Chandra Grahan 2022: साल का आखिरी चंद्रग्रहण आज, सूर्योदय के साथ सूतक भी, इन राशियों को रहना होगा सावधान
आज कार्तिक पूर्णिमा पर साल 2022 का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा। यह साल का दूसरा चंद्रग्रहण होगा, जो शाम 4:19 बजे से 6:20 तक रहेगा। भारत में चंद्र ग्रहण दिखने के कारण इसका सूर्योदय के साथ सूतक मान्य होगा।
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कानपुर में चंद्रग्रहण मंगलवार शाम 4:19 बजे से शुरू होकर 6:20 तक रहेगा। हालांकि सूतक सूर्योदय के साथ ही लग जाएगा। इसलिए सुबह से ही मंदिर व घरों में पूजापाठ नहीं की जाएगी। सुबह भगवान को भोग लगाने के बाद पट बंद कर दिए जाएंगे। पट शाम साढ़े छह बजे के बाद खुलेंगे।
पं. आचार्य अमरेश मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा भी है, लेकिन मनाई नहीं जाएगी। क्योंकि ग्रहण समाप्त होने के साथ ही पूर्णिमा तिथि भी समाप्त हो रही है। वहीं, जो लोग पूर्णिमा का व्रत रखते है, वे शाम को साढ़े छह बजे के बाद कथा का श्रवण कर सकते हैं।
इस दिन गृभवती महिलाओं को घर से बाहर बिल्कुल नहीं निकलना चाहिए। बता दें कि कार्तिक माह की पूर्णिमा तिथि पर लगने वाला यह साल 2022 का दूसरा चंद्र ग्रहण होगा। 15 दिन पहले साल का आखिरी सूर्य ग्रहण दिवाली के अगले दिन कार्तिक अमावस्या के दिन पड़ा था।
ग्रहण भरणी नक्षत्र और मेष राशि में पड़ेगा
ज्योतिष गणना के मुताबिक साल का यह चंद्र ग्रहण मेष राशि और भरणी नक्षत्र में लगेगा। मेष राशि के स्वामी ग्रह मंगल होते हैं और इस दिन ये तीसरे भाव में वक्री अवस्था में रहेंगे। इसके अलावा चंद्रमा राहु के साथ मौजूद होंगे और सूर्य केतु, शुक्र और बुध के साथ स्थित होंगे। देवगुरु बृहस्पति अपनी स्वयं की राशि मीन और शनिदेव भी अपनी स्वयं की राशि मकर में विराजमान रहेंगे।
ग्रहण का असर पांच राशियों पर ज्यादा
ग्रहण का असर पांच राशियों पर सबसे ज्यादा होगा। इन राशि के जातकों को संभलकर रहने की सलाह दी गई है। पंडितों के अनुसार वृष, मिथुन, कन्या, तुला और वृश्चिक राशि के जातकों को सेहत, आर्थिक और कारोबार के क्षेत्र में नुकसान झेलना पड़ सकता है।
सूतक में इन बातों का रखें ध्यान....
- सूतक समय को आमतौर पर अशुभ मुहूर्त समय माना जाता है। इसे ऐसा समय कहा जा सकता है, जिसमें शुभ कार्य करने वर्जित होते है। सूतक ग्रहण समाप्ति के बाद धर्म स्थलों को फिर से पवित्र किया जाता है।
- सूतक के समय भोजन नहीं करना चाहिए। जल का भी सेवन नहीं करना चाहिए।
- ग्रहण से पहले ही जिस पात्र में पीने का पानी रखते हों, उसमें कुशा और तुलसी के कुछ पत्ते डाल देने चाहिए।
- ग्रहण के बाद पीने के पानी को बदल लेना चाहिए।
- चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को ग्रहण की छाया आदि से विशेष रूप से बचना चाहिए।