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विशुनगढ़ के लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा
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विशुनगढ़(कन्नौज)। रोडवेज व प्राइवेट यूनियन बस संचालकों ने छिबरामऊ-विशुनगढ़ मार्ग पर सवारियां न मिलने का बहाना बनाकर बसों का संचालन बंद कर दिया है। इससे यहां के लोगों को नौ किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए डग्गामार वाहनों को बीस रुपये अदा करने पड़ रहे हैं। बसों का संचालन बंद होने और डग्गामार वाहन संचालकों की मनमानी से परेशान कस्बे सहित आसपास गांवों के लोगों में प्रशासन के खिलाफ रोष है।
जिला मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर दूर मैनपुरी जनपद की सीमा पर विशुनगढ़ कस्बे के लोग लंबे समय से यातायात व्यवस्था को लेकर परेशान हैं। साल 1979 से 1989 तक इस मार्ग पर रोडवेज की चार और नेशनल मोटर यूनियन की आठ बसों का संचालन होता था। प्राइवेट बस संचालकों की दबंगई से रोडवेज बसों का संचालन बंद हो गया। इससे डग्गामार वाहन संचालकों ने पैर पसारने शुरू कर दिए। डग्गामार वाहनों की तादाद बढ़ने से बाद में नेशनल मोटर यूनियन ने बसों का संचालन बंद कर दिया।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद डग्गामार वाहनों की दबंगई और सवारियों से अधिक किराया वसूली की शिकायतों पर प्रशासन ने इस मार्ग पर अवैध वाहनों का संचालन बंद करवा दिया। यूनियन संचालकों पर दबाव बनाकर बसों का संचालन शुरू करवाया गया। लॉकडाउन में बसों का संचालन बंद हो गया। अब ई-रिक्शा, टेंपो दौड़ रहे हैं। अभी तक 10 रुपये किराया अदा करने वाले लोगों से 20 रुपये वसूले जा रहे हैं। इलाकाई लोगों ने डीएम राकेश कुमार मिश्र से रोडवेज व यूनियन की बसों का संचालन शुरू करवाने की मांग की है। वहीं रोडवेज बस स्टेशन इंचार्ज देवेंद्र यादव का कहना है कि अधिकारियों के निर्देश के बाद पहले की तरह बसों का संचालन शुरू करवाया जाएगा।
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जिला मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर दूर मैनपुरी जनपद की सीमा पर विशुनगढ़ कस्बे के लोग लंबे समय से यातायात व्यवस्था को लेकर परेशान हैं। साल 1979 से 1989 तक इस मार्ग पर रोडवेज की चार और नेशनल मोटर यूनियन की आठ बसों का संचालन होता था। प्राइवेट बस संचालकों की दबंगई से रोडवेज बसों का संचालन बंद हो गया। इससे डग्गामार वाहन संचालकों ने पैर पसारने शुरू कर दिए। डग्गामार वाहनों की तादाद बढ़ने से बाद में नेशनल मोटर यूनियन ने बसों का संचालन बंद कर दिया।
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प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद डग्गामार वाहनों की दबंगई और सवारियों से अधिक किराया वसूली की शिकायतों पर प्रशासन ने इस मार्ग पर अवैध वाहनों का संचालन बंद करवा दिया। यूनियन संचालकों पर दबाव बनाकर बसों का संचालन शुरू करवाया गया। लॉकडाउन में बसों का संचालन बंद हो गया। अब ई-रिक्शा, टेंपो दौड़ रहे हैं। अभी तक 10 रुपये किराया अदा करने वाले लोगों से 20 रुपये वसूले जा रहे हैं। इलाकाई लोगों ने डीएम राकेश कुमार मिश्र से रोडवेज व यूनियन की बसों का संचालन शुरू करवाने की मांग की है। वहीं रोडवेज बस स्टेशन इंचार्ज देवेंद्र यादव का कहना है कि अधिकारियों के निर्देश के बाद पहले की तरह बसों का संचालन शुरू करवाया जाएगा।
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