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Auraiya: 10 पद खाली, 10 डॉक्टरों के सहारे जिला अस्पताल, इमरजेंसी में रोजाना 100 के करीब मरीज पहुंच रहे
Wed, 14 May 2025 08:43 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 14 May 2025 08:43 PM IST
सार
Auraiya News: जिला अस्पताल में स्वीकृत पद 20 हैं। जबकि आधे डॉक्टर ही तैनात हैं। ओपीडी में इन दिनों रोजाना 600 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं।
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जानकारी देतीं सीएमएस डॉ. मंजू सचान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शासन स्तर से स्वास्थ्य सेवाओं पर खूब फोकस किया जा रहा है, लेकिन जिला अस्पताल महज 10 डॉक्टरों के भरोसे चल रहा है। ऐसे में अस्पताल में काम चलाऊ व्यवस्था में काम किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यहां डॉक्टरों के 20 पद स्वीकृत हैं, 10 पद खाली हैं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रोजाना 100 के करीब मरीज पहुंचते हैं। इसमें हादसे में घायल से लेकर अन्य गंभीर मरीज पहुंचते हैं। इमरजेंसी में विशेषज्ञ डॉक्टर के तौर पर चार ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर) पद स्वीकृत हैं, जोकि सालों से रिक्त हैं। ऐसे में ओपीडी में मरीजों को देखने वाले विशेषज्ञ डॉक्टर चार शिफ्टों में इमरजेंसी की बागडोर संभाल रहे हैं। ऐसे में ओपीडी भी प्रभावित हो रही है। जबकि जिला अस्पताल की ओपीडी इन दिनों 600 के पार जा रही है।
वर्तमान समय में तैनात कुल 10 डॉक्टरों के सहारे ओपीडी व इमरजेंसी दोनों का संचालन किया जा रहा है। जरूरी डॉक्टरों के सापेक्ष आधे डॉक्टरों के अमले से जुगाड़ व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। जिसे जिला अस्पताल प्रशासन भी स्वीकार रहा है। हालांकि इस कमी को पूरा करने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से लगातार शासन व सीएमओ को पत्राचार किया जा रहा है। लेकिन डॉक्टरों की कमी को पूरा नहीं किया जा सका है।
इन डॉक्टरों की कमी
जनरल सर्जन, जनरल फिजीशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ समेत कुल 10 पद रिक्त हैं।
डेढ़ वर्ष से हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं, रेफर होते मरीज
जिला अस्पताल में एक्सरे से लेकर प्लास्टर की सुविधा है, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ के अभाव में ऐसे मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा है। सारी सुविधाएं होने के बाद भी डॉक्टर की कमी मरीजों को खल रही है। ऐसे मरीजों को रेफर करने का सिलसिला पिछले डेढ़ साल से जारी है। हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती को लेकर लगातार मांग की जा रही है।
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वर्तमान समय में तैनात कुल 10 डॉक्टरों के सहारे ओपीडी व इमरजेंसी दोनों का संचालन किया जा रहा है। जरूरी डॉक्टरों के सापेक्ष आधे डॉक्टरों के अमले से जुगाड़ व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। जिसे जिला अस्पताल प्रशासन भी स्वीकार रहा है। हालांकि इस कमी को पूरा करने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से लगातार शासन व सीएमओ को पत्राचार किया जा रहा है। लेकिन डॉक्टरों की कमी को पूरा नहीं किया जा सका है।
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इन डॉक्टरों की कमी
जनरल सर्जन, जनरल फिजीशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ समेत कुल 10 पद रिक्त हैं।
डेढ़ वर्ष से हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं, रेफर होते मरीज
जिला अस्पताल में एक्सरे से लेकर प्लास्टर की सुविधा है, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ के अभाव में ऐसे मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा है। सारी सुविधाएं होने के बाद भी डॉक्टर की कमी मरीजों को खल रही है। ऐसे मरीजों को रेफर करने का सिलसिला पिछले डेढ़ साल से जारी है। हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती को लेकर लगातार मांग की जा रही है।
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जिला अस्पताल में स्वीकृत डॉक्टरों के 20 पदों के सापेक्ष महज 10 डॉक्टर वर्तमान में तैनात हैं। खास तौर पर ईएमओ के चार पद रिक्त होने से ओपीडी के डॉक्टरों को इमरजेंसी संभालनी पड़ रही है। डॉक्टरों की तैनाती को लेकर लगातार मांग भेजी जा रही है। - डॉ. मंजू सचान, सीएमएस जिला अस्पताल औरैया