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Auraiya: संदिग्ध समझकर आचार्य ने पुलिस को दी लूट की झूठी सूचना, पढ़ें मामला
Sun, 17 May 2026 08:48 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: Shikha Pandey
Updated Sun, 17 May 2026 08:48 PM IST
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आचार्य व उनके साथियों से लूट का मामला
- फोटो : अमर उजाला
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आचार्य की ओर से दी गई लूट की सूचना पुलिस जांच में फर्जी निकली। कानपुर देहात के थाना रूरा के गांव तिगाई निवासी आचार्य लक्ष्मीकांत द्विवेदी, अपने पुत्र आचार्य शोभित द्विवेदी और सहायक आचार्य शंभू शुक्ला के साथ अजीतमल क्षेत्र के गांव रसूलपुर कला में भागवत कथा करने आए थे। रविवार शाम को कथा का विधि-विधान से समापन हुआ, जिसके बाद तीनों कार से वापस अपने घर लौट रहे थे। तभी बाबरपुर-फफूंद मार्ग पर अचानक उनके आगे चल रही एक बाइक किसी कारणवश रुक गई और फिर पलक झपकते ही तेज रफ्तार में आगे निकल गई। कार में बैठे आचार्य को अचानक यह डर सताने लगा। इसके बाद आचार्य ने पुलिस को लूट की सूचना दे दी।
जानकारी पर पहुंचे ग्रामीणों ने भाग रहे दो संदिग्धों को पकड़ लिया। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच की। इस दौरान आचार्य ने बताया कि घबराहट और संदेह के चक्कर में पुलिस को लूट की झूठी सूचना दी थी। जांच में सामने आया कि कथा की दक्षिणा का एक बड़ा हिस्सा वो पहले ही साउंड वाले को भुगतान कर चुके थे, और बाकी बची रकम उनके पास पूरी तरह सुरक्षित मिली। आचार्य ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित माफीनामा दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा ने बताया कि लूट की सूचना झूठी थी। रुपये आचार्य के पास मिल गए हैं।
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जानकारी पर पहुंचे ग्रामीणों ने भाग रहे दो संदिग्धों को पकड़ लिया। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच की। इस दौरान आचार्य ने बताया कि घबराहट और संदेह के चक्कर में पुलिस को लूट की झूठी सूचना दी थी। जांच में सामने आया कि कथा की दक्षिणा का एक बड़ा हिस्सा वो पहले ही साउंड वाले को भुगतान कर चुके थे, और बाकी बची रकम उनके पास पूरी तरह सुरक्षित मिली। आचार्य ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित माफीनामा दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा ने बताया कि लूट की सूचना झूठी थी। रुपये आचार्य के पास मिल गए हैं।
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