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Akhilesh Dubey Case: 31 नामजद आरोपियों में से सिर्फ पांच गिरफ्तार, 26 पर पुलिस साधे है चुप्पी, उठ रहे ये सवाल

Fri, 24 Oct 2025 10:07 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 24 Oct 2025 10:07 AM IST
सार

Kanpur News: अखिलेश दुबे प्रकरण में 31 नामजद आरोपियों में से पुलिस अब तक सिर्फ पांच मुख्य आरोपियों को ही गिरफ्तार कर सकी है। इंस्पेक्टर सभाजीत सहित अन्य 26 आरोपियों की गिरफ्तारी पर पुलिस ने चुप्पी साध रखी है, जिससे मामले की जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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Akhilesh Dubey Case Out of 31 named accused only five have been arrested police remain silent on 26
अखिलेश दुबे - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में वसूली समेत अन्य मामलों दर्ज पांच मामलों में भले ही अखिलेश दुबे समेत 31 लोग नामजद हों पर पुलिस सिर्फ अखिलेश दुबे, उसके करीबी लवी मिश्रा, अधिवक्ता शैलेंद्र यादव उर्फ टोनू, कथित पत्रकार विपिन गुप्ता और इंस्पेक्टर सभाजीत को ही गिरफ्तार कर सकी है। अन्य आरोपियों पर पुलिस चुप्पी साधे है। छह अगस्त को भाजपा नेता रवि सतीजा ने बर्रा थाने में अखिलेश और लवी मिश्रा के खिलाफ 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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इसके अलावा उन्होंने दो महिलाओं, विमल यादव, अभिषेक बाजपेई, शैलेंद्र यादव उर्फ टोनू पर भी आरोप लगाए थे। इस मामले में अखिलेश और लवी को गिरफ्तार कर सात अगस्त को जेल भेज दिया गया था। वहीं, झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए लड़कियां सप्लाई करने के आरोपी शैलेंद्र को पुलिस ने 17 अगस्त को गिरफ्तार किया था जबकि दोनों महिला आरोपी सरकारी गवाह बन गईं। विमल और अभिषेक बाजपेई तक पुलिस पहुंच ही नहीं पाई। इसके बाद ग्वालटोली, कोतवाली में एक-एक और किदवईनगर थाने में दो रिपोर्ट दर्ज हुईं।

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2.5 करोड़ की रंगदारी लेने का लगाया था आरोप
इन पीड़ितों में स्वरूपनगर निवासी होटल कारोबारी सुरेश पाल भी शामिल हैं जिन्होंने अखिलेश पर सामूहिक दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसा कर 2.5 करोड़ की रंगदारी लेने का आरोप लगाया था। किदवईनगर थाने में दर्ज इस रिपोर्ट में लवी भी आरोपी है। अधिवक्ता संदीप शुक्ला की ओर से कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में अखिलेश दुबे, पप्पू स्मार्ट, आमिर बिच्छू, शोएब उर्फ पप्पी, जैन कालिया, फराज, रामेंद्र उर्फ गुड्डू, हर्षित यादव को आरोपी बनाया गया लेकिन इसमें किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।

सिर्फ सभाजीत की गिरफ्तारी हुई
किदवईनगर थाने में ही सच का आईना संस्था के महामंत्री शैलेंद्र कुमार की ओर से दर्ज रिपोर्ट में अखिलेश के अलावा पंकज दीक्षित, कथित पत्रकार विपिन गुप्ता व तीन अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इनमें से सिर्फ विपिन को गिरफ्तार किया गया। वक्फ संपत्ति के मुतवल्ली मोईनुद्दीन आसिफ जाह शेख आसिफ जाह ने कूटरचित दस्तावेजों से जमीन कब्जाने का आरोप लगाकर ग्वालटोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें अखिलेश, उसके भाई सर्वेश, राजकुमार शुक्ला, जयप्रकाश दुबे, सौम्या दुबे, शीवांश सिंह उर्फ पप्पू, इंस्पेक्टर सभाजीत आदि को आरोपी बनाया था। इनमें सिर्फ सभाजीत की गिरफ्तारी हुई है।

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