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छह महीने में बनी बिजली लाइन, 6 मिनट न चली
Kanpur
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। नौबस्ता से बिधनू तक विद्युत लाइन प्रोजेक्ट के उपकरणों की खरीद में घोटाला हुआ है। इसमें घटिया सामग्री लगा दी गई। इसे जब चालू किया गया तो इंसुलेटर फुंक गए। विभागीय अधिकारियों ने इसमें घटिया उपकरणों का इस्तेमाल किया था। फुंकने के बाद लाइन इसी तरह पड़ी रही। क्षेत्रीय विधायक मुनींद्र शुक्ल की शिकायत पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जांच के आदेश दिए हैं। इससे हाइडेल में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है। जांच रिपोर्ट दो हफ्ते के अंदर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी।
सवा करोड़ के नौबस्ता से बिधनू विद्युत लाइन प्रोजेक्ट के तहत छह महीने के अंदर लाइन खींच दी गई थी। टेस्टिंग के तौर पर पिछले हफ्ते जब लाइन चालू की गई तो एक बाद एक इंसुलेटर फुंक गए। इंजीनियर और ठेकेदार एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे। क्षेत्रीय विधायक मुनींद्र शुक्ल ने बताया कि जब उन्होंने इस प्रोजेक्ट के संबंध में ठेकेदार से पूछा तो उसने बताया कि विभाग के स्टॉक का सामान उसने विद्युत लाइन में इस्तेमाल किया। इंसुलेटर, तार और दूसरे उपकरण निहायत घटिया के किस्म के थे।
इंजीनियर और ठेकेदार के आरोप-प्रत्यारोप के चक्कर में लाइन पड़ी रही। मंगलवार को विधायक मुनींद्र शुक्ल ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जाकर की। इस पर मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश कर दिए। जांच की सूचना मिलने पर हाइडिल में हड़कंप मच गया। लीपापोती करके लाइन को चालू करने लायक बना दिया गया। इंजीनियरों ने विधायक से गुरुवार को उद्घाटन करने का अनुरोध किया था। इस पर विधायक ने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं होती वह उद्घाटन नहीं करेंगे।
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इस संबंध में हाईडिल के मुख्य अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने पहले तो इस मामले को सिरे से नकार दिया। फिर बोले कि इंसुलेटरों में कुछ दिक्कत थी। ठेकेदार का पेमेंट रोक दिया गया है। कुछ दिन लाइन चल जाने के बाद पेमेंट होगा।
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सवा करोड़ के नौबस्ता से बिधनू विद्युत लाइन प्रोजेक्ट के तहत छह महीने के अंदर लाइन खींच दी गई थी। टेस्टिंग के तौर पर पिछले हफ्ते जब लाइन चालू की गई तो एक बाद एक इंसुलेटर फुंक गए। इंजीनियर और ठेकेदार एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे। क्षेत्रीय विधायक मुनींद्र शुक्ल ने बताया कि जब उन्होंने इस प्रोजेक्ट के संबंध में ठेकेदार से पूछा तो उसने बताया कि विभाग के स्टॉक का सामान उसने विद्युत लाइन में इस्तेमाल किया। इंसुलेटर, तार और दूसरे उपकरण निहायत घटिया के किस्म के थे।
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इंजीनियर और ठेकेदार के आरोप-प्रत्यारोप के चक्कर में लाइन पड़ी रही। मंगलवार को विधायक मुनींद्र शुक्ल ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जाकर की। इस पर मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश कर दिए। जांच की सूचना मिलने पर हाइडिल में हड़कंप मच गया। लीपापोती करके लाइन को चालू करने लायक बना दिया गया। इंजीनियरों ने विधायक से गुरुवार को उद्घाटन करने का अनुरोध किया था। इस पर विधायक ने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं होती वह उद्घाटन नहीं करेंगे।
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इस संबंध में हाईडिल के मुख्य अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने पहले तो इस मामले को सिरे से नकार दिया। फिर बोले कि इंसुलेटरों में कुछ दिक्कत थी। ठेकेदार का पेमेंट रोक दिया गया है। कुछ दिन लाइन चल जाने के बाद पेमेंट होगा।