Akhilesh Dubey: फुटेज, कॉल डिटेल…मोबाइल लोकेशन से खुली फर्जी आरोपों की पोल, SIT की जांच में एफआईआर निकली फर्जी
Kanpur News: कमिश्नरी पुलिस और एसआईटी की जांच में भाजपा नेता रवि सतीजा पर लगे दुष्कर्म के आरोप झूठे पाए गए हैं। इसके बाद, पुलिस ने झूठे आरोप लगाने वाले वकील अखिलेश दुबे समेत सात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।
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कानपुर कमिश्नरी पुलिस और एसआईटी ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, कॉल डिटेल, गवाहों के बयान, मोबाइल लोकेशन के आधार पर भाजपा नेता पर लगे आरोपों को फर्जी पाया। फिर रवि सतीजा की तहरीर पर आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद अधिवक्ता अखिलेश दुबे समेत सात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि एसआईटी का गठन ऐसे मामलों के लिए किया गया था, जिसमें कुछ गिरोह संगठित तरीके से लोगों पर दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसी धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा रहे थे। रवि सतीजा के खिलाफ चार जनवरी 2024 को उनके यहां काम करने वाली किशोरी से दुष्कर्म करने और पांच जनवरी 2024 को उसे साकेतनगर सब्जी मंडी में तेजाब फेंकने की धमकी देने का आरोप था।
पुलिस और यूपी 112 को नहीं दी गई कोई सूचना
इसमें पीड़िता ने कहा था उसे घर में साफ-सफाई के लिए रखा गया था। चार जनवरी 2024 को रवि सतीजा ने नशे में धुत होकर उसके कपड़े फाड़ दिए और दुष्कर्म किया। वह वहां से भागकर पटेल चौराहे के पास पहुंची तो बाहर उसका मिलने वाला अभिषेक बाजपेई मिला। वह पीड़िता को लेकर सीधे उसके घर चला गया। पुलिस और यूपी 112 को कोई सूचना नहीं दी गई। जांच अधिकारी और एसआईटी की टीम ने अलग-अलग जांच की थी। पुलिस और एसआईटी की टीम ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, कॉल डिटेल, गवाहों के बयान, मोबाइल की लोकेशन हासिल की जिसमें घटना के फर्जी होने का पता चला।
इन तथ्यों से आरोपियों के खिलाफ हुई घेराबंदी
- पुलिस को घटना की सूचना नहीं दी गई।
- पीड़िता बता नहीं सकी कि किस कमरे में उसके साथ दुष्कर्म हुआ है।
- पीड़िता संग रवि सतीजा के घर पहुंचे अधिवक्ता की आवाज रिकार्ड हो गई, उसमें वह पूछ रहा है कि जाना कहां है।
- पीड़िता के मोबाइल की लोकेशन कहीं और की निकली।
- अभिषेक बाजपेई की लोकेशन किदवईनगर सब्जी मंडी की आई।
- जांच में किशोरी की उम्र 18 साल के आसपास की मिली।
- साकेतनगर बाजार में कोई गवाह नहीं मिला जिसने तेजाब फेंकने की धमकी देते हुए सुना हो।
एसआईटी के सामने नहीं आई थी पीड़िता
डीसीपी साउथ के मुताबिक, तीन मार्च 2025 को डीसीपी क्राइम की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन हुआ। एसआईटी ने पीड़िता को बुलाया लेकिन वह सामने नहीं आई। पीड़िता और उसकी बहन को बयान दर्ज कराने के लिए कई मौके दिए गए थे। फिलहाल दोनों के बारे में जानकारी नहीं है।
हाईकोर्ट से बेल नहीं मिली तो सोचा सल्फास खा लें
भाजपा नेता रवि सतीजा का कहना है कि किशोरी के 164 के बयान के बाद उन्हें कार्रवाई का डर सता रहा था। उन्होंने हाईकोर्ट में बेल के लिए आवेदन किया लेकिन अग्रिम जमानत नहीं मिल सकी। उन्होंने डरकर हाईकोर्ट के बाहर सल्फास खाने का निर्णय किया था।
पीड़िता ने दिए हलफनामे
डीसीपी दक्षिण के मुताबिक शिकायतकर्ता युवती की उम्र 18 वर्ष निकली। उससे पूछताछ की गई तो उसने हलफनामे दिए। एक हलफनामे में उसने कहा कि उसे कुछ लोगों ने कहा था कि वह रवि सतीजा पर आरोप लगाए। उसी के आधार पर आरोप लगा दिए। दूसरे हलफनामे में पीड़िता ने अपनी असली उम्र 18 साल बताई है।
नौबस्ता इंस्पेक्टर करेंगे मामले की जांच
बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वादी रवि सतीजा ने जांच प्रभावित होने की आशंका जाहिर की। उन्होंने डीसीपी साउथ से विवेचना बर्रा से न कराकर किसी अन्य थाना प्रभारी से कराए जाने का अनुरोध किया था। इसके बाद डीसीपी साउथ ने जांच की जिम्मेदारी नौबस्ता थाना प्रभारी शरद तिलारा को सौंप दी। देर रात उन्होंने घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। देर रात पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश दी। डीसीपी साउथ के मुताबिक आरोपी युवतियां और उनका परिवार नहीं मिला है। अन्य आरोपी भी अपने घर पर नहीं हैं। गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।