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Exclusive: कानपुर में बनेंगी एके-203 राइफल, इसी महीने मिल सकती उत्पादन की स्वीकृति; ये है खासियत
Tue, 13 Aug 2024 11:23 AM IST
शाहरुख खान
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 13 Aug 2024 11:23 AM IST
सार
कानपुर में एके 203 राइफल का उत्पादन होगा। इसी महीने उत्पादन की स्वीकृति मिल सकती है। राइफल के उपकरण कानपुर शहर के अलावा अमेठी और कोलकाता में भी बनेंगे। आठ साल में 5.5 लाख राइफल बनाई जानी हैं।
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AK 203 rifle
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सेनाओं के लिए छोटे हथियार बनाने वाली लघु शस्त्र निर्माणी (एसएएफ) में इसी महीने से देश की सबसे आधुनिक राइफल एके 203 का वृहद स्तर पर उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। यहां पर राइफल में लगने वाले 38-39 उपकरण बनाए और असेंबल किए जाएंगे। अमेठी स्थित कोरवा में हाल में हुए ट्रायल में 15 हजार राउंड फायरिंग की गई थी।
भारत-रूस संयुक्त उपक्रम के तहत इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के तहत इसका उत्पादन किया जा रहा है। कोरवा में इसकी शुरुआत हुई थी। अब इसका उत्पादन और असेंबलिंग तेजी से की जानी है। इस राइफल के उपकरण अमेठी स्थित कोरवा आयुध फैक्टरी, कोलकाता स्थित राइफल फैक्टरी ईशापुर और कानपुर स्थित एसएएफ में बनेंगे।
कोलकाता और कानपुर में 40-40 प्रतिशत उपकरण बनेंगे। 300 मीटर तक मार करने वाली इस आधुनिक राइफल के लिए कानपुर में रिट्रैक्ट मैकेनिज्म, सभी प्रकार के स्प्रिंग, बड्स समेत 38-39 उपकरण तैयार और असेंबल किए जाएंगे।
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निर्माणी के महाप्रबंधक सुरेंद्रपति ने बताया कि अगले आठ साल में 5.5 लाख राइफल बनाकर दी जानी हैं। अगस्त के अंत तक औपचारिक पत्र आ सकता है। इसके बाद निर्माणी में इस राइफल का उत्पादन शुरू हो सकेगा।
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भारत-रूस संयुक्त उपक्रम के तहत इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के तहत इसका उत्पादन किया जा रहा है। कोरवा में इसकी शुरुआत हुई थी। अब इसका उत्पादन और असेंबलिंग तेजी से की जानी है। इस राइफल के उपकरण अमेठी स्थित कोरवा आयुध फैक्टरी, कोलकाता स्थित राइफल फैक्टरी ईशापुर और कानपुर स्थित एसएएफ में बनेंगे।
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कोलकाता और कानपुर में 40-40 प्रतिशत उपकरण बनेंगे। 300 मीटर तक मार करने वाली इस आधुनिक राइफल के लिए कानपुर में रिट्रैक्ट मैकेनिज्म, सभी प्रकार के स्प्रिंग, बड्स समेत 38-39 उपकरण तैयार और असेंबल किए जाएंगे।
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निर्माणी के महाप्रबंधक सुरेंद्रपति ने बताया कि अगले आठ साल में 5.5 लाख राइफल बनाकर दी जानी हैं। अगस्त के अंत तक औपचारिक पत्र आ सकता है। इसके बाद निर्माणी में इस राइफल का उत्पादन शुरू हो सकेगा।
एके 203 की खासियत
एके-203 700 गोलियां प्रति मिनट दागने में सक्षम है। इसका वजन 3.8 किलो और यह 705 मिमी लंबी है। 7.62 गुण 39 एमएम की नाटो ग्रेड की बुलेट इसमें लगती हैं। यह राइफल सेमी-ऑटोमैटिक या ऑटोमैटिक मोड में चलती है। 30 राउंड की बॉक्स मैगजीन इसमें लगती है।
एके-203 700 गोलियां प्रति मिनट दागने में सक्षम है। इसका वजन 3.8 किलो और यह 705 मिमी लंबी है। 7.62 गुण 39 एमएम की नाटो ग्रेड की बुलेट इसमें लगती हैं। यह राइफल सेमी-ऑटोमैटिक या ऑटोमैटिक मोड में चलती है। 30 राउंड की बॉक्स मैगजीन इसमें लगती है।