इटावा: फंदे से लटका मिला 12 वर्ष के बालक का शव, हत्या या आत्महत्या में उलझी गुत्थी, पुलिस कर रही जांच
जसवंतनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले 12 साल के बच्चे का शव पेड़ से लटकता मिला। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया है और परिवार के लोग कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं हैं। वहीं, सूचना पर पहुंची पुलिस जांच में जुट गई है।
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इटावा के जसवंतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम जैनपुर नागर के मजरा केवाला में शुक्रवार को 12 वर्षीय बालक का शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर ने पहुंचकर जांच पड़ताल की है। गांव के जूनियर कंपोजिट स्कूल के कक्षा सात का छात्र यश कुमार उर्फ शिवा पुत्र रणवीर सिंह यादव शुक्रवार को छुट्टी होने के कारण स्कूल नहीं गया था।
मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर 12 बजे के आसपास वह घर से शौच की बात कहकर निकला था। एक बजे तक घर वापस न लौटने पर मां रूबी ने उसकी तलाश शुरू की। मां गांव में तलाश ही रही थी कि गांव की गोशाला के सेवक ने खेत पर पेड़ से शव लटका होने की सूचना दी। इस पर हड़कंप मच गया। यश की मां और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो शव देखकर मां बेसुध हो गई।
सूचना पर जसवंतनगर थाना प्रभारी निरीक्षक रण बहादुर सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पिता रणवीर सिंह किसान हैं। उनके पास चार बीघा जमीन है। बड़ा भाई 14 वर्षीय अभिषेक है। घटना की सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने बच्चे में सांस चलने की उम्मीद के साथ पेड़ से शव को उतार लिया था, मगर उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी।
हत्या या आत्महत्या
शिवा के फंदे पर लटके मिलने से परिवार सदमे में हैं। परिवार के लोग कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि 12 साल का बच्चा कैसे फांसी लगा सकता है। सवाल उठता है कि वह क्या घर से रस्सी लेकर निकला था, जिससे फांसी लगा ली।
परिवार के लोगों का कहना है कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है और न ही वह इतने संपन्न हैं कि किसी ने फिरौती के लिए अपहरण कर लिया। बच्चे के शोर मचाने और पहचाने जाने के डर से फंदा डालकर हत्या कर दी हो। कोतवाल रणबहादुर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।