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Banda News: जेल में बंद पांच आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी
Sat, 19 Sep 2026 11:30 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 19 Sep 2026 11:30 PM IST
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बांदा। कोडीनयुक्त सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े मामले में पुलिस अब मंडल कारागार में बंद पांच आरोपियों से पूछताछ की तैयारी में है।
प्रकरण के विवेचक ने आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया है। कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने और अब तक सामने आए सवालों के जवाब हासिल करने के लिए रिमांड मांगा गया है। प्रार्थना पत्र पर मंगलवार को सुनवाई होगी।
तीन सितंबर को एसटीएफ और बांदा पुलिस की संयुक्त टीम ने बिसंडा में कोडीनयुक्त सिरप के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया था। टीम ने डीसीएम में ले जाई जा रही कोडीनयुक्त सिरप की 30 हजार शीशियां बरामद की थीं। कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अतर्रा निवासी प्रियांशू गुप्ता उर्फ किशन, बिसंडा के नहर पुरवा निवासी धीरेंद्र, अतर्रा निवासी प्रवीण उर्फ लकी, अतर्रा निवासी रोहित पांडेय और हापुड़ निवासी डीसीएम चालक शेखर शामिल हैं। हिरासत में लेने के बाद उनसे पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेजा गया था। तब से पुलिस की टीमें इस बड़े नेटवर्क की जड़ें तलाशने में लगी हुई हैं और अब तक कई अहम सुराग हासिल भी हो चुके हैं।
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प्रकरण में पुलिस प्रियांशु के बहनोई हमीरपुर निवासी रवींद्र गुप्ता को भी तलाश रही है लेकिन अब तक उसका पता नहीं चल सका है।
पुलिस ने अब तक हुई जांच के बाद कड़ी से कड़ी जोड़ने के लिए पांचों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में लेने का निर्णय लिया है। जिससे सवालों के जवाब हासिल हो सकें।
ऐसे में विवेचक की ओर से कोर्ट में रिमांड प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। मंगलवार को सुनवाई होगी और पुलिस पांचों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में देने की मांग करेगी।
कोर्ट अगर पुलिस रिमांड स्वीकार करती है तो पांचों आरोपियों को कोर्ट से निश्चित किए गए दिनों के अनुसार पुलिस अपने साथ ले जाएगी और घटना से जुड़े सबूतों और सवालों के जवाब हासिल करेगी। रिमांड के दिन पूरे होने पर पुलिस उन्हें फिर से जिला कारागार में न्यायिक अभिरक्षा में कोर्ट के जरिए भेजेगी।
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प्रकरण के विवेचक ने आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया है। कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने और अब तक सामने आए सवालों के जवाब हासिल करने के लिए रिमांड मांगा गया है। प्रार्थना पत्र पर मंगलवार को सुनवाई होगी।
तीन सितंबर को एसटीएफ और बांदा पुलिस की संयुक्त टीम ने बिसंडा में कोडीनयुक्त सिरप के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया था। टीम ने डीसीएम में ले जाई जा रही कोडीनयुक्त सिरप की 30 हजार शीशियां बरामद की थीं। कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अतर्रा निवासी प्रियांशू गुप्ता उर्फ किशन, बिसंडा के नहर पुरवा निवासी धीरेंद्र, अतर्रा निवासी प्रवीण उर्फ लकी, अतर्रा निवासी रोहित पांडेय और हापुड़ निवासी डीसीएम चालक शेखर शामिल हैं। हिरासत में लेने के बाद उनसे पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेजा गया था। तब से पुलिस की टीमें इस बड़े नेटवर्क की जड़ें तलाशने में लगी हुई हैं और अब तक कई अहम सुराग हासिल भी हो चुके हैं।
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प्रकरण में पुलिस प्रियांशु के बहनोई हमीरपुर निवासी रवींद्र गुप्ता को भी तलाश रही है लेकिन अब तक उसका पता नहीं चल सका है।
पुलिस ने अब तक हुई जांच के बाद कड़ी से कड़ी जोड़ने के लिए पांचों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में लेने का निर्णय लिया है। जिससे सवालों के जवाब हासिल हो सकें।
ऐसे में विवेचक की ओर से कोर्ट में रिमांड प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। मंगलवार को सुनवाई होगी और पुलिस पांचों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में देने की मांग करेगी।
कोर्ट अगर पुलिस रिमांड स्वीकार करती है तो पांचों आरोपियों को कोर्ट से निश्चित किए गए दिनों के अनुसार पुलिस अपने साथ ले जाएगी और घटना से जुड़े सबूतों और सवालों के जवाब हासिल करेगी। रिमांड के दिन पूरे होने पर पुलिस उन्हें फिर से जिला कारागार में न्यायिक अभिरक्षा में कोर्ट के जरिए भेजेगी।