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भौआपुर सौर ऊर्जा की रोशनी से जगमगाया
Updated Wed, 15 Aug 2018 01:04 AM IST
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चौबेपुर (कानपुर)। आजादी के 71 वर्ष बाद भी विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत पचोर का गांव भौआपुर अब तक अंधेरे में ही डूब था। ग्राम प्रधान की पहल और प्रयास के बाद रोटरी क्लब के सहयोग से गांव में लगी 15 सोलर लाइट से पूरा गांव जगमगा उठा। स्वतंत्रता के पूर्व सौर ऊर्जा से रोशन हुए गांव को जगमगाता देख ग्रामीणों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों के मुताबिक, बिजली बगैर वह विभिन्न संसाधनों से वंचित हैं, फिलहाल उन्हें अंधेरे से आजादी तो मिल ही गई।
ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत पचोर का गांव भौआपुर संसाधनों के अभाव में अभी भी काफी पिछड़ा ही है। लगभग 1500 सौ की आबादी वाले इस गांव के इर्द-गिर्द एक किमी. के दायरे में रामपुर और पंचमापुरवा गांव में वर्षों पहले ही विद्युतीकरण किया जा चुका है, किंतु ग्रामीणों के लाख प्रयास के बाद भी यह गांव अभी तक विद्युतविहीन ही है। गांव के मौजीलाल, द्वारिका वर्मा, बहादुर, प्यारे लाल, रामखिलावन, छेदीलाल, सुरेश आदि बताते हैं कि ग्राम पंचायत पचोर से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग अभी भी कच्चा ही है। करीब ढाई किमी. लंबा मार्ग बारिश के दिनों में पानी भर जाने से आवागमन के लायक नहीं रहता। तब ग्रामीणों को कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर चौबेपुर आना-जाना पड़ता है। सबसे बड़ी समस्या बिजली है आधुनिकता के इस दौर में बिन बिजली गांव के लोग कई प्रकार की सुविधाओं से वंचित बने हैं। वहीं ग्राम प्रधान पीयूष मिश्रा ने बताया कि गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए उन्होंने विभागीय उच्चाधिकारियों से चर्चा की, लेकिन दीनदयाल ग्राम्य विद्युत योजना के अंतर्गत गांव चयनित होने की बात कह मामला टलता रहा। इसके बाद रोटरी क्लब ऑफ इंड्रस्टीज के अध्यक्ष आशू मलहोत्रा से गांव की समस्या बताई। इस पर करीब एक माह पहले रोटरी क्लब पदाधिकारियों संजय सेठ और विवेक गर्ग ने गांव का सर्वे कर भौआपुर को सौर ऊर्जा लाइट से रोशन करने का फैसला किया। रोटरी क्लब की ओर से स्वतंत्रता दिवस से पहले ही सोलर लाइट लगवा दी गई है।
गांव के राम सिंह, शिवनाथ व जगदीश आदि ग्रामीणों ने बताया कि पहले शाम ढलते ही गांव में सन्नाटा पसर जाता था, लेकिन सौर ऊर्जा लाइट जलने से देर रात तक गांव में चहल पहल रहती है। वहीं, छात्र राहुल वर्मा, नीरज, पिंकी, सोनू, शिवम आदि ने बताया कि सौर ऊर्जा लाइट गांव में लगने से उन्हें पढ़ाई में भी सहूलियत हो रही है। सौर ऊर्जा लाइट से भौआपुर गांव को रोशन करने में रोटरी क्लब के द्वारा करीब दो लाख पचास हजार रुपये खर्च किया गया है।
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ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत पचोर का गांव भौआपुर संसाधनों के अभाव में अभी भी काफी पिछड़ा ही है। लगभग 1500 सौ की आबादी वाले इस गांव के इर्द-गिर्द एक किमी. के दायरे में रामपुर और पंचमापुरवा गांव में वर्षों पहले ही विद्युतीकरण किया जा चुका है, किंतु ग्रामीणों के लाख प्रयास के बाद भी यह गांव अभी तक विद्युतविहीन ही है। गांव के मौजीलाल, द्वारिका वर्मा, बहादुर, प्यारे लाल, रामखिलावन, छेदीलाल, सुरेश आदि बताते हैं कि ग्राम पंचायत पचोर से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग अभी भी कच्चा ही है। करीब ढाई किमी. लंबा मार्ग बारिश के दिनों में पानी भर जाने से आवागमन के लायक नहीं रहता। तब ग्रामीणों को कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर चौबेपुर आना-जाना पड़ता है। सबसे बड़ी समस्या बिजली है आधुनिकता के इस दौर में बिन बिजली गांव के लोग कई प्रकार की सुविधाओं से वंचित बने हैं। वहीं ग्राम प्रधान पीयूष मिश्रा ने बताया कि गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए उन्होंने विभागीय उच्चाधिकारियों से चर्चा की, लेकिन दीनदयाल ग्राम्य विद्युत योजना के अंतर्गत गांव चयनित होने की बात कह मामला टलता रहा। इसके बाद रोटरी क्लब ऑफ इंड्रस्टीज के अध्यक्ष आशू मलहोत्रा से गांव की समस्या बताई। इस पर करीब एक माह पहले रोटरी क्लब पदाधिकारियों संजय सेठ और विवेक गर्ग ने गांव का सर्वे कर भौआपुर को सौर ऊर्जा लाइट से रोशन करने का फैसला किया। रोटरी क्लब की ओर से स्वतंत्रता दिवस से पहले ही सोलर लाइट लगवा दी गई है।
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गांव के राम सिंह, शिवनाथ व जगदीश आदि ग्रामीणों ने बताया कि पहले शाम ढलते ही गांव में सन्नाटा पसर जाता था, लेकिन सौर ऊर्जा लाइट जलने से देर रात तक गांव में चहल पहल रहती है। वहीं, छात्र राहुल वर्मा, नीरज, पिंकी, सोनू, शिवम आदि ने बताया कि सौर ऊर्जा लाइट गांव में लगने से उन्हें पढ़ाई में भी सहूलियत हो रही है। सौर ऊर्जा लाइट से भौआपुर गांव को रोशन करने में रोटरी क्लब के द्वारा करीब दो लाख पचास हजार रुपये खर्च किया गया है।
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