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Kanpur News: भद्रा का नहीं प्रभाव, कल दिन भर बांधे भाई को राखी

Fri, 08 Aug 2025 01:50 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 08 Aug 2025 01:50 AM IST
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Bhadra has no effect, tie Rakhi to your brother all day long tomorrow
कानपुर। रक्षाबंधन का त्योहार शनिवार को पूर्ण शुभता और विशेष संयोगों में मनाया जाएगा। इस बार बहनों को भाइयों की कलाई पर स्नेह की डोर बांधने के लिए पूरा दिन मिलेगा क्योंकि भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा।
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ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि पंचांग के अनुसार कई वर्षों बाद अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं रहेगी। श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य और सर्वार्थसिद्धि जैसे महाशुभ संयोग बन रहे हैं। रक्षाबंधन के दिन श्रवण नक्षत्र और शनिवार का योग बहुत कम बनता है। इस दिन चंद्र मकर राशि में रहेगा और मकर राशि के स्वामी शनि हैं। यह योग सभी राशियों के जातकों के लिए शुभ रहेंगे।
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रक्षाबंधन पर शुभ मुहुर्त
अंतरंग फाउंडेशन की संस्थापक ज्योतिषाचार्या डॉ. स्वाति सक्सेना ने बताया कि सावन पूर्णिमा तिथि आठ अगस्त की दोपहर 2:12 बजे शुरू होगी जो नाै अगस्त की दोपहर 1:24 बजे समाप्त होगी। पूर्णिमा तिथि का आरंभ विष्टि करण भद्रा में होगा जो शुभ नहीं है। भद्रा की समाप्ति आठ अगस्त की रात 1:55 बजे होगी। इसलिए नाै अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व भद्रा रहित मनाया जाएगा। सर्वार्थ सिद्ध योग नाै अगस्त की सुबह 5:30 से दोपहर 2:30 बजे तक रहेगा। इस दाैरान रक्षा सूत्र बांधने से सभी मनोरथ सिद्ध होते हैं।
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धन-धान्य की दृष्टि से बेहद उत्तम
ज्योतिषाचार्य पं. पीएन द्विवेदी ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन दोपहर 2:23 बजे तक श्रवण नक्षत्र रहेगा। इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र लग जाएगा। इस वर्ष किसी प्रकार का दोष नहीं है इसलिए पूरे दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन सौभाग्य व सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है जो धन-धान्य की दृष्टि से अच्छा रहेगा।


पहले भगवान गणेश को बांधे राखी
पं. गौरव तिवारी ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन सबसे पहले भगवान गणेश को राखी बांधे। विघ्नहर्ता को राखी बांधने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं। डर या भय सताने पर हनुमान को भी राखी बांध सकती हैं। भगवान भोलेनाथ को भी राखी बांधी जा सकती है। यह भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करने का तरीका है। जब द्रोपदी का चीरहरण किया जा रहा था तब भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी रक्षा की थी इसलिए भगवान श्रीकृष्ण को भी राखी बांध सकती है।
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