यूपी में छुआछूत का दंश: अछूत बता कक्षा में बैठाते हैं दूर, शिकायत पर डांटकर भगा देते हैं शिक्षक
आधुनिकता के इस दौर में भी लोग छुआछूत की दीवारों को नहीं मिटा पा रहे। स्कूलों में भी कई बार ऐसी घटनाएं सुनने को मिल जाती हैं। ताजा मामला, अमरपुर के प्राथमिक विद्यालय का है, जहां कुछ छात्रों को अछूत बताकर दूर बिठाया जा रहा है।
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देश विश्व की महाशक्ति बनने के ख्वाब देख रहा है, लेकिन समाज अभी भी अपनी सोच और नजरिए को नहीं बदल पा रहा। जिन सामजिक बुराइयों को जड़ से मिटाने के लिए हमने लंबी लड़ाई लड़ी है। उन बुराइयों से जुड़े मामलों का सामने आना बेहद दुखद है। ऐसा ही एक मामला, उत्तर प्रदेश के चित्रकुट में आया है।
यहां के मानिकपुर विकासखंड के गांव अमरपुर में प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने जाने वाले छात्रों को अछूत बताकर कक्षा में दूर बैठाया जाता है। पीड़ित छात्रों में काजल, संगीता, गोविंद और मुकेश शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हम लोग अमरपुर के विद्यालय में पढ़ने जाते हैं, लेकिन अन्य जाति के बच्चे छुआछूत के चलते हम लोगों को मार कर दूर बैठाने की कोशिश करते हैं। जब इसकी शिकायत हमने अध्यापक से की, तो उन्होंने भी हमें डांटकर भगा दिया।
इस छुआछूत के रवैए से तंग आकर गांव के बच्चों ने स्कूल में पढ़ाई करना बंद कर दिया है। यहां तक कि विद्यालय में लगे हैंडपंप से विशेष जाति के बच्चे हमें पानी भी पीने नहीं देते हैं।
यह मामला जब अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो जनपद में हड़कंप मच गया। अध्यापक की जांच करने के लिए अधिकारियों का तांता लगा हुआ है। मानिकपुर तहसील के एसडीएम, थाना प्रभारी और खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल में पहुंचकर जांच की और कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि छुआछूत का मुद्दा विद्यालय में पैदा हुआ, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इस मामले में तहसीलदार मानिकपुर राजेश कुमार यादव का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। मौके पर जाकर इसकी जांच की गई है और संबंधित अध्यापकों को फटकार लगाते हुए कहा गया है कि अगर यह रवैया रहा, तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।