फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   After 11 years in Kanpur, BIC got possession of Mayfield bungalow, two properties of the builder were also att

Kanpur News: 11 साल का इंतजार खत्म, बीआईसी को मिला मैफील्ड बंगले पर कब्जा, बिल्डर की दो संपित्तयां भी कुर्क

Fri, 29 Jul 2022 09:18 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 29 Jul 2022 09:18 PM IST
सार

बीआईसी को 11 साल बाद मैफील्ड बंगला मिल गया है, जिस पर बिल्डर समीर अग्रवाल ने कब्जा कर रखा था। ग्वालटोली पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई की गई है। यही नहीं, दो दिन पहले ही आयकर विभाग ने बिल्डर की बिठूर स्थित दो बेनामी संपत्तियों को कुर्क किया था। 
 

विज्ञापन
After 11 years in Kanpur, BIC got possession of Mayfield bungalow, two properties of the builder were also att
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में ब्रिटिश इंडिया कॉरपोरेशन (बीआईसी) को खलासी लाइन स्थित मैफील्ड बंगले का कब्जा 11 साल बाद वापस मिल सका। शुक्रवार को ग्वालटोली पुलिस ने बीआईसी के अफसरों की चार सदस्यीय टीम के साथ कब्जा दिलाया। इस बंगले पर बिल्डर समीर अग्रवाल ने कब्जा कर रखा था। हालांकि कार्रवाई के दौरान वो नहीं था। 

विज्ञापन

कुछ समय पहले ही उसने सारा सामान समेट लिया था। इस बंगले की कीमत 50 करोड़ से अधिक है। कपड़ा मंत्रालय की सख्ती के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। दो दिन पहले ही समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी प्रीति अग्रवाल की बिठूर स्थित दो बेनामी संपत्तियों को आयकर विभाग ने कुर्क किया था।
विज्ञापन

2358 स्क्वायर मीटर में बने खलासी लाइन स्थित बंगले में सालों पहले आयकर अफसर रहा करते थे। 2003 में बीआईसी ने लाल इमली और धारीवाल के रिवाइवल प्लान के लिए मैफील्ड समेत 27 बंगलों को बिक्री करने का निर्णय किया था। अफसरों ने मिलीभगत करके सस्ते दामों पर इन बंगलों को शहर के कुछ रईसों को बेचा था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

27 मई 2021 को बीआईसी ने 19 बंगलों की सेल डीड निरस्त कर दी थी। इन 19 बंगलों में केवल 25 फीसदी ही भुगतान हुआ था। मैफील्ड बंगले की उस समय दो करोड़ 20 लाख की बोली लगाई गई थी। इस बंगले की बिक्री का करार आईआईए के पूर्व अध्यक्ष पीसी कुरेले और बीआईसी के बीच हुआ था। 50 लाख रुपये जमा कराए गए थे। 

कब्जा बीआईसी का ही था, लेकिन पीसी कुरेले ने दूसरा एग्रीमेंट बिल्डर समीर अग्रवाल के नाम 2011 में कर दिया था। इसका करोड़ों में सौदा हुआ था, जबकि इस तरह का एग्रीमेंट किया ही नहीं जा सकता था। बिल्डर बंगले में शादी ब्याह करवाता था, जिसकी शिकायत कपड़ा मंत्रालय में की गई थी। 

ग्वालटोली इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने बताया कि शुक्रवार को बीआईसी के अफसरों की मौजूदगी में कब्जा दिलाया गया। अफसरों ने अब अपना ताला डाल दिया है। इस दौरान बीआईसी कमेटी के एसके उपाध्याय, मनीष शुक्ला, पीके सिंह, आरबी सिंह आदि थे।

दर्ज कराई जाएगी एफआईआर
कब्जा प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग,उसका दोबारा करार करने पर बिल्डर समीर अग्रवाल और पीसी कुुरेले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed