Auraiya: अंतरजनपदीय फर्जी बैंक का भंडाफोड़, चेयरमैन समेत दो गिरफ्तार, 5000 उपभोक्ताओं से हुई करोड़ों की ठगी
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में फर्जी बैंक का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने बैंक चेयरमैन समेत दो को गिरफ्तार कर लिया है। 5000 उपभोक्ताओं से करोड़ों की ठगी हुई है।
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दिबियापुर थाने में एसपी चारू निगम ने बताया कि गुरुवार सुबह धोखाधड़ी के आरोपी कुडरी का पुर्वा सहायल निवासी अद्वेत उर्फ लल्ली यादव (बैंक अधिकारी) व मैनपुरी की नई बस्ती फर्रास घिरोर निवासी मोहम्मद असलम उर्फ राजा (चेयरमैन) को बेला रोड से गिरफ्तार किया गया है। दोनों से पूछताछ के बाद अंतरजनपदीय फर्जी बैंक चलाने के मामले का भंडाफोड़ हुआ।
एसपी ने बताया कि पूछताछ में दोनों से पता चला कि फर्जी तरीके से डिजिटल आर्यावर्त निधि बैंक खोली गई है। दिबियापुर, कंचौसी, लहरापुर, कुसरकोट, सहायल समेत औरैया में पांच शाखाएं हैं। मुख्य शाखा मैनपुरी के घिरोर में है। जालौन के कोंच और माधौगढ़ में दो शाखाएं, कानपुर देहात के मैथा में भी एक शाखा है। सभी शाखाएं किराये के मकानों में चल रही हैं।
दिबियापुर, लहरापुर तथा सहायल शाखा में असलम की नरगिस, कचौंसी व कुदरकोट शाखा में अद्वेत की पत्नी प्रगति प्रबंधक हैं। इन लोगों ने हर फर्जी शाखा में आर्यावर्त ग्रामीण बैंक जैसा सेटअप तैयार किया है, ताकि उपभोक्ताओं को संदेह न हो। एसपी ने बताया कि सभी शाखाओं में 500 से 600 उपभोक्ताओं को जोड़कर उनसे आरडी और एफडी के नाम पर ठगी की गई है।
इन शाखाओं में काफी लोगों से नौकरी दिलाने का झांसा देकर रुपये लेने और फर्जी नियुक्तिपत्र देने की बात भी दोनों ने स्वीकारी है। एसपी चारू निगम के अनुसार दोनों आरोपियों ने उपभोक्ताओं के पैसा अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों में जमा कराए हैं। कंपनी खोलने में सहयोग करने वाले लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपी फरार हैं। साफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी से डाटा बेस मांगा गया है। जिन स्थानों पर फर्जी बैंक के कागजात और अन्य सामग्री छपवाई गई है, उन स्थानों पर भी छापेमारी की जाएगी।
मुकदमा दर्ज होने के बाद आए पुलिस रडार पर
अंतरजनपदीय फर्जी बैंक चलाने वाले अद्वेत और असलम के खिलाफ आंबेडकर नगर निवासी शीलू कुमार ने 17 दिसंबर को 60 लोगों से नौकरी के नाम पर 93 लाख की ठगी का आरोप लगाया था। इसमें बताया कि बैंक में नौकरी के नाम उन लोगों से डेढ़ लाख रुपये लिए गए और अब वेतन भी नहीं दिया गया।
एसओजी प्रभारी प्रवीन कुमार और दिबियापुर थाना प्रभारी शशि भूषण मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीमों ने कई इलेक्ट्रानिक और अभिलेखीय साक्ष्य जुटाकर घटना का खुलासा कर दिया। आरोपियों की निशानदेही पर कैश काउंटिंग मशीन, छह लैपटॉप समेत अन्य काफी सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस अधीक्षक चारू निगम के अनुसार असलम पहले भी बैंकिंग फ्रॉड में जेल जा चुका है। वह पूर्व में फिनो बैंक में काम करता था। वहीं से उसे फर्जी बैंक संचालित करने का आइडिया आया। पुलिस अधीक्षक ने टीम को 25 हजार का इनाम और प्रशस्तिपत्र के लिए एडीजी को लिखा पढ़ी की जाएगी।