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आलू-मटर की फसल का नुकसान कर रहे सारस
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आलू के खेत में मौजूद सारस का झुंड।
- फोटो : AKBARPUR
शिवली। खेत में आलू तैयार है। फसल खुदाई से पहले ही सारसों का झुंड आलू की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। सारस चोंच मारकर मिट्टी से आलू निकाल कर खा रहे हैं। वहीं, मटर की फसल को भी नुकसान की शिकायत किसान कर रहे हैं। फसल बचाने के लिए किसानों पूरे दिन रखवाली करनी पड़ रही है।
शिवली व आसपास के गांवों के किसान संजू, शिव सिंह, रामकुमार, हिमांशु, अमर सिंह, पप्पू, विवेक व राजकुमार ने बताया कि पूरे दिन सारसों का झुंड आलू के खेत में मौजूद रहता है। चोंच से मिट्टी कुरेदकर आलू बाहर निकालते हैं और खाते हैं। इससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और किसान परेशान हैं। बड़े आलू चोंच लगने से खराब हो रहे हैं। राजकीय बीज भंडार प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि अमूमन सारस आलू नहीं खाता है। समस्या से कृृषि वैज्ञानिकों को अवगत कराया जाएगा।
सारस राजकीय पक्षी है और संरक्षित वन्य जीव के अंतर्गत आता है। राजकीय पक्षी के आलू व मटर की फसल को नुकसान पहुंचाने की शिकायत मिली है। रसूलाबाद वन रेंजर को जांच का निर्देश दिया है।
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- डॉ. ललित कुमार गिरि, डीएफओ
तालाब में भोजन की कमी बनी वजह
शिवली। किसानों का कहना है कि सारस को पहली बार आलू व मटर खाते देखा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि सारस तालाब के किनारे ही रहते हैं। तालाब में मछलियां, कीड़े मकोड़े आदि नहीं मिलने से सारस आलू व मटर खा रहे हैं। किसान फसल की निगरानी कर और खेत में सारस को डराने के लिए बर्ड क्लचर लगाकर फसल बचा सकते हैं।
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शिवली व आसपास के गांवों के किसान संजू, शिव सिंह, रामकुमार, हिमांशु, अमर सिंह, पप्पू, विवेक व राजकुमार ने बताया कि पूरे दिन सारसों का झुंड आलू के खेत में मौजूद रहता है। चोंच से मिट्टी कुरेदकर आलू बाहर निकालते हैं और खाते हैं। इससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और किसान परेशान हैं। बड़े आलू चोंच लगने से खराब हो रहे हैं। राजकीय बीज भंडार प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि अमूमन सारस आलू नहीं खाता है। समस्या से कृृषि वैज्ञानिकों को अवगत कराया जाएगा।
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सारस राजकीय पक्षी है और संरक्षित वन्य जीव के अंतर्गत आता है। राजकीय पक्षी के आलू व मटर की फसल को नुकसान पहुंचाने की शिकायत मिली है। रसूलाबाद वन रेंजर को जांच का निर्देश दिया है।
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- डॉ. ललित कुमार गिरि, डीएफओ
तालाब में भोजन की कमी बनी वजह
शिवली। किसानों का कहना है कि सारस को पहली बार आलू व मटर खाते देखा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि सारस तालाब के किनारे ही रहते हैं। तालाब में मछलियां, कीड़े मकोड़े आदि नहीं मिलने से सारस आलू व मटर खा रहे हैं। किसान फसल की निगरानी कर और खेत में सारस को डराने के लिए बर्ड क्लचर लगाकर फसल बचा सकते हैं।