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कोर्ट में अधिवक्ता ने कहा, अवैध असलहों से डकैत मंगली केवट करता था अपराध, दें कड़ी सजा
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कानपुर देहात। माती स्थित अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में डकैत मंगली केवट से अवैध शस्त्र बरामदगी के मामले की सुनवाई हुई। इसमें अभियोजन पक्ष ने अवैध असलहों के बल पर मंगली केवट के अपराध करने की बात रखी और कोर्ट से कड़ी सजा देने की मांग की। वहीं बचाव पक्ष ने बहस के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने चार दिसंबर की तारीख दी।
डकैत मंगली केवट की निशानदेही पर 17 जुलाई 2006 को एसओजी टीम ने एके 47, सात कारतूस व मैग्जीन महेशपुर गांव के जंगल से बरामद की थी। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय निजेंद्र कुमार की अदालत में चल रही है। मंगलवार को मामले में बहस हुई। कड़ी सुरक्षा में आरोपी को भी कोर्ट लाया गया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार पांडेय द्वितीय ने बहस के दौरान कोर्ट को बताया कि कुख्यात डकैत निर्भय गुर्जर के गिरोह में शामिल होकर अपराध की शुरुआत करने वाले मंगली केवट ने कुछ सालों में अपना अलग गिरोह बना लिया था। उसके गिरोह में 24 से अधिक सदस्य थे। उनके पास प्रतिबंधित हथियार भी थे।
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पुलिस ने मंगली केवट की निशानदेही पर एके 47 व कारतूस बरामद किए थे। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने मंगली केवट को कड़ी सजा देने की मांग की। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने इस पर बहस के लिए समय मांगा। कोर्ट ने बहस के लिए चार दिसंबर की तिथि तय की है।
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डकैत मंगली केवट की निशानदेही पर 17 जुलाई 2006 को एसओजी टीम ने एके 47, सात कारतूस व मैग्जीन महेशपुर गांव के जंगल से बरामद की थी। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय निजेंद्र कुमार की अदालत में चल रही है। मंगलवार को मामले में बहस हुई। कड़ी सुरक्षा में आरोपी को भी कोर्ट लाया गया था।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार पांडेय द्वितीय ने बहस के दौरान कोर्ट को बताया कि कुख्यात डकैत निर्भय गुर्जर के गिरोह में शामिल होकर अपराध की शुरुआत करने वाले मंगली केवट ने कुछ सालों में अपना अलग गिरोह बना लिया था। उसके गिरोह में 24 से अधिक सदस्य थे। उनके पास प्रतिबंधित हथियार भी थे।
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पुलिस ने मंगली केवट की निशानदेही पर एके 47 व कारतूस बरामद किए थे। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने मंगली केवट को कड़ी सजा देने की मांग की। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने इस पर बहस के लिए समय मांगा। कोर्ट ने बहस के लिए चार दिसंबर की तिथि तय की है।