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पुलिस हिरासत से हिस्ट्रीशीटर को भगाने का मामला : अधिवक्ता नारायण भदौरिया व गोपाल शरण को सेशन कोर्ट से मिली जमानत

Tue, 08 Jun 2021 01:07 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 08 Jun 2021 01:07 PM IST
सार

जिला जज ने 25-25 हजार की 2 जमानतों और निजी मुचलके पर दोनों की रिहाई के आदेश दिए। 

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case of Dispute between BJP workers and police, Advocates Narayan Bhadauria and Gopal Sharan got bail from the sessions court
पुलिस पर हमला कर अपराधी को भगाने का मामला (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में भाजपा पदाधिकारी के जन्मदिन समारोह में शामिल होने पहुंचे हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को पकड़ने गई पुलिस के साथ धक्का-मुक्की कर उसे भगाने के मामले में आरोपी दो अधिवक्ताओं नारायण सिंह भदौरिया व गोपाल शरण सिंह चौहान को मंगलवार को जिला जज रामपाल सिंह ने जमानत दे दी है।
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25-25 हजार की दो जमानतों और निजी बंधपत्र पर दोनों को रिहा करने का आदेश दिया गया है। नौबस्ता स्थित आकर्षण गेस्ट हाउस में 2 जून की दोपहर भाजपा के पूर्व दक्षिण जिला मंत्री नारायण सिंह भदौरिया का जन्मदिन समारोह मनाया जा रहा था।
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इसमें पार्टी नेताओं के साथ कई अधिवक्ता मौजूद थे। पार्टी में बर्रा थाने का हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह भी पहुंचा था। जिसकी खबर पुलिस को लग गई। नौबस्ता पुलिस ने दबिश देकर मनोज को गिरफ्तार कर लिया और जीप में बैठाकर थाने ले जाने लगी।
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इसी बीच कुछ लोगों ने धक्का-मुक्की व मारपीट कर मनोज को वहां से भगा दिया था। नौबस्ता पुलिस ने नारायण सिंह समेत 9 नामजद व 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। अगले दिन मनोज सिंह को नौबस्ता से जबकि आरोपी नारायण भदौरिया, गोपाल चौहान व रॉकी यादव को नोएडा से गिरफ्तार किया गया था।

नारायण सिंह और गोपाल शरण अधिवक्ता हैं। शनिवार को पुलिस को उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना था। दिनभर अधिवक्ताओं का हुजूम कचहरी के बाहर इकट्ठा रहा। अनहोनी की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने रात लगभग 9:00 बजे दोनों को रिमांड मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया था जहां दोनों की जमानत अर्जी भी दाखिल कर दी गई थी लेकिन दोनों का अपराधिक इतिहास मंगाने के नाम पर अभियोजन ने समय मांगा था।


सोमवार को सुनवाई के बाद  सीएमएम शैलेंद्र यादव ने तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। सोमवार को ही सेशन कोर्ट में दोनों अधिवक्ताओं की ओर से जमानत की गुहार लगाई गई थी। जहां सुनवाई के बाद आज दोनों को जमानत मिल गई। पुलिस ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में  चौबेपुर स्थित अस्थाई जेल में रखा है।
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