फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Children of workers will be brought in the main stream of education

शिक्षा की मुख्य धारा में लाए जाएंगे श्रमिकों के बच्चे

Mon, 12 Jul 2021 01:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jul 2021 01:09 AM IST
विज्ञापन
Children of workers will be brought in the main stream of education
कानपुर देहात। श्रम कल्याण परिषद की ओर से पंजीकृत कारखानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों व दुकानों में काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा में सरकार मदद करेगी। योजनाओं के लाभ के लिए श्रमिकों की आमदनी प्रतिमाह 15 हजार से अधिक नहीं होनी चाहिए। श्रम विभाग के कर्मचारी पंजीकृत श्रमिकों को इसके लिए योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं।
विज्ञापन

कोरोना काल में प्रभावित हुई योजना का लाभ फिर से देने के लिए विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। इसमें खासतौर पर श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा दिलाने पर फोकस किया जा रहा है। इसके लिए विभाग की वेबसाइट पर आवेदन किया जा सकता है। सरकार श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाई के लिए सालाना पांच से दस हजार रुपये देगी।
विज्ञापन

जिले में करीब 62 हजार श्रमिक पंजीकृत हैं, जिनके बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा। विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने योजना के क्रियान्वयन के लिए पंजीकृत श्रमिकों को सूचना देने का काम शुरू कर दिया है। श्रमिक जन सुविधा केंद्र के माध्यम से योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. एपीजी अब्दुल कलाम प्राविधिक शिक्षा सहायता योजना
इस योजना के तहत पंजीकृत प्रतिष्ठानों, कारखानों व दुकानों में काम करने ऐसे श्रमिकों को लाभान्वित किया जाएगा जिनका मासिक वेतन 15 हजार रुपये से अधिक न हो। इनके बच्चों को इंटमीडिएट तक की पढ़ाई करने पर पांच हजार, उच्च शिक्षा के लिए आठ हजार व प्राविधिक शिक्षा के लिए दस हजार रुपये दिए जाएंगे। इसी तरह से गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार योजना के तहत हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में 60 से 70 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले छात्र छात्राओं को पुरस्कार का प्रावधान है।
राजा हरिशचंद्र मृतक आश्रित सहायता योजना
इस योजना का लाभ लेने के लिए कारखानों में पंजीकृत श्रमिकों की मौत होने पर उनके परिवार को आर्थिक सहायता के रुप में दो लाख रुपये दिए जाने की व्यवस्था है। इसके लिए श्रमिक की मौत की तिथि से एक साल के अंदर आवेदन करना होगा। इस योजना का लाभ श्रमिक की पत्नी को दिया जाएगा। श्रमिक की आय 15 हजार रुपये मासिक से अधिक नहीं होनी चाहिए। (संवाद)

श्रमिकों की योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जा रहा है, ताकि उनके बच्चे इसका लाभ लेकर आगे बढ़ सकें। योजना का लाभ लेने के लिए श्रम विभाग में पंजीकरण कराना जरूरी है। - विनीत त्रिपाठी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed