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बांदा: सरकारी विभाग में वाहन संचालन के लिए बनाया फर्जी प्रमाण पत्र, अब तक एफआईआर नहीं
Sat, 19 Sep 2026 08:39 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 19 Sep 2026 08:39 PM IST
सार
सरकारी विभाग में वाहन संचालन का अनुभव दिखाने के लिए फर्जीवाड़ा किया गया। जांच में 2023 के पत्रांक 2063 पर कोई आदेश जारी ही नहीं हुआ।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
फर्म संचालक द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय के नाम से कूटरचित आदेश तैयार कराकर इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। सरकारी विभाग में वाहन संचालन का अनुभव दिखाने के लिए यह आदेश तैयार कराया गया। प्रशासन ने जांच के बाद इसे फर्जी मानते हुए निरस्त कर दिया है। साथ ही मामले की जांच के लिए एसपी को पत्र भेजा है। अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
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मामला 11 मई 2023 के आदेश संख्या 2063 से जुड़ा है। इस पत्रांक का आदेश जिलाधिकारी कार्यालय से जारी बताया गया था। इसकी जानकारी मिलने पर कार्यालय ने जांच कराई। प्रभारी अधिकारी नजारत अंकित कुमार की ओर से जारी सूचना के अनुसार पटल सहायक नाजिर सदर अमित शर्मा के संज्ञान में मामला आया था। इसके बाद कार्यालय के अभिलेखों से जांच की गई। 18 जून 2026 को जारी जनसूचना से भी इसकी जानकारी जुटाई गई।
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जांच में जिलाधिकारी कार्यालय से 11 मई 2023 के पत्रांक 2063 पर कोई आदेश जारी होने का रिकॉर्ड नहीं मिला। न ही इसके निर्गमन का कोई प्रमाण मिला। इसके बाद प्रशासन ने दस्तावेज को प्रथम दृष्टया कूटरचित माना। प्रशासन ने आदेश को निरस्त कर दिया है। इसके आधार पर अगर किसी स्तर पर कोई कार्रवाई हुई है तो उसे भी खत्म या स्थगित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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प्रशासन ने एसपी को मामले की विस्तृत जांच के लिए लिखा है। यह पता लगाने को कहा गया है कि आदेश किसने तैयार किया। इसे किससे लिया गया और कहां-कहां लगाया गया। आदेश पर लगे हस्ताक्षर और मुहर की भी जांच होगी। पत्रांक, तारीख और दूसरे कार्यालयी विवरण भी जांचे जाएंगे। जांच में दस्तावेज फर्जी मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर और अन्य कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।