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आसमान से बरसी आफत: 8.1 मिमी बारिश से भरे खेत, सड़कों पर जलभराव, कच्चा मकान ढहा
Tue, 04 Aug 2026 08:54 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: Shikha Pandey
Updated Tue, 04 Aug 2026 08:54 PM IST
सार
औरैया में बारिश का सिलसिला रात से दिन तक जारी रहा। शहर कस्बों से लेकर गांव की गलियों में जलभराव से संकट बढ़ा।
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क्षेत्र के ग्राम मौहारी में पड़ा मकान का मलबा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
धान रोपाई के बाद से किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। लगातार आसमान में उमड़ते बादल निकले जा रहे थे। बारिश के इंतजार का सिलसिला सोमवार रात टूटा। रात से लेकर मंगलवार दिन तक रुक-रुककर अच्छी बारिश हुई। 24 घंटे के अंदर 8.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। जो कि इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश रही। तापमान में गिरावट के साथ खेत लबालब भरने से किसानों के चेहरे खिल गए। हालांकि शहर से लेकर कस्बों और गांवों में जलभराव के हालात रहे। वहीं रिमझिम बारिश से अजीतमल के मौहारी गांव में एक कच्चा मकान ढह गया ।
बारिश के बाद तापमान में गिरावट के साथ खेत लबालब भर गए। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे। हालांकि शहर, कस्बों और गांवों में जलभराव के हालात बने। गलियों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें हुईं। दिबियापुर रोड पर मंगलवार 3 अगस्त को जलभराव दिखा। उमरैन और बिधूना के मार्गों पर भी पानी भर गया। सोमवार की रात से मंगलवार सुबह तक हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी। धान की फसल को सबसे अधिक लाभ मिला है। मक्का और बाजरा की फसलों को भी आवश्यक नमी मिल गई। बारिश के बाद धान के खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है। इससे फसल की बढ़वार तेज होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि अब करीब 15 दिनों तक सिंचाई की चिंता नहीं रहेगी।
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बारिश के बाद तापमान में गिरावट के साथ खेत लबालब भर गए। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे। हालांकि शहर, कस्बों और गांवों में जलभराव के हालात बने। गलियों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें हुईं। दिबियापुर रोड पर मंगलवार 3 अगस्त को जलभराव दिखा। उमरैन और बिधूना के मार्गों पर भी पानी भर गया। सोमवार की रात से मंगलवार सुबह तक हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी। धान की फसल को सबसे अधिक लाभ मिला है। मक्का और बाजरा की फसलों को भी आवश्यक नमी मिल गई। बारिश के बाद धान के खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है। इससे फसल की बढ़वार तेज होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि अब करीब 15 दिनों तक सिंचाई की चिंता नहीं रहेगी।
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किसानों को राहत
पर्याप्त नमी मिलने के बाद किसान धान की फसल में खाद डालने की तैयारी में जुट गए हैं। इससे पैदावार बेहतर होने की संभावना है। कृषि मौसम वैज्ञानिक रामपलट सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह तक 8.1 मिमी वर्षा होने की संभावना सही साबित हुई। अगले 24 घंटों में 14.6 मिमी तक बारिश होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम धान, मक्का और बाजरा की फसलों के लिए अनुकूल है। किसानों को खेतों में उचित जल निकास बनाए रखते हुए नमी का लाभ उठाना चाहिए। साथ ही संतुलित मात्रा में खाद का प्रयोग करें।
पर्याप्त नमी मिलने के बाद किसान धान की फसल में खाद डालने की तैयारी में जुट गए हैं। इससे पैदावार बेहतर होने की संभावना है। कृषि मौसम वैज्ञानिक रामपलट सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह तक 8.1 मिमी वर्षा होने की संभावना सही साबित हुई। अगले 24 घंटों में 14.6 मिमी तक बारिश होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम धान, मक्का और बाजरा की फसलों के लिए अनुकूल है। किसानों को खेतों में उचित जल निकास बनाए रखते हुए नमी का लाभ उठाना चाहिए। साथ ही संतुलित मात्रा में खाद का प्रयोग करें।
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बारिश में मकान ढहा, महिला बची
अजीतमल क्षेत्र के गांव मौहारी में सोमवार रात से लगातार हो रही बारिश के चलते एक कच्चे मकान के कमरे की दीवार और छत ढह गई। हादसे के समय कमरे में कोई मौजूद नहीं था। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि कमरे में रखा गृहस्थी का सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। गांव मौहारी निवासी कुसमा पत्नी दिवंगत भानुप्रकाश अपने आवास पर थीं। बारिश के दौरान वह किसी कार्य से मकान के बाहरी कमरे में चली गई थीं। इसी बीच पीछे वाले कमरे की दीवार और छत अचानक ढह गई। यदि उस समय वह कमरे के अंदर होतीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
अजीतमल क्षेत्र के गांव मौहारी में सोमवार रात से लगातार हो रही बारिश के चलते एक कच्चे मकान के कमरे की दीवार और छत ढह गई। हादसे के समय कमरे में कोई मौजूद नहीं था। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि कमरे में रखा गृहस्थी का सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। गांव मौहारी निवासी कुसमा पत्नी दिवंगत भानुप्रकाश अपने आवास पर थीं। बारिश के दौरान वह किसी कार्य से मकान के बाहरी कमरे में चली गई थीं। इसी बीच पीछे वाले कमरे की दीवार और छत अचानक ढह गई। यदि उस समय वह कमरे के अंदर होतीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
नहीं मिल सका प्रधानमंत्री आवास
कुसमा ने बताया कि उनके पति का निधन 2025 में बीमारी के चलते हो गया था। पति के निधन के बाद कुसमा किसी तरह अपना जीवनयापन कर रही हैं। उन्होंने पूर्व में ग्राम प्रधान से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने की गुहार लगाई थी। लेकिन उन्हें अब तक लाभ नहीं मिल सका। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पक्का आवास मिल गया होता तो शायद आज यह स्थिति नहीं आती। दीवार और छत गिरने से मकान का पिछला हिस्सा पूरी तरह खुल गया है। इससे पीड़िता को चोरी सहित अन्य सुरक्षा संबंधी चिंताएं सता रही हैं। तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि लेखपाल को भेजा गया है। नुकसान का आकलन कराते हुए मदद दी जाएगी। पात्रता के आधार पर आवास योजना का भी लाभ दिया जाएगा।
कुसमा ने बताया कि उनके पति का निधन 2025 में बीमारी के चलते हो गया था। पति के निधन के बाद कुसमा किसी तरह अपना जीवनयापन कर रही हैं। उन्होंने पूर्व में ग्राम प्रधान से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने की गुहार लगाई थी। लेकिन उन्हें अब तक लाभ नहीं मिल सका। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पक्का आवास मिल गया होता तो शायद आज यह स्थिति नहीं आती। दीवार और छत गिरने से मकान का पिछला हिस्सा पूरी तरह खुल गया है। इससे पीड़िता को चोरी सहित अन्य सुरक्षा संबंधी चिंताएं सता रही हैं। तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि लेखपाल को भेजा गया है। नुकसान का आकलन कराते हुए मदद दी जाएगी। पात्रता के आधार पर आवास योजना का भी लाभ दिया जाएगा।