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कैट : आईआईटी के छात्र यमन और पीएसआईटी के अक्षय ने मारी बाजी
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यमन मनीष।
- फोटो : संस्थान
कानपुर। आईआईएम समेत अन्य प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थानों में प्रवेश के लिए होने वाला कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) का परिणाम बुधवार को जारी हुआ। इसमें शहर के कई मेधावी छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उच्च पर्सेंटाइल हासिल किया। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड में आईआईटी कानपुर के बीटेक छात्र यमन मनीष ने 99.88 और नॉन इंजीनियरिंग बैकग्राउंड में अक्षय कपूर ने 99.13 पर्सेंटाइल हासिल कर शहर का नाम रोशन किया।
पीएसआईटी के ग्रुप निदेशक डॉ. मनमोहन ने बताया कि नॉन इंजीनियरिंग में अक्षय के सर्वाधिक पर्सेंटाइल हैं। इसके अलावा प्रियांशु गुप्ता ने 95.54 व गुरनाम सिंह ने 92.54 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं। आदित्य अस्थाना, आशना जैन, रुपल श्रीवास्तव और श्रेय शर्मा को भी उच्च पर्सेंटाइल मिले हैं। कैट की तैयारी कराने वाले आईएमएस कोचिंग के निदेशक सुनील गुप्ता और गौरव गोयल ने कहा कि पेपर कठिन होने के बावजूद शहर के छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। संस्थान की राशि अग्रवाल, जसकीरत सिंह, प्रियांश पाटनी, इशांत त्रिवेदी, प्रतिष्ठा सेंगर, शाश्वत सहित कई अन्य छात्रों का चयन भी हुआ।
यमन मनीष की आईआईएम से एमबीए की तैयारी
आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक करने वाले यमन मनीष ने मूल रूप से बंगलूरू निवासी हैं। वह कहते हैं कि शुरुआती दौर में टेक की तरफ रुझान था लेकिन तीसरे साल में दोस्तों के डिस्कस करने के बाद एमबीए करने का प्लान किया। इस कारण से कंपनी के प्लेसमेंट में भी शामिल हुआ। यमन कहते हैं कि आईआईएम कोलकाता पहली पसंद है और उम्मीद है कि उसमें चयन हो जाएगा। उनके पिता मनीष इंजीनियर और मां सुनीता होममेकष्हैं।
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एमबीए के बाद स्टार्टअप करेंगे अक्षय
मूल रूप से लखनऊ निवासी पीएसआईटी से बीबीए कर रहे अक्षय कपूर को यह सफलता पहले प्रयास में मिली हैं। वह आईआईएम से एमबीए के बाद स्टार्टअप करना चाहते हैं। अक्षय के पिता मनीष कपूर एलआईसी में एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर हैं और मां रितु कपूर लखनऊ के सेंट्रल एकेडमी में शिक्षिका हैं। उनकी 12वीं की पढ़ाई भी सेंट्रल एकेडमी से ही हुई है। अक्षय कहते हैं कि बड़ी बहन बीटेक के बाद एमबीए करके बंगलूरू में जॉब कर रही हैं। उन्हीं के कहने पर एमबीए का प्लान किया। अक्षय कहते हैं कि नॉन इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से कैट क्वालीफाई करने के कारण टॉप आईआईएम कॉलेज से कॉल आ सकती है।
कॉलेज के आधार पर प्रियांशु तय करेंगे भविष्य
पीएसआईटी से बीटेक करने वाले प्रियांशु गुप्ता को कैट में 95.54 पर्सेंटाइल मिले हैं। बीटेक में भी अच्छी जॉब पा चुके प्रियांशु कहते हैं कि कॉलेज के आधार पर ही तय होगा कि जॉब करनी है या एमबीए करना है। लखनऊ निवासी प्रियांशु के पिता पंकज कुमार गुप्ता बिजनेसमैन और मां सलोनी गुप्ता होममेकर हैं।
गुरनाम को एमबीए के बाद बिजनेस प्लान पर करना है काम
कौशलपुरी निवासी गुरनाम सिंह पीएसआईटी से बीबीए कर रहे हैं। पहले प्रयास में सफलता पाने वाले गुरनाम कहते हैं कि आईआईएम का सपना है लेकिन अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं। उनके पिता मंगल सिंह बिजनेसमैन और मां गुरमीत कौर गृहिणी हैं। गुरनाम कहते हैं कि एमबीए के बाद कुछ साल जॉब करेंगे। इसके बाद अपने बिजनेस प्लान पर फोकस करेंगे। कॉलेज से ही बिजनेस प्लान पर काम कर रहे हैं।
फाइनेंस का कोर्स सीपीए करना चाहती हैं राशि
राशि अग्रवाल ने 98.52 पर्सेंटाइल पाए हैं। शारदानगर निवासी राशि ने 2025 में सीएसजेएमयू से बीकॉम आनर्स किया है। पिता राकेश कुमार अग्रवाल सीए हैं और मां रश्मि अग्रवाल गृहिणी हैं। राशि कहती हैं कि पहले प्रयास में सफलता मिली है। आईएमएस से कोचिंग करने वाली राशि आईआईएम के लिए तैयार है। उनको अन्य कॉलेज से एमबीए करने से भी गुरेज नहीं है। भविष्य में फाइनेंस का कोर्स सीपीए करना चाहती हैं। कहती हैं कि पिता ने सीए की तैयारी के लिए कहा था लेकिन मैं अपने आईआईएम के सपने को पूरा करना चाहती थी।
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पीएसआईटी के ग्रुप निदेशक डॉ. मनमोहन ने बताया कि नॉन इंजीनियरिंग में अक्षय के सर्वाधिक पर्सेंटाइल हैं। इसके अलावा प्रियांशु गुप्ता ने 95.54 व गुरनाम सिंह ने 92.54 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं। आदित्य अस्थाना, आशना जैन, रुपल श्रीवास्तव और श्रेय शर्मा को भी उच्च पर्सेंटाइल मिले हैं। कैट की तैयारी कराने वाले आईएमएस कोचिंग के निदेशक सुनील गुप्ता और गौरव गोयल ने कहा कि पेपर कठिन होने के बावजूद शहर के छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। संस्थान की राशि अग्रवाल, जसकीरत सिंह, प्रियांश पाटनी, इशांत त्रिवेदी, प्रतिष्ठा सेंगर, शाश्वत सहित कई अन्य छात्रों का चयन भी हुआ।
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यमन मनीष की आईआईएम से एमबीए की तैयारी
आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक करने वाले यमन मनीष ने मूल रूप से बंगलूरू निवासी हैं। वह कहते हैं कि शुरुआती दौर में टेक की तरफ रुझान था लेकिन तीसरे साल में दोस्तों के डिस्कस करने के बाद एमबीए करने का प्लान किया। इस कारण से कंपनी के प्लेसमेंट में भी शामिल हुआ। यमन कहते हैं कि आईआईएम कोलकाता पहली पसंद है और उम्मीद है कि उसमें चयन हो जाएगा। उनके पिता मनीष इंजीनियर और मां सुनीता होममेकष्हैं।
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एमबीए के बाद स्टार्टअप करेंगे अक्षय
मूल रूप से लखनऊ निवासी पीएसआईटी से बीबीए कर रहे अक्षय कपूर को यह सफलता पहले प्रयास में मिली हैं। वह आईआईएम से एमबीए के बाद स्टार्टअप करना चाहते हैं। अक्षय के पिता मनीष कपूर एलआईसी में एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर हैं और मां रितु कपूर लखनऊ के सेंट्रल एकेडमी में शिक्षिका हैं। उनकी 12वीं की पढ़ाई भी सेंट्रल एकेडमी से ही हुई है। अक्षय कहते हैं कि बड़ी बहन बीटेक के बाद एमबीए करके बंगलूरू में जॉब कर रही हैं। उन्हीं के कहने पर एमबीए का प्लान किया। अक्षय कहते हैं कि नॉन इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से कैट क्वालीफाई करने के कारण टॉप आईआईएम कॉलेज से कॉल आ सकती है।
कॉलेज के आधार पर प्रियांशु तय करेंगे भविष्य
पीएसआईटी से बीटेक करने वाले प्रियांशु गुप्ता को कैट में 95.54 पर्सेंटाइल मिले हैं। बीटेक में भी अच्छी जॉब पा चुके प्रियांशु कहते हैं कि कॉलेज के आधार पर ही तय होगा कि जॉब करनी है या एमबीए करना है। लखनऊ निवासी प्रियांशु के पिता पंकज कुमार गुप्ता बिजनेसमैन और मां सलोनी गुप्ता होममेकर हैं।
गुरनाम को एमबीए के बाद बिजनेस प्लान पर करना है काम
कौशलपुरी निवासी गुरनाम सिंह पीएसआईटी से बीबीए कर रहे हैं। पहले प्रयास में सफलता पाने वाले गुरनाम कहते हैं कि आईआईएम का सपना है लेकिन अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं। उनके पिता मंगल सिंह बिजनेसमैन और मां गुरमीत कौर गृहिणी हैं। गुरनाम कहते हैं कि एमबीए के बाद कुछ साल जॉब करेंगे। इसके बाद अपने बिजनेस प्लान पर फोकस करेंगे। कॉलेज से ही बिजनेस प्लान पर काम कर रहे हैं।
फाइनेंस का कोर्स सीपीए करना चाहती हैं राशि
राशि अग्रवाल ने 98.52 पर्सेंटाइल पाए हैं। शारदानगर निवासी राशि ने 2025 में सीएसजेएमयू से बीकॉम आनर्स किया है। पिता राकेश कुमार अग्रवाल सीए हैं और मां रश्मि अग्रवाल गृहिणी हैं। राशि कहती हैं कि पहले प्रयास में सफलता मिली है। आईएमएस से कोचिंग करने वाली राशि आईआईएम के लिए तैयार है। उनको अन्य कॉलेज से एमबीए करने से भी गुरेज नहीं है। भविष्य में फाइनेंस का कोर्स सीपीए करना चाहती हैं। कहती हैं कि पिता ने सीए की तैयारी के लिए कहा था लेकिन मैं अपने आईआईएम के सपने को पूरा करना चाहती थी।