बांदा नृशंस हत्याकांड: 15 सालों से चल रहा था पुत्र व पौत्रों से विवाद, घर के जेवर हड़पने से नाराज था पिता
Banda News: कोतवाल अनूप दुबे ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी पौत्र छोटेपाल आला कत्ल बांका के साथ चौकी कृषि विश्वविद्यालय पहुंच गया था। वहां उसने खुद पुलिस को समर्पण कर दिया था। किसान की हत्या जमीन और पैसों को लेकर की गई है। हत्यारोपी पौत्र से पूछताछ की जा रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बांदा जिले में शहर कोतवाली क्षेत्र के मवई बुजुर्ग गांव में हुई वृद्ध किसान की हत्या में 15 साल से चल रहा जमीन का विवाद है। मृतक किसान बुच्चूपाल के नाम कनवारा बाईपास पर 12 बीघा जमीन है। उसके तीन पुत्र हैं। बड़ा पुत्र कामता, मंझला पुत्र महाप्रसाद व छोटा पुत्र स्व. विजय पाल था।
छोटे पुत्र विजय पाल की कई साल पहले मवई बाईपास पर डंपर से कुचलकर मौत हो गई थी। जिस पर उसकी एक पुत्री स्मिता अपने बाबा बुच्चूपाल के साथ रहती है। मंझले पुत्र महाप्रसाद ने बताया कि करीब 15 साल पहले पिता बुच्चूपाल ने अपने तीनों पुत्रों के नाम सवा दो-दो बीघा जमीन कर दी थी।
चूंकि छोटे पुत्र विजय पाल के निधन के बाद उसकी पुत्री स्मिता को वह पाल रहे थे इसलिए उसके हिस्से की सवा दो बीघा जमीन की देखरेख वह खुद कर रहा था। इसको लेकर बड़ा पुत्र कामता पाल की पिता से नहीं पटरी खा रही थी। बड़ा पुत्र कामता पाल पिता की पूरी जमीन में आधी जमीन अपने नाम कराना चाह रहा था।
प्रतिदिन बुच्चूपाल से जमीन के लिए विवाद करते थे
लेकिन मृतक बुच्चूपाल ने उसे जमीन देने से मना कर दिया था। इससे पुत्र कामता पाल, उसकी पत्नी राजाबेटी व चार पुत्र नरेंद्र पाल, छोटेपाल, सुरेंद्र पाल व बाबू पाल नाराज चल रहे थे। वह प्रतिदिन बुच्चूपाल से जमीन के लिए विवाद भी करते थे। एक साल पहले कामता ने जमीन न देने पर बुच्चूपाल की थाने में शिकायत भी की थी।
प्लॉटिंग के लिए तीन साल का एग्रीमेंट कराया
बुच्चूपाल ने आधी जमीन देने से मना कर दिया। इस बीच दो माह पहले बुच्चूपाल ने बंटवारे के बाद शेष जमीन में से चार बीघा 11 बिस्वा जमीन को शहर के कारोबारियों से मिलकर प्लॉटिंग के लिए तीन साल का एग्रीमेंट कराकर जमीन उन्हें दे दी थी। इसके एवज में कारोबारियों ने बुच्चूपाल को 22 लाख रुपये दिए थे।
रुपये व जमीन हथियाने के लिए देते थे धमकी
बुच्चूपाल को 22 लाख रुपये मिलने पर पुत्र कामता व उसके पुत्रों की नीयत खराब हो गई थी। वह रुपये व जमीन हथियाने के लिए तरह-तरह से बुच्चूपाल को प्रतिदिन धमकी भी देते थे। इसी विवाद के चलते यह हत्या की गई है। मंझले पुत्र महाप्रसाद पाल ने बताया कि उसके दो पुत्र व चार पुत्रियां हैं।
घर के जेवर हड़पने से नाराज था पिता
वृद्ध मृतक किसान बुच्चूपाल के मझंले पुत्र महाप्रसाद पाल ने बताया कि 15 साल पहले मृतक ने अपने बड़े पुत्र कामता की पत्नी राजाबेटी को घर के जेवर रखने के लिए दिए थे। राजाबेटी ने वह सब जेवर हड़प कर लिए। जब पिता ने जेवर मांगे तो उन्होंने जेवर देने से इनकार कर दिया था।
किसान की हत्या जमीन और पैसों को लेकर की गई है
इससे पिता बुच्चूपाल अपने पुत्र कामता व बहू से नाराज चल रहा था। इसी नाराजगी की वजह से वह उन्हें जमीन और रुपया नहीं दे रहा था। कोतवाल अनूप दुबे ने बताया कि किसान की हत्या जमीन और पैसों को लेकर की गई है। हत्यारोपी पौत्र से पूछताछ की जा रही है।
आला कत्ल साथ लेकर पहुंचा चौकी
वृद्ध की किसान बुच्चूपाल की हत्या के मामले में मंझले पुत्र महाप्रसाद पाल ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी पौत्र छोटेपाल आला कत्ल बांका के साथ चौकी कृषि विश्वविद्यालय पहुंच गया था। वहां उसने खुद पुलिस को समर्पण कर दिया था। उधर, शहर कोतवाल अनूप दुबे ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।