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शुरू हुई बोगी-पटरियों की गहन जांच
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 26 Nov 2016 12:43 AM IST
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पुखरायां ट्रेन हादसे के बाद की तस्वीर
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इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे में क्षतिग्रस्त हुई बोगियों और पटरियों के नमूनों की जांच लखनऊ स्थित रेलवे की संस्था रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) में शुरू हो गई है। यह संस्था 15 दिन में अपनी रिपोर्ट जांच अधिकारी बने मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त को सौंप देगी। शुक्रवार को टीम सील बंद सैंपल लखनऊ लेकर गई है।
रेलवे की यह लैब अपनी रिपोर्ट उन बिंदुओं पर देगी, जिसमें यह पता चल सके कि बोगियों और पटरियों में क्या-क्या खामियां हैं। पटरियों की जांच से उसकी गुणवत्ता, आयु, लोड बर्दाश्त करने की क्षमता का पता चलेगा। बोगियों में प्रयुक्त धातु की गुणवत्ता मानक के मुताबिक है या नहीं। बोगी के फ्लोर पर जंग, ग्रीस, पहिये के एक्सेल, फ्लैट (पहियों में छेद) और शिकायतों के मुताबिक आवाज आने की वजह की जांच की जाएगी।
दरअसल, इस हादसे के बाद पूरी जांच के बिंदु बोगी और पटरियों में खामियां हैं। कार्रवाई में भी झांसी मंडल के पांच इंजीनियरों में दो कैरिज एंव वैगन (कोच मेंटेनेंस) और तीन इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट लाइन (ट्रैक मेंटेनेंस) के लोग निलंबित हुए हैं। 15 दिन में आरडीएसओ की रिपोर्ट मिलने के बाद एक महीने में सीआरएस अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को देंगे।
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रेलवे की यह लैब अपनी रिपोर्ट उन बिंदुओं पर देगी, जिसमें यह पता चल सके कि बोगियों और पटरियों में क्या-क्या खामियां हैं। पटरियों की जांच से उसकी गुणवत्ता, आयु, लोड बर्दाश्त करने की क्षमता का पता चलेगा। बोगियों में प्रयुक्त धातु की गुणवत्ता मानक के मुताबिक है या नहीं। बोगी के फ्लोर पर जंग, ग्रीस, पहिये के एक्सेल, फ्लैट (पहियों में छेद) और शिकायतों के मुताबिक आवाज आने की वजह की जांच की जाएगी।
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दरअसल, इस हादसे के बाद पूरी जांच के बिंदु बोगी और पटरियों में खामियां हैं। कार्रवाई में भी झांसी मंडल के पांच इंजीनियरों में दो कैरिज एंव वैगन (कोच मेंटेनेंस) और तीन इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट लाइन (ट्रैक मेंटेनेंस) के लोग निलंबित हुए हैं। 15 दिन में आरडीएसओ की रिपोर्ट मिलने के बाद एक महीने में सीआरएस अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को देंगे।
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