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शारदीय नवरात्र: जानिए कलश स्थापना का मुहूर्त और नौ दिनों के व्रत-अनुष्ठान

Sun, 29 Sep 2019 11:20 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 29 Sep 2019 11:20 AM IST
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Chaitra Navratri 2019 special story on kanya pujan, Navratri food
नवरात्र
शारदीय नवरात्र आज से शुरू हो गए हैं। इस बार जगतजननी मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी। सभी प्रमुख देवी मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। इस बार कलश स्थापना के लिए दो विशेष मुहूर्त हैं। 
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नवरात्र के लिए तपेश्वरी मंदिर, बाराह देवी, बुद्धा देवी समेत शहर के सभी प्रमुख देवी मंदिरों में शनिवार को तैयारियां चलती रहीं। भक्तों के दर्शन करने के लिए बैरीकेडिंग लगाई गई। इसके अलावा मंदिर परिसरों में साफ-सफाई भी की गई।
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हालांकि बारिश के चलते तैयारियों में कुछ व्यवधान भी आया। कई मंदिरों के बाहर जलभराव हो गया। ऐसे में मंदिर समितियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पानी हटवाया जाए ताकि बारिश के चलते कोई अनहोनी न हो।
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कलश स्थापना का मुहूर्त
मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:16 से लेकर 7:40 बजे तक है। दूसरा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:48 से 12:35 बजे तक है। इन विशेष मुहूर्तों के अलावा दिनभर कलश स्थापना की पूजा की जा सकती है। 

उपवास का महत्व
नवरात्र के उपवास का धार्मिक ही नहीं वैज्ञानिक भी महत्व है। ज्योतिषाचार्य स्वाती सक्सेना ने बताया कि नवरात्र के दौरान उपवास करने व नियमों के पालन करने से बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। 

तीन-तीन दिनों की पूजा
नवरात्र में नौ दिनों के उपवास करते हैं। पहले तीन दिन मां दुर्गा को समर्पित होते हैं। इसके बाद के तीन दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और अंतिम तीन दिन मां सरस्वती को समर्पित होते हैं।

नवरात्र में किस दिन कौन सा वस्त्र पहनें

प्रतिपदा (29 सितंबर) - हरा 
द्वितीया (30 सितंबर)- नीला
तृतीया (1 अक्तूबर) - लाल 
चतुर्थी (2 अक्तूबर)- नारंगी 
पंचमी (3 अक्तूबर)- पीला
षष्ठी (4 अक्तूबर)- नीला
सप्तमी (5 अक्तूबर)- बैगनी 
अष्टमी (6 अक्तूबर) - गुलाबी
नवमी (7 अक्तूबर) - सुनहरा

नवरात्र में फलाहार रहेंगे सस्ते
इस बार नवरात्र में फलाहार जेब पर ज्यादा बोझ नहीं डालेंगे। दरअसल, सभी प्रकार के मेवे और व्रत में इस्तेमाल होने वाले सिंघाड़ा और कूटू के आटे के भाव बीते वर्ष की तुलना में इस बार काफी कम है।

दि किराना मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश बाजपेयी ने बताया कि मेवों के भाव पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कम हैं। पिछले वर्ष इस अवधि में काजू के भाव 1200-1300 रुपये प्रति किलो थे। इस समय काजू के भाव 500-800 रुपये किलो है। इसी तरह बीते वर्ष किशमिश के भाव 300 रुपये किलो थे। इस वक्त किशमिश 150 रुपये प्रति किलो में उपलब्ध है। इसके अलावा बादाम के भाव भी पिछले वर्ष की तुलना में कम है। पिछले वर्ष बादाम के भाव 650 रुपये प्रति किलो थे। अब बादाम 625-630 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। 

कारोबारी राजू गुप्ता ने बताया कि नवरात्र में मखाना की मांग सबसे ज्यादा होती है। कलक्टरगंज के व्यापारी कृपाशंकर ने बताया कि इस बार पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश के चलते सिंघाड़ा की पैदावार अच्छी हुई है, जिसका असर भाव पर दिख रहा है। पिछले साल सिंघाड़ा का भाव 105 से 110 रुपये किलो था। इस बाद सिंघाड़े के भाव 70-85 रुपये प्रति किलो हैं।

बीते वर्ष सिंघाड़े के आटे के भाव 200 रुपये प्रति किलो थे। इस बार सिंघाड़े के भाव 130 रुपये प्रति किलो तक आ चुके हैं। इसी तरह असोम से आने वाले कूटू की भी अच्छी पैदावार के चलते भाव कम हैं। कूटू का आटा इस बार थोक में 35-40 रुपये किलो में बिक रहा है। पिछली बार  इसके आटे के भाव 70-80 रुपये किलो थे।  
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