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निवेश के नाम पर 25 हजार करोड़ की ठगी का मामला, पूर्व राज्यसभा सदस्य सहित सात पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट
Thu, 05 Sep 2019 11:45 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 05 Sep 2019 11:45 PM IST
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में निवेश के नाम पर 25 हजार करोड़ की ठगी करने के आरोप में पूर्व राज्यसभा सदस्य केडी सिंह समेत सात लोगों पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हो गई। रिपोर्ट बुधवार रात को एसएसपी के आदेश पर कोतवाली थाने में दर्ज की गई। केडी सिंह पर आरोप है कि रियल इस्टेट कंपनियां बनाकर रकम दोगुना करने का लालच दे देशभर के 15 लाख लोगों से हजारों करोड़ रुपये ठगे हैं।
शहर के भी करीब 10 हजार लोगों ने एक हजार करोड़ रुपये गंवाए हैं। श्यामनगर निवासी पवन मिश्रा ने बताया कि अलकेमिस्ट इन्फ्रा रियलिटी लिमिटेड व अलकेमिस्ट टाउनशिप लिमिटेड का दफ्तर 2010 में मॉल रोड पर खुला था। पूर्व राज्यसभा सदस्य केडी सिंह कंपनियों के चेयरमैन व निदेशक है।
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शहर के भी करीब 10 हजार लोगों ने एक हजार करोड़ रुपये गंवाए हैं। श्यामनगर निवासी पवन मिश्रा ने बताया कि अलकेमिस्ट इन्फ्रा रियलिटी लिमिटेड व अलकेमिस्ट टाउनशिप लिमिटेड का दफ्तर 2010 में मॉल रोड पर खुला था। पूर्व राज्यसभा सदस्य केडी सिंह कंपनियों के चेयरमैन व निदेशक है।
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कुल 15 कंपनियों बनाकर 15 लाख लोगों से करोड़ों की ठगी करने का है आरोप
पवन के मुताबिक वे कंपनी के निदेशक सतेंद्र कुमार सिंह, सुचेता खेमका, जयश्री प्रकाश, बृजमोहन महाजन, छत्रसाल सिंह उर्फ नरेंद्र सिंह व नंद किशोर सिंह से मिले। उन्होंने रकम पर 18 फीसदी ब्याज देने का दावा किया। रकम के बदले जमीन का भी विकल्प दिया। झांसे में आकर उनके साथ ही शहर के करीब 10 हजार लोगों ने करीब एक हजार करोड़ रुपये निवेश कर दिए।
जनवरी में रकम वापस होनी थी, उसके पहले ही कंपनी के दफ्तरों में ताला लटक गया। करीब दो सप्ताह पहले पवन ने इसकी शिकायत एसएसपी अनंत देव से की थी। एसएसपी के आदेश पर सीओ कोतवाली राजेश पांडेय ने जांच की। सीओ ने बताया कि जांच में फर्जीवाड़े के साक्ष्य मिले हैं। उसी आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
जनवरी में रकम वापस होनी थी, उसके पहले ही कंपनी के दफ्तरों में ताला लटक गया। करीब दो सप्ताह पहले पवन ने इसकी शिकायत एसएसपी अनंत देव से की थी। एसएसपी के आदेश पर सीओ कोतवाली राजेश पांडेय ने जांच की। सीओ ने बताया कि जांच में फर्जीवाड़े के साक्ष्य मिले हैं। उसी आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सेबी की रिपोर्ट को बनाया मुख्य साक्ष्य, कानपुर के 10 हजार लोगों ने गंवाए एक हजार करोड़
इन कंपनियों की आड़ में धोखाधड़ी
पवन मिश्रा के मुताबिक 2013 में सेबी ने भी मामले जांच की थी। जांच में इन दोनों कंपनियों समेत केडी सिंह की 15 कंपनियों को फर्जी बताया था। इसमें अलकेमिस्ट टाउनशिप इंडिया लिमिटेड, अलकेमिस्ट इंफ्रा वेंचर्स लिमिटेड, अलकेमिस्ट रियलप्रो प्रालि, हिमांशी सॉफ्टेक प्रालि, अलकेमिस्ट असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड, अलकेमिस्ट हॉस्पिटल लिमिटेड, अलकेमिस्ट रियलिटी लिमिटेड, अलकेमिस्ट लाइफ साइंसेस लिमिटेड, अलकेमिस्ट मीडिया लिमिटेड, अलकेमिस्ट एफबी लिमिटेड, अलकेमिस्ट होटल रिसॉर्ट लिमिटेड, अलकेमिस्ट फाइडलिटी सर्विसेज प्रालि, अलकेमिस्ट यूनिवर्स ऑफ एजुकेशन लिमिटेड कंपनियां शामिल हैं।
ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर हो सकती है जांच
सीओ ने बताया कि धोखाधड़ी हजारों करोड़ रुपये की है। इसलिए शुरुआती जांच के बाद आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को जांच ट्रांसफर करने के लिए अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहां से रिपोर्ट शासन को जाएगी। शासन की मंजूरी मिलती है तो जांच ईओडब्ल्यू करेगी।
पवन मिश्रा के मुताबिक 2013 में सेबी ने भी मामले जांच की थी। जांच में इन दोनों कंपनियों समेत केडी सिंह की 15 कंपनियों को फर्जी बताया था। इसमें अलकेमिस्ट टाउनशिप इंडिया लिमिटेड, अलकेमिस्ट इंफ्रा वेंचर्स लिमिटेड, अलकेमिस्ट रियलप्रो प्रालि, हिमांशी सॉफ्टेक प्रालि, अलकेमिस्ट असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड, अलकेमिस्ट हॉस्पिटल लिमिटेड, अलकेमिस्ट रियलिटी लिमिटेड, अलकेमिस्ट लाइफ साइंसेस लिमिटेड, अलकेमिस्ट मीडिया लिमिटेड, अलकेमिस्ट एफबी लिमिटेड, अलकेमिस्ट होटल रिसॉर्ट लिमिटेड, अलकेमिस्ट फाइडलिटी सर्विसेज प्रालि, अलकेमिस्ट यूनिवर्स ऑफ एजुकेशन लिमिटेड कंपनियां शामिल हैं।
ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर हो सकती है जांच
सीओ ने बताया कि धोखाधड़ी हजारों करोड़ रुपये की है। इसलिए शुरुआती जांच के बाद आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को जांच ट्रांसफर करने के लिए अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहां से रिपोर्ट शासन को जाएगी। शासन की मंजूरी मिलती है तो जांच ईओडब्ल्यू करेगी।