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प्रतिबंध बेअसर, खूब चली पॉलीथिन
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Fri, 22 Jan 2016 02:21 AM IST
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प्रदेश सरकार ने 21 जनवरी से प्रदेश में पॉलीथिन के निर्माण, बिक्री, आयात, भंडारण और इस्तेमाल पर पूर्ण पाबंदी लागू की है। पाबंदी के पहले दिन गुरुवार को कोई असर आम लोगों पर नहीं दिखा।
थोक व्यापारियों ने कहीं-कहीं दुकानें जरूर बंद रखीं। नगर निगम की टीम ने कुछ जगह पॉलीथिन जब्ती अभियान चलाया, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण विभाग और प्रशासन की टीमें सर्दी में सिकुड़ी रहीं। डीएम के साथ मीटिंग न होने पर पॉलीथिन निर्माताओं और थोक व्यापारियों में नाराजगी दिखी।
सेंट्रल स्टेशन परिसर में गुरुवार को वेंडरों ने पॉलीथिन का प्रयोग नहीं किया। खाना कागज के डिब्बों में और फल कागज के लिफाफों में ग्राहकों को दिए। वेंडरों के पॉलीथिन का प्रयोग न करने की एक वजह यह भी रही कि डीआरएम वीके त्रिपाठी ने सेंट्रल स्टेशन का निरीक्षण किया।
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शाम तक वह स्टेशन और उसके आसपास रहे। वहीं स्टेशन के बाहर लगी दुकानों में दुकानदारों ने ग्राहकों को पॉलीथिन में सामान दिया। यही हाल झकरकटी बस अड्डे के बाहर लगी दुकानों का रहा। यहां भी दुकानदारों ने ग्राहकों को फल और अन्य खाद्य सामग्री पॉलीथिन में दी।
जाजमऊ में नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के इंस्पेक्टर मो. तैय्यब ने कई ठेलों पर मिली पॉलीथिन जब्त की। पीएसी मोड़ स्थित स्वीट हाउस में ग्राहकों को पॉलीथीन में सामान दिया गया। गली कूचों में रोक का असर नहीं दिखा। कचहरी के आसपास बड़े होटलों और खोमचे वाले पॉलीथिन का प्रयोग करते देखे गए। कुछ होटलों में कुल्हड़ों में चाय दी जा रही थी। हालांकि चाय ले जाने के लिए पॉलीथिन का ही प्रयोग हुआ। खोमचे वाले भी पॉलीथिन में सामान देते हुए दिखाई दिए।
माना आदेश, बनाई मिसाल
उपश्रमायुक्त कार्यालय, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय, आईटीआई, सेवायोजन कार्यालय के बाहर चाय के ठेलों पर कुल्हड़ों में चाय की बिक्री की गई। छापेमारी के डर से दुकानदारों ने प्लास्टिक की पन्नियों और प्लास्टिक कप में चाय नहीं बेची। हालांकि कुल्हड़ में चाय खरीदने पर ग्राहकों को एक रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े। जाजमऊ सिद्धनाथ घाट की मिठाई की दुकानों पर कागज के लिफाफे में सामान दिया गया।
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थोक व्यापारियों ने कहीं-कहीं दुकानें जरूर बंद रखीं। नगर निगम की टीम ने कुछ जगह पॉलीथिन जब्ती अभियान चलाया, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण विभाग और प्रशासन की टीमें सर्दी में सिकुड़ी रहीं। डीएम के साथ मीटिंग न होने पर पॉलीथिन निर्माताओं और थोक व्यापारियों में नाराजगी दिखी।
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सेंट्रल स्टेशन परिसर में गुरुवार को वेंडरों ने पॉलीथिन का प्रयोग नहीं किया। खाना कागज के डिब्बों में और फल कागज के लिफाफों में ग्राहकों को दिए। वेंडरों के पॉलीथिन का प्रयोग न करने की एक वजह यह भी रही कि डीआरएम वीके त्रिपाठी ने सेंट्रल स्टेशन का निरीक्षण किया।
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शाम तक वह स्टेशन और उसके आसपास रहे। वहीं स्टेशन के बाहर लगी दुकानों में दुकानदारों ने ग्राहकों को पॉलीथिन में सामान दिया। यही हाल झकरकटी बस अड्डे के बाहर लगी दुकानों का रहा। यहां भी दुकानदारों ने ग्राहकों को फल और अन्य खाद्य सामग्री पॉलीथिन में दी।
जाजमऊ में नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के इंस्पेक्टर मो. तैय्यब ने कई ठेलों पर मिली पॉलीथिन जब्त की। पीएसी मोड़ स्थित स्वीट हाउस में ग्राहकों को पॉलीथीन में सामान दिया गया। गली कूचों में रोक का असर नहीं दिखा। कचहरी के आसपास बड़े होटलों और खोमचे वाले पॉलीथिन का प्रयोग करते देखे गए। कुछ होटलों में कुल्हड़ों में चाय दी जा रही थी। हालांकि चाय ले जाने के लिए पॉलीथिन का ही प्रयोग हुआ। खोमचे वाले भी पॉलीथिन में सामान देते हुए दिखाई दिए।
माना आदेश, बनाई मिसाल
उपश्रमायुक्त कार्यालय, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय, आईटीआई, सेवायोजन कार्यालय के बाहर चाय के ठेलों पर कुल्हड़ों में चाय की बिक्री की गई। छापेमारी के डर से दुकानदारों ने प्लास्टिक की पन्नियों और प्लास्टिक कप में चाय नहीं बेची। हालांकि कुल्हड़ में चाय खरीदने पर ग्राहकों को एक रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े। जाजमऊ सिद्धनाथ घाट की मिठाई की दुकानों पर कागज के लिफाफे में सामान दिया गया।