बिकरू कांड: सीजेएम कोर्ट में होगी रिचा दुबे केस की सुनवाई, बचाव पक्ष ने क्षेत्राधिकार पर उठाए थे सवाल
Kanpur Dehat News: बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे की पत्नी पर दूसरे की आईडी से लिए सिम के उपयोग का मामला दर्ज हुआ था। मामले में बचाव पक्ष ने क्षेत्राधिकार पर सवाल उठाए थे। इसके बाद एंटी डकैती कोर्ट ने पत्रावली सीजेएम कोर्ट में भेजी थी।
विस्तार
कानपुर देहात में कुख्यात विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे के खिलाफ दर्ज दूसरे की आईडी से सिम का उपयोग करने के मामले की सुनवाई अब सीजेएम कोर्ट में होगी। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 14 अप्रैल की तिथि तय की है। बता दें मामले में लंबे समय से सुनवाई लंबित चल रही थी।
दो जुलाई 2020 को हुए बिकरू कांड के बाद मुख्य आरोपी कुख्यात विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे के खिलाफ चौबेपुर पुलिस ने दूसरे की आईडी से लिए गए सिम का उपयोग करने का मामला दर्ज किया था। मामले की विवेचना कर विवेचक ने आरोपपत्र एंटी डकैती कोर्ट में दाखिल किया था।
एंटी डकैती कोर्ट ने 18 फरवरी 2021 को इस पर संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की थी। इसी दौरान रिचा दुबे के अधिवक्ता सीपी शुक्ला ने एंटी डकैती कोर्ट में चल रही सुनवाई को चुनौती देते हुए अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इसमें तर्क रखा था कि रिचा दुबे पर पुलिस ने जो आरोप लगाए हैं।
दो जुलाई 2020 को हुआ था बिकरू कांड
उसकी सुनवाई का क्षेत्राधिकार निचली अदालत को है। एंटी डकैती कोर्ट की परिधि में यह मामला नहीं आता है। रिचा दुबे पर पुलिस ने दूसरे की आईडी से लिए गए सिम का उपयोग करने का मामला 19 नवंबर 2020 में दर्ज किया था, जबकि बिकरू कांड दो जुलाई 2020 को हुआ था।
रिचा दुबे का मामले को कोई संबंध नहीं
दोनों मामलों में भी आपस में कोई संबंध नहीं है। इसलिए रिचा दुबे के मामले को बिकरू कांड के मुख्य मामले के साथ जोड़कर सुनवाई नहीं की जा सकती है। अभियोजन पक्ष ने बचाव पक्ष के प्रार्थना पत्र पर आपत्ति पेश करते हुए तर्क रखा था कि अदालत की ओर से आरोप पत्र को संज्ञान लिया जा चुका है।
कोर्ट में लंबित चल रही थी सुनवाई
बिकरू कांड के मामले की सुनवाई इसी अदालत में चल रही है बचाव पक्ष मात्र मामले को लंबित रखने के लिए पत्रावली निचली अदालत में भेजने की बात कह रहा है। हालांकि अदालत में बिकरू कांड के मुख्य मामले की सुनवाई के चलते रिचा दुबे के मामले की सुनवाई लंबित चल रही थी।
क्षेत्राधिकार पर उठाए थे सवाल
इससे बचाव पक्ष के प्रार्थना पत्र का निस्तारण नहीं हो सका था। वर्तमान में मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट के पीठासीन अधिकारी बाकर शमीम रिजवी की अदालत में चल रही है। इसके बाद फिर बचाव पक्ष ने कोर्ट में क्षेत्राधिकार पर सवाल उठाते हुए प्रार्थना पत्र के निस्तारण करने की मांग की थी।
14 अप्रैल को होगी मामले की सुनवाई
बचाव पक्ष के अधिवक्ता सीपी शुक्ला ने बताया कि अदालत ने तर्कों से सहमत होते हुए मामले में आगे की सुनवाई के लिए पत्रावली सीजेएम कोर्ट में भेज दी है। इधर, रिचा दुबे के अदालत हाजिर न होने पर उनकी हाजिरी माफी दी गई हैं। अब सीजेएम अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए 14 अप्रैल की तिथि नियत की है।