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हैलट में जूनियर डाक्टरों की हड़ताल, हड़कंप

Kanpur Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
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कानपुर। वेतन न मिलने से गुस्साए मेडिकल कालेज के जूनियर डाक्टरों ने सोमवार को हड़ताल कर दी। हैलट इमरजेंसी, इंडोर वार्ड और इससे संबद्ध अन्य अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था ठप होने से हड़कंप मच गया। इलाज के अभाव में मरीज तड़पने लगे। इमरजेंसी से मरीजों को टरकाया गया। बवाल की आशंका के मद्देनजर स्वरूप नगर थाने का फोर्स भेजा गया। डेढ़ घंटे बाद मेडिकल कालेज प्राचार्य के आश्वासन पर जूनियर डाक्टर काम पर लौटे।
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जीएसवीएम मेडिकल कालेज में प्रथम वर्ष के जूनियर डाक्टरों को चार महीने और द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के जूनियर डाक्टरों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। जूनियर डाक्टरों ने बताया कि प्रोफेसरों, विभागाध्यक्ष से लेकर मेडिकल कालेज प्राचार्य तक से कई बार वेतन दिलाने का आग्रह किया लेकिन हर बार आश्वासन देकर टरका दिया गया। इससे गुस्साए मेडिसिन, सर्जरी, आर्थोपेडिक, पीडियाट्रिक्स, गायनी, चेस्ट समेत अन्य विभागों के जूनियर डाक्टरों ने ओपीडी बंद होने करने के बाद सामूहिक हड़ताल का फैसला ले लिया। दोपहर ढाई बजे चिकित्सा व्यवस्था ठप कर विभिन्न विभागों के जूनियर डाक्टर हैलट इमरजेंसी में एकत्रित हुए। इमरजेंसी गेट पर हड़ताल की नोटिस चिपका दी गई। इमरजेंसी का गेट भी बंद कर दिया गया, ताकि मरीज अंदर न आ सकें। इमरजेंसी से मरीज टरकाए जाने लगे। जबकि इमरजेंसी के साथ ही इंडोर वार्डों में भर्ती मरीज इलाज के अभाव में तड़पने लगे। जूनियर डाक्टरों द्वारा बवाल की आशंका के मद्देनजर इमरजेंसी और इसके आसपास पुलिस फोर्स लगाया गया। डेढ़ घंटे तक विरोध प्रदर्शन के बाद जूनियर डाक्टरों का प्रतिनिधिमंडल मेडिकल कालेज प्राचार्य दफ्तर पहुंचा। वहां करीब पौन घंटे वार्ता चली। इस दौरान पहले साल के जूनियर डाक्टरों ने कहा कि उन्होंने बीते साल जून में यहां ज्वाइन किया था, लेकिन उस महीने का वेतन अभी तक नहीं मिला। इधर, पिछले तीन महीने से भी उनके बैंक खातों में वेतन नहीं पहुंचा। दूसरे और तीसरे साल के जूनियर डाक्टरों ने भी तीन महीने का वेतन न मिलने से हो रही दिक्कतों का हवाला दिया। सभी ने तुरंत वेतन दिलाने की मांग की। पहले तो प्राचार्य बजट न होने की बात कहते रहे, लेकिन मामला तूल पकड़ता देख उन्होंने 24 घंटे में वेतन दिलाने का आश्वासन दिया। वार्ता कर दफ्तर से निकलते ही जूनियर डाक्टरों ने ऐलान किया कि यदि 24 घंटे में बकाया वेतन नहीं मिला तो वे बेमियादी हड़ताल पर पुर्नविचार करेंगे। उधर, इस मामले में मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. डा. आनंदस्वरूप का कहना है कि 24 घंटे की बात तो नहीं है। जूनियर डाक्टर 48 घंटे में वेतन की मांग कर रहे थे। जल्द से जल्द वेतन दिलवाएंगे। 24 घंटे पहले ही वेतन दिलवाने की कोशिश होगी।

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