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शराब पीने पर नहीं चलेगी कार और बाइक, सीएसजेएमयू में हैकॉथान प्रतियोगिता के विजेता ने बनाई डिवाइस
Fri, 06 Mar 2020 11:48 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 06 Mar 2020 11:48 AM IST
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डिवाइस दिखाते छात्र छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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अगर आपने शराब पी रखी है तो आपकी गाड़ी नहीं चलेगी। छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी के यूआईईटी के छात्रों ने यह डिवाइस बनाई है। इसकी खासियत यह है कि शराब की महक आने पर यह डिवाइस वाहन के इंजन को बंद कर देगी। यूनिवर्सिटी में चल रही हैकाथॉन प्रतियोगिता में इस मॉडल को पेश करने वाली टीम को विजेता चुना गया।
टीम को पांच हजार रुपये पुरस्कार मिला है। यूआईईटी के इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन विभाग के तृतीय वर्ष के छात्र जितेंद्र दुबे, उदित मिश्रा, खुर्शीद हसन खान और उपासना संतोषी ने ऐसी डिवाइस बनाई जिसमें सेंसर भी लगे हैं। यह शराब की महक चार से पांच सेंटीमीटर की रेंज में पकड़ लेगी। जितेंद्र ने बताया कि कार की स्टीयरिंग और बाइक के स्टार्ट बटन के पास यह डिवाइस फिट होगी।
जैसे ही कोई व्यक्ति शराब पीकर गाड़ी चलाएगा, गाड़ी का इंजन बंद हो जाएगा। छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी में हुई इंटनर्ल हैकॉथान फॉर स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2020 प्रतियोगिता में नौ टीमों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय पाठक और एचबीटीयू के कुलपति प्रो. एनबी सिंह, विवि की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता शामिल रहीं।
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टीम को पांच हजार रुपये पुरस्कार मिला है। यूआईईटी के इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन विभाग के तृतीय वर्ष के छात्र जितेंद्र दुबे, उदित मिश्रा, खुर्शीद हसन खान और उपासना संतोषी ने ऐसी डिवाइस बनाई जिसमें सेंसर भी लगे हैं। यह शराब की महक चार से पांच सेंटीमीटर की रेंज में पकड़ लेगी। जितेंद्र ने बताया कि कार की स्टीयरिंग और बाइक के स्टार्ट बटन के पास यह डिवाइस फिट होगी।
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जैसे ही कोई व्यक्ति शराब पीकर गाड़ी चलाएगा, गाड़ी का इंजन बंद हो जाएगा। छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी में हुई इंटनर्ल हैकॉथान फॉर स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2020 प्रतियोगिता में नौ टीमों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय पाठक और एचबीटीयू के कुलपति प्रो. एनबी सिंह, विवि की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता शामिल रहीं।
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प्रो. विनय पाठक ने कहा कि 2030 में कौशल में पारंगत छात्र ही अव्वल होंगे। इस मौके पर डॉ. राशी अग्रवाल, डॉ. रवींद्र नाथ सिंह मौजूद रहीं। हैकाथॉन प्रतियोगिता की दूसरी विजेता टीम ने ऐसी डिवाइस बनाई जो दिव्यांग व्यक्तियों के मूवमेंट पर उनका मैसेज उनके परिवार के सदस्यों के पास पहुंचा देगी।
राहुल तिवारी, दिव्यांशु मिश्रा, राहुल विश्वकर्मा, पीयूष यादव, रामगोपाल दुबे और प्राची शर्मा ने बताया कि यह डिवाइस अपंग या पैरालाइज व्यक्ति के शरीर के किसी भी अंग में फिट कर दी जाएगी साथ ही सिर के मूवमेंट के हिसाब से मैसेज सेट कर देंगे। मसलन दाएं सिर हिलाने पर पानी मांगने, बाएं सिर हिलाने पर वॉशरूम जाने का मैसेज परिवार के पास पहुंच जाएगा।
यूरिन से बनाई यूरिया
प्रतियोगिता के तीसरे विजेता ने यूरिन से यूरिया बनाई है। बायोटेक साइंस के तृतीय साल के विकास चौरसिया, विकास पांडे, प्रमोद यादव, अक्षिता यादव, अधिश्री यादव और इमरान अहमद ने बताया कि यूरिन में यूरिया भी होता है। अगर देश भर की आबादी के यूरिन से अगर यूरिया बनाया जाए तो साल भर में 450 लाख मीट्रिक टन यूरिया तैयार किया जा सकता है।
राहुल तिवारी, दिव्यांशु मिश्रा, राहुल विश्वकर्मा, पीयूष यादव, रामगोपाल दुबे और प्राची शर्मा ने बताया कि यह डिवाइस अपंग या पैरालाइज व्यक्ति के शरीर के किसी भी अंग में फिट कर दी जाएगी साथ ही सिर के मूवमेंट के हिसाब से मैसेज सेट कर देंगे। मसलन दाएं सिर हिलाने पर पानी मांगने, बाएं सिर हिलाने पर वॉशरूम जाने का मैसेज परिवार के पास पहुंच जाएगा।
यूरिन से बनाई यूरिया
प्रतियोगिता के तीसरे विजेता ने यूरिन से यूरिया बनाई है। बायोटेक साइंस के तृतीय साल के विकास चौरसिया, विकास पांडे, प्रमोद यादव, अक्षिता यादव, अधिश्री यादव और इमरान अहमद ने बताया कि यूरिन में यूरिया भी होता है। अगर देश भर की आबादी के यूरिन से अगर यूरिया बनाया जाए तो साल भर में 450 लाख मीट्रिक टन यूरिया तैयार किया जा सकता है।