Kanpur: यूपी की हार के बाद बदले गए ग्रीनपार्क के पिच क्यूरेटर, यूपीसीए ने शिवकुमार को फिर से दी जिम्मेदारी
Kanpur News: सूत्रों के अनुसार, कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के खराब प्रदर्शन का एक कारण ग्रीनपार्क का विकेट भी रहा। सेमीफाइनल जैसे महत्वपूर्ण मैच के लिए एकदम पाटा विकेट तैयार किया गया था।
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ग्रीनपार्क स्टेडियम में आयोजित कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी का सेमीफाइनल मैच शुक्रवार को यूपी व पंजाब के बीच ड्रॉ रहा। अपने ही घरेलू मैदान पर खराब प्रदर्शन का खामियाजा मेजबान यूपी टीम को टूर्नामेंट से बाहर होकर चुकाना पड़ा। इसके चलते यूपीसीए ने आदेश जारी कर ग्रीनपार्क के वर्तमान पिच क्यूरेटर भूपेंद्र सिंह को हटाकर कमला क्लब भेजा है।
अब उनके स्थान पर मुख्य पिच क्यूरेटर शिवकुमार को ग्रीनपार्क का कार्य सौंपा गया है। कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी के सेमीफाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले में पंजाब की टीम मेजबान उत्तर प्रदेश पर सभी क्षेत्रों में भारी पड़ी। पंजाब के बल्लेबाजों ने जहां मेजबान टीम के गेंदबाजों की जमकर खबर ली, वहीं उनके गेंदबाजों के सामने उत्तर प्रदेश के बल्लेबाज ज्यादा टिक नहीं सके।
पिच को एकदम पाटा क्यों बनाया
सूत्रों के अनुसार, इसका एक कारण ग्रीनपार्क का विकेट भी रहा। सेमीफाइनल जैसे महत्वपूर्ण मैच के लिए एकदम पाटा विकेट तैयार किया गया था। जबकि, बीसीसीआई ने इस वर्ष से यह नियम लागू किया है कि मैच से पहले टॉस नहीं किया जाएगा। मेहमान टीम ही पिच को देखकर पहले बल्लेबाजी और गेंदबाजी करने का निर्णय लेगी। इस नियम के बाद भी यूपीसीए ने पिच को परिणाम के हिसाब से न बनवाकर एकदम पाटा क्यों बनाया।
दोनों को वापस पुराने मैदानों की जिम्मेदारी सौंपी
उधर, टीम के बाहर होने का सबसे पहला खामियाजा ग्रीनपार्क के पिच क्यूरेटर भूपेंद्र सिंह को उठाना पड़ा। यूपीसीए सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने उन्हें कमला क्लब स्थानांतरित करते हुए वहां का काम देख रहे यूपीसीए के मुख्य पिच क्यूरेटर शिव कुमार को ग्रीनपार्क का कार्य सौंप दिया है। इससे पहले 2024 में यूपीसीए सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने ही इन दोनों को बदला था। अब फिर से दोनों को वापस पुराने मैदानों की जिम्मेदारी सौंपी है।