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फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ेगी यूपीएसआईडीसी की परियोजना
Kanpur
Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। प्रदेश की सीमा से गुजरने वाले नार्थ, ईस्ट, साउथ और वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर (व्यावसायिक रेल परिक्षेत्र) से यूपीएसआईडीसी की औद्योगिक, आवासीय इकाईयों को जोड़ने की योजना बनी है। गुरुवार को लखनऊ में आयोजित बैठक में चेयरमैन और औद्योगिक विकास आयुक्त अनिल गुप्ता ने यूपीएसआईडीसी के अफसरों से फ्रेट कॉरिडोर के आसपास जमीन तलाशने को कहा है। इसके लिए निर्धारित मुआवजा देकर जमीन अधिग्रहण की कोशिश हो, ताकि कॉरिडोर बनने के बाद आवासीय, औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जितनी औद्योगिक इकाईयां स्थापित होंगी, उतने ही रोजगार सृजित किए जा सकेंगे।
अनिल गुप्ता ने यूपीएसआईडीसी के विकास कार्य, योजनाओं की लखनऊ में समीक्षा की। प्रबंध निदेशक मो. इफ्तिखारुद्दीन, संयुक्त प्रबंध निदेशक वेद प्रकाश वर्मा और मुख्य अभियंता आरके चौहान के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि यूपीएसआईडीसी की छवि सुधारने की कोशिश की जाए। जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किए हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। तभी उद्यमी, व्यापारी यूपी आएंगे। औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए यूपीएसआईडीसी से जमीन मांगेंगे। चेयरमैन ने कहा कि लंबित परियोजनाओं को अमल में लाया जाना चाहिए। जहां भूमि अधिग्रहण हो चुका हो, वहां के किसानों से बातचीत करके जमीन कब्जे में ली जाएं। औद्योगिक, आवासीय प्लाटों का आवंटन और विकास का काम कराया जाए। योजनाओं को विस्तार देकर फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ें। वहीं, प्रबंध निदेशक ने बताया कि जमीनों के रेट रिवाइज किए जा रहे हैं। यह काम 31 मई तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद ही प्लाट आवंटन का काम शुरू होगा।
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अनिल गुप्ता ने यूपीएसआईडीसी के विकास कार्य, योजनाओं की लखनऊ में समीक्षा की। प्रबंध निदेशक मो. इफ्तिखारुद्दीन, संयुक्त प्रबंध निदेशक वेद प्रकाश वर्मा और मुख्य अभियंता आरके चौहान के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि यूपीएसआईडीसी की छवि सुधारने की कोशिश की जाए। जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किए हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। तभी उद्यमी, व्यापारी यूपी आएंगे। औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए यूपीएसआईडीसी से जमीन मांगेंगे। चेयरमैन ने कहा कि लंबित परियोजनाओं को अमल में लाया जाना चाहिए। जहां भूमि अधिग्रहण हो चुका हो, वहां के किसानों से बातचीत करके जमीन कब्जे में ली जाएं। औद्योगिक, आवासीय प्लाटों का आवंटन और विकास का काम कराया जाए। योजनाओं को विस्तार देकर फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ें। वहीं, प्रबंध निदेशक ने बताया कि जमीनों के रेट रिवाइज किए जा रहे हैं। यह काम 31 मई तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद ही प्लाट आवंटन का काम शुरू होगा।
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