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बांग्लादेशी युवती का सौदा 15 हजार टका में, पेशी पर आए अयाज ने किया खुलासा, नाव से पार कराई सीमा
Sat, 23 Jan 2021 12:03 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
आशीष अग्रवाल, अमर उजाला, कानपुर
आशीष अग्रवाल, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 23 Jan 2021 12:03 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pexels.com
बांग्लादेशी युवती को बिना पासपोर्ट-वीजा के बांग्लादेश से भारत लाने के लिए आरोपी अयाज ने रज्जाक से 15 हजार टका लिए थे। रुपये मिलने पर वह नाव से युवती को सीमा पार कराकर भारत ले आया। इस बात का खुलासा कोर्ट में पेशी पर आए अयाज ने किया।
बांग्लादेशी युवती को बेचने दिल्ली ले जा रहे दो रोहिंग्या मुसलमानों के मामले की सुनवाई शुक्रवार को अपर जिला जज सप्तम अभिषेक उपाध्याय की अदालत में हुई। कोर्ट में वादी मुकदमा जीआरपी इंस्पेक्टर राममोहन राय और एफआईआर लेखक विनोद पांडे के बयान दर्ज किए गए।
मामले में अगली सुनवाई 25 जनवरी को होगी। जीआरपी इंस्पेक्टर ने गवाही के दौरान बताया कि गिरफ्तारी के समय अयाज के पास से जो मोबाइल मिला था उसमें लगा सिम रज्जाक ने कोलकाता के फर्जी नाम व पते से निकलवाकर अयाज को दिया था।
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अयाज के पास से भारतीय और बांग्लादेशी करेंसी भी बरामद हुई थी। वहीं रज्जाक के पास से पांच मोबाइल और कई सिम कार्ड मिले थे। रज्जाक भारत और बांग्लादेश दोनों के सिम इस्तेमाल करता था। दोनों देशों की करेंसी भी मिली थी।
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बांग्लादेशी युवती को बेचने दिल्ली ले जा रहे दो रोहिंग्या मुसलमानों के मामले की सुनवाई शुक्रवार को अपर जिला जज सप्तम अभिषेक उपाध्याय की अदालत में हुई। कोर्ट में वादी मुकदमा जीआरपी इंस्पेक्टर राममोहन राय और एफआईआर लेखक विनोद पांडे के बयान दर्ज किए गए।
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मामले में अगली सुनवाई 25 जनवरी को होगी। जीआरपी इंस्पेक्टर ने गवाही के दौरान बताया कि गिरफ्तारी के समय अयाज के पास से जो मोबाइल मिला था उसमें लगा सिम रज्जाक ने कोलकाता के फर्जी नाम व पते से निकलवाकर अयाज को दिया था।
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अयाज के पास से भारतीय और बांग्लादेशी करेंसी भी बरामद हुई थी। वहीं रज्जाक के पास से पांच मोबाइल और कई सिम कार्ड मिले थे। रज्जाक भारत और बांग्लादेश दोनों के सिम इस्तेमाल करता था। दोनों देशों की करेंसी भी मिली थी।
रज्जाक के पास पासपोर्ट भी था। अयाज म्यांमार का रहने वाला है जो बांग्लादेश में काक्स बाजार स्थित शरणार्थी शिविर में रहता था। क्षेत्र में ही रहने वाली युवती को वह बिना पासपोर्ट-वीजा के मानव तस्करी कर भारत ले आया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों का बड़ा गिरोह सीमा पर सक्रिय है।
ये लोग मोटरसाइकिल, बस, ट्रेन आदि के सहारे लोगों को नदी किनारे इकट्ठा करते हैं फिर नाव का इस्तेमाल कर रात के अंधेरे में बांग्लादेश की सीमा पार कर भारत में घुसपैठ करा देते हैं। पश्चिम बंगाल में भी इनका गिरोह सक्रिय है। एडीजीसी जितेंद्र कुमार पांडे व विवेक शुक्ला ने बताया कि 26 अगस्त 2019 को रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
अयाज और रज्जाक दोनों आरोपियों पर मानव तस्करी, धोखाधड़ी व विदेश विषयक अधिनियम के तहत आरोप तय हुए हैं। 19 जनवरी को राजकीय बालिका गृह से आई पीड़िता ने आरोपियों को पहचानकर बयान भी दर्ज कराए थे।
ये लोग मोटरसाइकिल, बस, ट्रेन आदि के सहारे लोगों को नदी किनारे इकट्ठा करते हैं फिर नाव का इस्तेमाल कर रात के अंधेरे में बांग्लादेश की सीमा पार कर भारत में घुसपैठ करा देते हैं। पश्चिम बंगाल में भी इनका गिरोह सक्रिय है। एडीजीसी जितेंद्र कुमार पांडे व विवेक शुक्ला ने बताया कि 26 अगस्त 2019 को रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
अयाज और रज्जाक दोनों आरोपियों पर मानव तस्करी, धोखाधड़ी व विदेश विषयक अधिनियम के तहत आरोप तय हुए हैं। 19 जनवरी को राजकीय बालिका गृह से आई पीड़िता ने आरोपियों को पहचानकर बयान भी दर्ज कराए थे।