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Kanpur News: अजय बोले- हादसा नहीं पत्नी की हुई हत्या, चाहिए इंसाफ
Sat, 29 Nov 2025 01:46 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 29 Nov 2025 01:46 AM IST
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कानपुर देहात। नौसेना का जवान हूं, देश की रक्षा के लिए अपनी जान हथेली पर रखता हूं। मेरी ही पत्नी की हत्या कर उसे हादसा बताया जा रहा है। जो पत्नी के साथ हुआ है वह किसी और के साथ न हो। पत्नी को चलती ट्रेन से फेंकने वाले टीटीई के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, मुझे सिर्फ और सिर्फ न्याय चाहिए। यह बात कहते हुए अजय यादव फफक कर रो उठे। पत्नी आरती की मौत पर पति अजय ने कई सवाल भी खड़े किए हैं। अजय के मुताबिक अनीता की छोटी सी गलती की रेलवे इतनी बड़ी सजा देगा, कभी सोचा भी न था।
मुंबई में तैनात और पुखरायां के अहरौली शेख (गायत्रीनगर) निवासी अजय का कहना है कि पत्नी का शव मिलने के दौरान पुलिस को उसका बैग व मोबाइल बरामद नहीं हुआ था। बैग पुलिस ने गुरुवार को बरामद किया है। जिस स्थान पर शव मिला वहां से बैग काफी दूर मिला है। बैग में ही आधार कार्ड व अन्य चीजें मिली है। बाबा मन्नू सिंह यादव को पुलिस से मिली सूचना में बुधवार को आधार कार्ड की फोटो भेजी गई थी। यदि आधार बैग में था तो पुलिस के पास बुधवार को ही कैसे पहुंच गया। अजय के मुताबिक अनीता की छोटी सी गलती की रेलवे इतनी बड़ी सजा देगा, कभी सोचा भी न था।
कानपुर के नौबस्ता निवासी ससुर अनिल कुमार सिंह ने टीटीई संतोष के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करवाई है। मगर अभी तक टीटीई की गिरफ्तारी नहीं हुई है। रेलवे प्रशासन टीटीई की बचाने में प्रयास में घटना को आत्महत्या दर्शाने का प्रयास कर रहा है। टीटीई ने कुछ रुपयों के लालच में पत्नी को ट्रेन से फेंक कर मार डाला है। उसकी सरकार से मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी को सजा दिलाई जाए ताकि भविष्य में किसी यात्री के साथ इस प्रकार की घटना न हो सके।
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दो दिन तक बजी मोबाइल की घंटी
आरती की मौत के बाद से अजय व उनका पूरा परिवार गमगीन है। बाबा मुन्नू सिंह ने बताया कि पौत्र के अक्सर ड्यूटी पर रहने के चलते बहू हमेशा अकेले ही सफर करती थी। उससे यह भूल कैसे हो गई उनको नहीं पता। बुधवार सुबह 11 बजे के करीब एक परिचित के पास पुलिस ने आधार कार्ड की फोटो भेजी थी। बताया था कि महिला की सुबह नौ बजे दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग के साम्हो व भरथना स्टेशन के बीच चलती ट्रेन से कूदकर मौत हुई है। वह पुखरायां के अहरौली की रहने वाली है। उन्होंने कहा बहू को सिर्फ मुंह दिखाई के दौरान देखा था। इसके चलते वह पहचान नहीं कर पाया और मोहल्ले में लोगों को आधार कार्ड दिखाता रहा। शाम चार बजे के करीब जब वह घर की महिलाओं को आधार कार्ड की फोटो दिखाई तो पता चला कि उनकी ही बहू की मौत हुई है।
मौके पर पहुंचकर परिजन ने शव की शिनाख्त की। गुरुवार को जब वह लोग पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद थे तभी एक सिपाही बहू का बैग लेकर आया और बोला कि काफी खोजबीन के बाद बैग मिल गया है। बताई गई जानकारी के अनुसार बैग बहू के शव मिलने से तीन किलोमीटर पहले से बरामद किया गया है। बैग एक एसआई की मौजूदगी में खोला गया तो उसमें बहू का आधार कार्ड रखा मिला। आधार कार्ड बैग में था तो उसकी फोटो पुलिस के पास एक दिन पहले कैसे पहुंच गई।
वहीं बहू के मोबाइल की घंटी गुरुवार दोपहर दो बजे तक बजती रही। इसके बाद मोबाइल बंद हुआ है। वह लोग घटना स्थल पर तलाश करने गए लेकिन मोबाइल बरामद नहीं हुआ। यदि पुलिस सक्रियता दिखाती तो बहू का मोबाइल बरामद हो जाता। वहीं घटना के बाद से जवान अजय के पिता भगवान सिंह उर्फ हसनू गुमसुम दिखे।
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सोशल मीडिया से पता चली थी घटना
अजय ने बताया कि वह नौसेना में मुंबई में तैनात हैं। कुछ दिन पहले उनकी ड्यूटी चेन्नई के तांब्रम एयर फोर्स स्टेशन पर लगाई गई थी। वह चेन्नई में मौजूद थे। बुधवार शाम को घर से फोन आया कि आरती ट्रेन से गिर गई है। उसके सिर व हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। वह अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने घर आने के लिए अधिकारियों से छुट्टी ली। बुधवार रात को जब उन्होंने अपना व्हाट्सएप चेक किया तो पुखरायां के स्थानीय ग्रुप में टीटीई से विवाद के बाद पत्नी के ट्रेन से गिरकर मौत होने को लेकर खबर पड़ी थी। तब उन्हें जानकारी हुई कि उनकी पत्नी अब इस दुनियां में नहीं हैं।
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घटना स्थल से कुछ दूर बाद दादरा में रोकी गई थी ट्रेन
अजय के बाबा मुन्नू सिंह ने बताया कि बहू की मौत के बाद ट्रेन के स्टॉफ ने घटनास्थल से तीन किलोमीटर आगे ट्रेन रोकर कर छानबीन की थी। इसके बाद ट्रेन गंतव्य की ओर चल दी थी। इसी बीच बहू के ही कोच में मौजूद एक यात्री ने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल कर टीटीई से बहू के विवाद होने की शिकायत की थी। इस पर रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन को दादरा स्टेशन पर रोकर कर उससे पूछताछ की थी।
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पहले से ही तनाव में थी आरती तभी टीटीई करने लगा बहस- राज वैभव
आरती की मौत को लेकर पटना आनंद विहार स्पेशल ट्रेन की बोगी एस-11 में सवार सह यात्री बलिया निवासी राज वैभव से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि वह दिल्ली में हेल्थ केयर में नौकरी करते हैं। बुधवार को वह बलिया से दिल्ली जा रहे थे। वह 20 नंबर सीट पर लेटे थे, इस दौरान कानपुर से एक महिला कोच में सवार हुई थी। वह काफी तनाव में थी। ट्रेन के चलते कुछ देर बाद महिला व टीटीई आपस में बहस करने लगे।
मौके पर जाकर देखा तो चार नंबर सीट पर महिला बैठी थी जबकि सात नंबर सीट पर बैठे टीटीई उससे टिकट को लेकर बहस कर रहे थे। महिला पास में दूसरी ट्रेन का टिकट होने की बात कह रही थी। वह अपनी सीट पर वापस आ गए। इसके कुछ देर बाद ही महिला के ट्रेन से गिरने की जानकारी हुई। उन्होंने महिला के इलाज के लिए 139 पर शिकायत की थी और अधिकारियों से इसका फॉलोअप ले रहे थे। उन्होंने महिला की जान बचाने और मानवीयता के चलते हेल्पलाइन पर फोन किया था। उनका मकसद महिला की जान बचाना था। घटना के डेढ़ घंटे बाद रेलवे अधिकारियों ने महिला की मौत होने की जानकारी दी।
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मुंबई में तैनात और पुखरायां के अहरौली शेख (गायत्रीनगर) निवासी अजय का कहना है कि पत्नी का शव मिलने के दौरान पुलिस को उसका बैग व मोबाइल बरामद नहीं हुआ था। बैग पुलिस ने गुरुवार को बरामद किया है। जिस स्थान पर शव मिला वहां से बैग काफी दूर मिला है। बैग में ही आधार कार्ड व अन्य चीजें मिली है। बाबा मन्नू सिंह यादव को पुलिस से मिली सूचना में बुधवार को आधार कार्ड की फोटो भेजी गई थी। यदि आधार बैग में था तो पुलिस के पास बुधवार को ही कैसे पहुंच गया। अजय के मुताबिक अनीता की छोटी सी गलती की रेलवे इतनी बड़ी सजा देगा, कभी सोचा भी न था।
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कानपुर के नौबस्ता निवासी ससुर अनिल कुमार सिंह ने टीटीई संतोष के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करवाई है। मगर अभी तक टीटीई की गिरफ्तारी नहीं हुई है। रेलवे प्रशासन टीटीई की बचाने में प्रयास में घटना को आत्महत्या दर्शाने का प्रयास कर रहा है। टीटीई ने कुछ रुपयों के लालच में पत्नी को ट्रेन से फेंक कर मार डाला है। उसकी सरकार से मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी को सजा दिलाई जाए ताकि भविष्य में किसी यात्री के साथ इस प्रकार की घटना न हो सके।
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दो दिन तक बजी मोबाइल की घंटी
आरती की मौत के बाद से अजय व उनका पूरा परिवार गमगीन है। बाबा मुन्नू सिंह ने बताया कि पौत्र के अक्सर ड्यूटी पर रहने के चलते बहू हमेशा अकेले ही सफर करती थी। उससे यह भूल कैसे हो गई उनको नहीं पता। बुधवार सुबह 11 बजे के करीब एक परिचित के पास पुलिस ने आधार कार्ड की फोटो भेजी थी। बताया था कि महिला की सुबह नौ बजे दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग के साम्हो व भरथना स्टेशन के बीच चलती ट्रेन से कूदकर मौत हुई है। वह पुखरायां के अहरौली की रहने वाली है। उन्होंने कहा बहू को सिर्फ मुंह दिखाई के दौरान देखा था। इसके चलते वह पहचान नहीं कर पाया और मोहल्ले में लोगों को आधार कार्ड दिखाता रहा। शाम चार बजे के करीब जब वह घर की महिलाओं को आधार कार्ड की फोटो दिखाई तो पता चला कि उनकी ही बहू की मौत हुई है।
मौके पर पहुंचकर परिजन ने शव की शिनाख्त की। गुरुवार को जब वह लोग पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद थे तभी एक सिपाही बहू का बैग लेकर आया और बोला कि काफी खोजबीन के बाद बैग मिल गया है। बताई गई जानकारी के अनुसार बैग बहू के शव मिलने से तीन किलोमीटर पहले से बरामद किया गया है। बैग एक एसआई की मौजूदगी में खोला गया तो उसमें बहू का आधार कार्ड रखा मिला। आधार कार्ड बैग में था तो उसकी फोटो पुलिस के पास एक दिन पहले कैसे पहुंच गई।
वहीं बहू के मोबाइल की घंटी गुरुवार दोपहर दो बजे तक बजती रही। इसके बाद मोबाइल बंद हुआ है। वह लोग घटना स्थल पर तलाश करने गए लेकिन मोबाइल बरामद नहीं हुआ। यदि पुलिस सक्रियता दिखाती तो बहू का मोबाइल बरामद हो जाता। वहीं घटना के बाद से जवान अजय के पिता भगवान सिंह उर्फ हसनू गुमसुम दिखे।
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सोशल मीडिया से पता चली थी घटना
अजय ने बताया कि वह नौसेना में मुंबई में तैनात हैं। कुछ दिन पहले उनकी ड्यूटी चेन्नई के तांब्रम एयर फोर्स स्टेशन पर लगाई गई थी। वह चेन्नई में मौजूद थे। बुधवार शाम को घर से फोन आया कि आरती ट्रेन से गिर गई है। उसके सिर व हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। वह अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने घर आने के लिए अधिकारियों से छुट्टी ली। बुधवार रात को जब उन्होंने अपना व्हाट्सएप चेक किया तो पुखरायां के स्थानीय ग्रुप में टीटीई से विवाद के बाद पत्नी के ट्रेन से गिरकर मौत होने को लेकर खबर पड़ी थी। तब उन्हें जानकारी हुई कि उनकी पत्नी अब इस दुनियां में नहीं हैं।
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घटना स्थल से कुछ दूर बाद दादरा में रोकी गई थी ट्रेन
अजय के बाबा मुन्नू सिंह ने बताया कि बहू की मौत के बाद ट्रेन के स्टॉफ ने घटनास्थल से तीन किलोमीटर आगे ट्रेन रोकर कर छानबीन की थी। इसके बाद ट्रेन गंतव्य की ओर चल दी थी। इसी बीच बहू के ही कोच में मौजूद एक यात्री ने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल कर टीटीई से बहू के विवाद होने की शिकायत की थी। इस पर रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन को दादरा स्टेशन पर रोकर कर उससे पूछताछ की थी।
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पहले से ही तनाव में थी आरती तभी टीटीई करने लगा बहस- राज वैभव
आरती की मौत को लेकर पटना आनंद विहार स्पेशल ट्रेन की बोगी एस-11 में सवार सह यात्री बलिया निवासी राज वैभव से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि वह दिल्ली में हेल्थ केयर में नौकरी करते हैं। बुधवार को वह बलिया से दिल्ली जा रहे थे। वह 20 नंबर सीट पर लेटे थे, इस दौरान कानपुर से एक महिला कोच में सवार हुई थी। वह काफी तनाव में थी। ट्रेन के चलते कुछ देर बाद महिला व टीटीई आपस में बहस करने लगे।
मौके पर जाकर देखा तो चार नंबर सीट पर महिला बैठी थी जबकि सात नंबर सीट पर बैठे टीटीई उससे टिकट को लेकर बहस कर रहे थे। महिला पास में दूसरी ट्रेन का टिकट होने की बात कह रही थी। वह अपनी सीट पर वापस आ गए। इसके कुछ देर बाद ही महिला के ट्रेन से गिरने की जानकारी हुई। उन्होंने महिला के इलाज के लिए 139 पर शिकायत की थी और अधिकारियों से इसका फॉलोअप ले रहे थे। उन्होंने महिला की जान बचाने और मानवीयता के चलते हेल्पलाइन पर फोन किया था। उनका मकसद महिला की जान बचाना था। घटना के डेढ़ घंटे बाद रेलवे अधिकारियों ने महिला की मौत होने की जानकारी दी।