{"_id":"5f197d09c2e799319f0450a8","slug":"class-8th-student-commit-suicide-during-playing-pubg-in-hamirpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: पब्जी खेलते खेलते फांसी पर झूला आठवीं का छात्र, ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पिता ने दिलाया था मोबाइल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: पब्जी खेलते खेलते फांसी पर झूला आठवीं का छात्र, ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पिता ने दिलाया था मोबाइल
Thu, 23 Jul 2020 05:44 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 23 Jul 2020 05:44 PM IST
विज्ञापन
पबजी खेलते खेलते फांसी पर झूला छात्र
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में सरीला के इटैलियाबाजा गांव में पब्जी खेलते खेलते आठवीं के छात्र ने फांसी लगा ली। जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच शुरु कर दी है। पिता ने लॉकडाउन में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बेटे को फोन दिलाया था।
जरिया थानाक्षेत्र के इटैलियाबाजा गांव निवासी धनीराम राजपूत ने बताया उनका पुत्र यशेंद्र कुमार (14) जवाहर नवोदय विद्यालय, महोबा में आठवीं का छात्र था। लॉकडाउन में विद्यालय बंद होने पर वह घर आ गया था। बताया वह राठ में नहर बाईपास के पास मकान बनवा रहे हैं। बुधवार शाम को परिवार सहित मकान के निर्माण कार्य में व्यस्त थे, जबकि बेटा यशेंद्र गांव में अकेला था।
विज्ञापन
जरिया थानाक्षेत्र के इटैलियाबाजा गांव निवासी धनीराम राजपूत ने बताया उनका पुत्र यशेंद्र कुमार (14) जवाहर नवोदय विद्यालय, महोबा में आठवीं का छात्र था। लॉकडाउन में विद्यालय बंद होने पर वह घर आ गया था। बताया वह राठ में नहर बाईपास के पास मकान बनवा रहे हैं। बुधवार शाम को परिवार सहित मकान के निर्माण कार्य में व्यस्त थे, जबकि बेटा यशेंद्र गांव में अकेला था।
विज्ञापन
उसे ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल दिया था। बेटे का हालचाल लेने के लिए शाम करीब चार बजे उसे फोन किया, मगर रिसीव नहीं हुआ। इस पर पड़ोसियों को फोन कर घर जाकर देखने की बात कही। घर का दरवाजा बंद होने पर पड़ोसियों ने किसी तरह छत के रास्ते मकान में जाकर देखा तो यशेंद्र का शव कमरे में रस्सी के सहारे फांसी पर लटका था।
बेटे के आत्महत्या की जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया। उन्होंने बताया पढ़ाई के लिए बेटे को मोबाइल दिया था, मगर वह परिजनों से छिपकर कब खतरनाक गेम खेलने लगा, इसका पता ही नहीं चला। परिवार के सदस्य यही समझते रहे कि वह पढ़ाई में मन लगाए है।
यशेंद्र दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई दीपेंद्र कक्षा पांच में है। जरिया थानाध्यक्ष विक्रमाजीत सिंह ने बताया प्रारंभिक जांच पड़ताल में छात्र के पब्जी गेम खेलने की बात सामने आई है। उसने किसी बात पर डिप्रेशन में आकर आत्महत्या की है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
बेटे के आत्महत्या की जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया। उन्होंने बताया पढ़ाई के लिए बेटे को मोबाइल दिया था, मगर वह परिजनों से छिपकर कब खतरनाक गेम खेलने लगा, इसका पता ही नहीं चला। परिवार के सदस्य यही समझते रहे कि वह पढ़ाई में मन लगाए है।
यशेंद्र दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई दीपेंद्र कक्षा पांच में है। जरिया थानाध्यक्ष विक्रमाजीत सिंह ने बताया प्रारंभिक जांच पड़ताल में छात्र के पब्जी गेम खेलने की बात सामने आई है। उसने किसी बात पर डिप्रेशन में आकर आत्महत्या की है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है।