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सियासी संग्रामः दो अप्रैल को कन्नौज पहुंचेंगे अखिलेश यादव, ये चुनौती अभी भी मुंह बाए खड़ी है
Sun, 31 Mar 2019 12:17 AM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 31 Mar 2019 12:17 AM IST
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अखिलेश यादव, डिंपल यादव
पत्नी डिंपल के चुनाव की तैयारियों को परखने के लिए दो अप्रैल को सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव कन्नौज पहुंचेंगे। सड़क मार्ग से होते हुए वह इटावा से कन्नौज लोगों से मिलते हुए आएंगे। यहां पार्टी के प्रमुख नेताओं से वार्ता करेंगे और राजनीतिक सरगर्मी की जानकारी लेंगे। इसके बाद बोर्डिंग मैदान में हेलीकॉप्टर से लखनऊ रवाना होंगे।
सूत्रों के मुताबिक एक अप्रैल को मुलायम सिंह यादव मैनपुरी में नामांकन दाखिल करेंगे। यहां अखिलेश यादव भी मौजूद रहेंगे। नामांकन के बाद अखिलेश सैफई में रुककर अगले दिन दो अप्रैल को सड़क मार्ग से होते हुए कन्नौज पहुंचेंगे। इस दौरान बीच-बीच में समर्थकों और पार्टी के प्रमुख नेताओं से भेंट करेंगे।
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सूत्रों के मुताबिक एक अप्रैल को मुलायम सिंह यादव मैनपुरी में नामांकन दाखिल करेंगे। यहां अखिलेश यादव भी मौजूद रहेंगे। नामांकन के बाद अखिलेश सैफई में रुककर अगले दिन दो अप्रैल को सड़क मार्ग से होते हुए कन्नौज पहुंचेंगे। इस दौरान बीच-बीच में समर्थकों और पार्टी के प्रमुख नेताओं से भेंट करेंगे।
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समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के सामने ये है चुनौती
कन्नौज में पार्टी के नेताओं से मिलकर चुनावी तैयारियों को परखेंगे। इसके बाद वह एक सपा नेता के यहां वैवाहिक कार्यक्रम में भी शिरकत कर सकते हैं। आचार संहिता लागू होने के बाद अखिलेश यादव का कन्नौज में यह पहला कार्यक्रम है। संभावना है कि इसी दिन अखिलेश यादव डिंपल यादव के नामांकन की तिथि की भी जानकारी पार्टी के प्रमुख नेताओं को देंगेे।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के सामने जिले में कमेटी का गठन अभी भी चुनौती बना हुआ है। हालांकि उन्होंने निवर्तमान जिलाध्यक्ष मुन्ना दरोगा को चुनाव संयोजक बनाकर छह अन्य लोगों को चुनाव की तैयारियों की जिम्मेदारी सौंपी है। कमेटी का गठन न होने से अभी तक जिले में सपा की तैयारियां नजर नहीं आ रही हैं। पार्टी कार्यालय में रोजाना नेताओं की भीड़ तो लग रही, लेकिन मतदाताओं से संपर्क धीमा पड़ा हुआ है।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के सामने जिले में कमेटी का गठन अभी भी चुनौती बना हुआ है। हालांकि उन्होंने निवर्तमान जिलाध्यक्ष मुन्ना दरोगा को चुनाव संयोजक बनाकर छह अन्य लोगों को चुनाव की तैयारियों की जिम्मेदारी सौंपी है। कमेटी का गठन न होने से अभी तक जिले में सपा की तैयारियां नजर नहीं आ रही हैं। पार्टी कार्यालय में रोजाना नेताओं की भीड़ तो लग रही, लेकिन मतदाताओं से संपर्क धीमा पड़ा हुआ है।