकी बेटी की शादी है, उसने फंड और एरियर के भुगतान के लिए अर्जी दी थी लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा था। अफसरों को कई बार अर्जी देने के बाद भी उसे भुगतान नहीं हो रहा है।
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तब तक कलेक्ट्रेट में मौजूद एडीएम (एलए) ओके सिंह आ गए और गाड़ी से उसे उर्सला अस्पताल भेजा। कई शिक्षक नेता और कर्मचारी नेता पहुंच गए। उर्सला में अनिल ने कहा कि उसे कुछ दिनों के लिए कलेक्ट्रेट में अटैच किया था लेकिन कई माह बाद भी उसे अपने विभाग में वापस नहीं भेजा जा रहा था। इसीलिए जहर खाकर खुदकुशी का प्रयास किया।
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मसवानपुर प्राथमिक विद्यालय में तैनात रावतपुर निवासी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनिल दीक्षित को जनवरी में कलेक्ट्रेट से अटैच किया गया था। बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे अनिल दीक्षित ने कलेक्ट्रेट में नीचे बरामदे में जहर पिया और बाहर निकल आया। बाहर मंदिर के पास वह गिर पड़ा तो लोगों की नजर पड़ी।
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फिर उसने जहर पीने की बात बताई। कलेक्ट्रेट में उसने बताया कि उसकी बेटी की शादी है, उसने फंड और एरियर के भुगतान के लिए अर्जी दी थी लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा था। अफसरों को कई बार अर्जी देने के बाद भी उसे भुगतान नहीं हो रहा है।
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तब तक कलेक्ट्रेट में मौजूद एडीएम (एलए) ओके सिंह आ गए और गाड़ी से उसे उर्सला अस्पताल भेजा। कई शिक्षक नेता और कर्मचारी नेता पहुंच गए। उर्सला में अनिल ने कहा कि उसे कुछ दिनों के लिए कलेक्ट्रेट में अटैच किया था लेकिन कई माह बाद भी उसे अपने विभाग में वापस नहीं भेजा जा रहा था। इसीलिए जहर खाकर खुदकुशी का प्रयास किया।