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फर्रुखाबाद की खबरें
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फर्रुखाबाद की खबरें
चीनी मिल के गार्ड ने किसानों पीटा, बनाया बंधक
- गन्ना सप्लाई के लेनदेन का है विवाद, ट्रैक्टर में की तोड़फोड़
- मिल प्रशासन ने दैनिक वेतन भोगी केन गार्ड को निकाला
अमर उजाला ब्यूरो
कायमगंज। चीनी मिल में गन्ना सप्लाई करने गए दो किसान भाइयों को केन गार्ड ने लेनदेन के विवाद में पीट दिया। एक किसान को कोठरी में बंद कर ट्रैक्टर में तोड़फोड़ कर दी। मिल प्रशासन ने दैनिक वेतन भोगी केन गार्ड को काम से हटा दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव भुक्सा निवासी शिवनारायण शनिवार को चीनी मिल में गन्ना सप्लाई करने गए थे। गन्ने की तौल के बाद केन गार्ड ओमदत्त ने उनसे अपने दस हजार रुपये मांगे। इस पर दोनों में कहासुनी हो गई। केन गार्ड व उनके साथियों ने उसकी पिटाई कर दी। बाद में उसे मिल की एक कोठरी में बंद कर दिया और उसके ट्रैक्टर में तोड़फोड़ कर दी। सूचना पर किसान के बड़े भाई देवनारायण पहुंचे और अपने भाई को छुड़ाने का प्रयास किया तो केन गार्ड ने उन्हें भी पीट दिया।
मिल के गन्ना यार्ड में अफरातफरी मच गई। काफी किसान इकट्ठा हो गए। किसानों ने बंधक बनाए गए किसान शिवनारायण व उनके बड़े भाई देवनारायण को छुड़ाया। घायल किसान कोतवाली पहुंचे। देवनारायण ने कोतवाली में तहरीर दी। घायल किसानों के साथ पुलिस चीनी मिल पहुंची और तौल लिपिक, किसानों व अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की।
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बताया गया कि केन गार्ड ने किसान देवनारायण की गन्ना पर्ची पर अपना गन्ना सप्लाई कर दिया था। उसी गन्ने के भुगतान को लेकर विवाद हुआ है। किसान देवनारायण ने बताया कि केन गार्ड की पर्ची पर पहले उन्होंने 17000 रुपये का गन्ना सप्लाई किया था, जिसका केन गार्ड ने भुगतान नहीं किया। बाद में उन्होंने केन गार्ड के गन्ने को अपनी पर्ची पर सप्लाई कर दिया। वह उनका भुगतान नहीं दे रहे हैं। मिल प्रशासन ने इस मामले में बताया कि किसान व केन गार्ड के बीच मारपीट हुई है। केन गार्ड की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
लापता युवक का शव गंगा में मिला, हत्या का आरोप
- पांच दिन पहले दोस्त के साथ ढाई घाट मेले में आया था
- दोस्त के पास मोबाइल होने का पिता ने लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। पांच दिन पूर्व घर से दोस्त के साथ ढाई घाट मेले के लिए निकले युवक का शव गंगा में पुल के नीचे शनिवार को उतराता मिला। पिता ने बेटे के दोस्त पर हत्या कर शव गंगा में फेंकने व बेटे का फोन दोस्त के पास होने का आरोप लगाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिया है।
जनपद एटा थाना अलीगंज के शारणपुर गांव निवासी गिरंद सिंह का पुत्र प्रभुदयाल (22) 18 फरवरी को गांव निवासी अपने दोस्त के साथ घर से ढाई घाट मेला जाने की बात कह कर निकला था। 20 फरवरी को दोस्त गांव पहुंच गया लेकिन प्रभुदयाल नहीं पहुंचा। गिरंद सिंह को उसने बताया कि वह मेले में कहीं खो गया था। इससे वह वहीं उसे छोड़कर चला आया। परिजनों ने प्रभुदयाल को फोन मिलाया तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ था, इसके बाद परिजन उसे खोजने ढाई घाट पहुंचे। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
शुक्रवार को उन्होंने शमसाबाद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी। शनिवार सुबह लोगों को ढाई घाट पुल के नीचे एक शव उतराता देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। जानकारी पर गिरंद परिजनों के साथ वहां पहुंच गए और उन्होंने शव की शिनाख्त प्रभुदयाल के रूप में की। गिरंद सिंह ने प्रभुदयाल के दोस्त पर हत्या कर शव गंगा में फेंकने का आरोप लगाया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया।
प्रभुदयाल अपने पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता था। प्रभुदयाल दो भाइयों बलराम व शशि में सबसे बड़ा था। उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। बेटे की मौत से मां शकुंतला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष जयंती प्रसाद गंगवार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नहाते समय गंगा डूबा होता तो जूते नहीं पहने होता
प्रभुदयाल के शव की हालत से यही आशंका जताई जा रही है कि उसकी हत्या करने के बाद ही शव गंगा में फेंका गया है। क्योंकि यदि गंगा नहाते समय डूबा होता तो वह पैरों में जूते-मोजे नहीं पहने होता। वह कपड़े भी पूरे पहने था। उसके बदन पर पैंट-शर्ट, स्वेटर व जैकेट थी।
मेडिकल कालेज के संविदा कर्मी ने फांसी लगाकर दी जान
- कुछ दिनों से था परेशान, किसी युवती से चल रहा था प्रेम प्रसंग
कमालगंज (फर्रुखाबाद)। थानाक्षेत्र के अखमेलपुर गांव में शुक्रवार शाम तिर्वा स्थित मेडिकल कालेज के संविदा कर्मचारी ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अखमेलपुर गांव निवासी मनोज यादव (25) पुत्र रामनरेश यादव कन्नौज जिले के तिर्वा स्थित मेडिकल कालेज में संविदा कर्मचारी था। शुक्रवार शाम उसका बड़ा भाई विनोद व पिता रामनरेश खेत पर गए थे। मां और दो बहनें घर के बाहर दरवाजे पर बैठी थीं। तभी मनोज ने घर के कमरे में साइकिल के ट्यूब से फांसी लगा ली। लेकिन ट्यूब टूटने से वह नीचे गिर पड़ा। करीब एक घंटे बाद मां व बहनें घर के अंदर गईं तो मनोज का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। उसके गले में ट्यूब का फंदा कसा था। उसका आधा हिस्सा छत में लगे कुंडे से बंधा था। मनोज का शव देख घर में चीत्कार मच गया। शनिवार सुबह परिजनों ने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की। रामनरेश के पुलिस को बताया कि मनोज का किसी युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी परिजनों को थी। लेकिन शादी की बात कभी सामने नहीं आई न ही कभी उसने युवती के बारे में बताया। कुछ दिन से वह परेशान था। मनोज के तीन भाई व चार बहनें हैं। छोटा भाई दुर्वेश दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करता है, वहीं दो बहनों की शादी हो चुकी है। मनोज की मौत से मां व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
च़ेयरमैन के बेटे और साथियों को पीटा
- चार नामजद व 12 अज्ञात के खिलाफ मारपीट व एससीएसटी के तहत एफआईआर दर्ज
- तीन दिन पूर्व शादी समारोह में गाड़ी हटाने को लेकर हुआ था विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
कायमगंज (फर्रुखाबाद)। तीन दिन पूर्व शादी समारोह में हुए विवाद की रंजिश में परीक्षा देकर लौट रहे नगर पालिका चेयरमैन के बेटे व उसके दो साथियों को कुछ लोगों ने रास्ते में घेरकर पीट दिया। चेयरमैन ने चार नामजद और 12 अज्ञात के खिलाफ मारपीट व एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया है।
नगर पालिका चेयरमैन सुनील चक का पुत्र रोहन तीन दिन पूर्व एक गेस्ट हाउस में शादी समारोह में शामिल होने गया था। वहां कार हटाने को लेकर मोहल्ला पटेलपुर निवासी अंबुज गंगवार से विवाद हो गया। शनिवार को रोहन भटासा गांव के राजकीय इंटर कालेज से हाईस्कूल की परीक्षा देकर घर आ रहा था। उसके साथ आकाश व वीरेंद्र कठेरिया भी थे। भटासा गांव से कुछ दूर नहर के पास अंबुज गंगवार व उसके साथियों ने बेल्टों, डंडों आदि से हमला कर दिया। हमलावरों ने जाति सूचक गालियां भी दीं। चेयरमैन शनिवार को समर्थकों व बेटे के साथ कोतवाली पहुंचे। उन्होंने इंस्पेक्टर को घटना की तहरीर दी। पुलिस ने चेयरमैन की तहरीर पर अंबुज गंगवार निवासी पटेलपुरम उसके साथी प्रसून गंगवार, सनी गंगवार, अमित व 12 अज्ञात के खिलाफ मारपीट व एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
अध्यक्ष, महासचिव समेत पांच वकील दस साल के लिए डिबार
बार कौंसिल उत्तर प्रदेश की विशेष समिति के सचिव ने जारी किया आदेश
चुनाव में बार कौंसिल के आदेशों का उल्लंघन करने की हुई थी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, महासचिव संजीव पारिया समेत पांच वकीलों को बार कौंसिल उत्तर प्रदेश की विशेष समिति के सचिव ने दस साल के लिए डिबार कर दिया है। यह कार्रवाई बार एसोसिएशन के चुनाव में माडल बायलॉज का पालन न करने और अनुशासन समिति के आदेशों के उल्लंघन पर हुई शिकायत पर की गई है। इसका आदेश जिलाधिकारी और डीएम को भी दिया जाएगा।
बार एसोसिएशन की चुनाव समिति के सदस्य शिव प्रताप सिंह, अनुपम दुबे, दीपक द्विवेदी, जिला बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, महासचिव संजीव पारिया, पूर्व अध्यक्ष विपनेश सक्सेना के खिलाफ बार कौंसिल उत्तर प्रदेश की अनुशासन समिति के पास अधिवक्ता राजीव बाजपेई ने मामला दर्ज कराया था। इसमें कहा गया कि बार एसोसिएशन के पदों पर चुनाव मॉडल बायलॉज से नहीं कराया गया। इसकी शिकायत करने पर अनुशासन समिति ने जो आदेश चुनाव समिति और अध्यक्ष व महासचिव को दिए, उनका भी पालन नहीं किया गया।
19 सितंबर को चुनाव कराकर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की घोषणा कर दी गई। 22 सितंबर को वकील राजीव कुमार बाजपेई ने दोबारा अनुशासन समिति को प्रार्थना पत्र देकर कहा कि बार एसोसिएशन के चुनाव अवैध तरीके से कराए गए हैं। इनको रद्द कर अध्यक्ष, महासचिव व चुनाव समिति के खिलाफ विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। बार कौंसिल उत्तर प्रदेश की अनुशासन समिति ने शिकायत पर सुनवाई के बाद जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, महासचिव संजीव पारिया, चुनाव समिति के सदस्य डॉ. अनुपम दुबे, दीपक द्विवेदी, शिव प्रताप सिंह उर्फ चीनू को व्यावसायिक कदाचार का दोषी मानते हुए किसी भी न्यायालय, सक्षम न्यायालय, प्राधिकरण, न्यायाधिकरण के समक्ष अधिवक्ता के रूप में दस साल तक उपस्थित होने पर प्रतिबंधित कर दिया है।
इन सभी को दस साल के लिए डिबार घोषित किया है। पूर्व अध्यक्ष विपनेश सक्सेना न तो चुनाव लड़े और न ही वह चुनाव अधिकारी थे। इस कारण उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनको जारी नोटिस भी निरस्त कर दिया गया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार सिंह राठौर, जवाहर सिंह गंगवार, राजीव बाजपेई, धर्मवीर गौतम, कुंवर सिंह यादव ने कचहरी परिसर में अपने चैंबर में वार्ता में बताया कि अनुशासन समिति के आदेश का पालन किए जाने के लिए जिला जज और डीएम के पास आदेश की कापी भेजी गई है।
वर्जन
वहीं, अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव ने बताया कि वह निर्दोष हैं। पूर्व अध्यक्ष ने चुनाव कमेटी बनाई थी। वह तो चुनाव लड़े और जीते थे। यदि चुनाव गलत हुआ था तो चुनाव निरस्त होना चाहिए था, पर ऐसा नहीं हुआ। डिबार किया जाना न्याय संगत नहीं है।
महासचिव संजीव पारिया ने बताया कि बार कौंसिल उत्तर प्रदेश की विशेष समिति का निर्णय नितांत अनुचित, गैर कानूनी और न्याय सिद्धांत के विपरीत है। चुनाव उच्च न्यायालय के आदेश पर दायर याचिका के अनुसार कराया गया था। वर्तमान में भी बार कौंसिल के मनमाने निर्णय के विरुद्ध रिट उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में बार कौंसिल द्वारा तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाते हुए यह आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के खिलाफ बार कौंसिल इंडिया में अपील और उच्च न्यायालय में अवमानना की याचिका दाखिल की जाएगी।
चुनाव समिति के सदस्य डा. अनुपम दुबे ने बताया कि यह निर्णय राजनैतिक दबाव में किया गया है। यदि चुनाव गलत हुआ तो उसको रद्द करना चाहिए था, डिबार करना गलत है। इस आदेश के खिलाफ अपील की जाएगी।
दीपक द्विवेदी ने बताया कि यह आदेश एकतरफा हुआ है। इस तरह का आदेश अनुचित है। शिव प्रताप सिंह ने बताया कि चुनाव सही कराया गया था, इससे उसको रद्द नहीं किया गया। जो डिबार की कार्रवाई की गई है वह नियम विरुद्ध हुई है।
किशोरी से दुष्कर्म में सात साल की जेल
- 45 हजार रुपये किया गया जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। विशेष अदालत पॉक्सो एक्ट की न्यायाधीश रेखा शर्मा ने शनिवार को किशोरी से दुष्कर्म के मामले में सात साल की सजा सुनाई है। 45 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के लखरौआ गांव निवासी मोंटी उर्फ सोनू 18 जून 2017 को एक गांव की किशोरी (14 वर्षीय) को बहला कर अपने साथ ले गया था। किशोरी के पिता ने 24 जून को ताजपुर चौकी में प्रार्थना पत्र दिया। दबाव में आकर आरोपी, किशोरी को गांव में एक खेत के पास छोड़ गया था। मोबाइल पर आरोपी ने किशोरी के पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़िता ने दुष्कर्म के मामले की परिजनों को जानकारी दी। पिता ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि आरोपी की बहन पुत्री को अपने घर बुलाकर ले गए थे। आरोपी के तांत्रिक पिता ने पुत्री के घर पहुंचने पर उसे वश में कर लिया था। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी मोंटी उर्फ सोनू के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह ने दलीलें पेश की। न्यायाधीश ने सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
रहस्यमय ढंग से गायब छात्र शिकोहाबाद में मिला
परिजनों ने बदमाशों के खिलाफ मऊदरवाजा थाने में दी तहरीर
छात्र बोला, दो युवक स्कूल के पास नशीला रुमाल सुंघाकर ले गए थे
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। थाना मऊदरवाजा के कुइंयाबूट निवासी छात्र शुक्रवार लापता हो गया। शाम को शिकोहाबाद कोतवाली पुलिस की सूचना पर परिजन उसे लेकर मऊदरवाजा थाने लेकर पहुंचे और अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी। छात्र नशीला रुमाल सुंघाकर अपहरण कर ले जाने की बात कह रहा है।
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के राजारामपुर मेई गांव निवासी नगेंद्र सिंह का बेटा आकर्षित उर्फ आर्यन प्रताप सिंह (11) कुइंयाबूट निकट महावीर कोल्ड स्टोरेज निवासी अपने चाचा विवेक सिंह के घर पर रहकर पढ़ाई कर रहा है। आर्यन बजरिया स्थित एक स्कूल में कक्षा छह में पढ़ रहा है। आर्यन के बाबा शिवपाल सिंह के मुताबिक शुक्रवार को आर्यन स्कूल गया था लेकिन घर नहीं लौटा। शाम को हर्षित के मोबाइल पर जनपद फिरोजाबाद के शिकोहाबाद कोतवाली से फोन आया कि आर्यन को एक टेंपो चालक छोड़ गया है। परिजन शाम को ही शिकोहाबाद कोतवाली पहुंचे और आर्यन को लेकर चले आए।
शनिवार को बाबा शिवपाल सिंह, आर्यन को लेकर थाने पहुंच। उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह से दो-तीन युवक उसका स्कूल जाते समय पीछा करते थे। उसने घर पर भी यह बात बताई थी। आर्यन ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे जैसे ही वह स्कूल के पास पहुंचा तो पीछे से आए दो युवकों ने उसे नशीला रुमाल सुंघा दिया, जिससे वह बेहोश हो गया। दोपहर को किसी तरह वह युवकों के चंगुल से छूटकर शिकोहाबाद के एक टेंपो चालक के पास पहुंच गया। टेंपो चालक उसे पुलिस अंकल के पास ले गए। एसओ वेदप्रकाश पांडेय ने बताया कि मामले की गहनता से जांच करवाई जाएगी।
महिला को बुरी नीयत से दबोचा, रिपोर्ट
फर्रुखाबाद। थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने हरजू नगला गांव निवासी समरपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा कि 22 फरवरी की रात महिला अपनी देवरानी के साथ शौच करने खेतों की ओर जा रही थी। देवरानी के आगे निकलने पर रास्ते में समरपाल ने उसे बुरी नीयत से पकड़ लिया। विरोध करने पर मारपीट कर भाग गया। ब्यूरो
हैवतपुर गढ़िया के ग्रामीणों ने नाला किया बंद
कांशीराम कालोनी में भरने लगा गंदा पानी, सभासद ने नगर पालिका पर निकाली भड़ास
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। हैवतपुर गढ़िया के ग्रामीणों ने कांशीराम कालोनी के नाले को बंद कर दिया। इसके चलते गंदा पानी कालोनी में भरने लगा है। कालोनीवासियों की सूचना पर पहुंचे सभासद ने नगर पालिका प्रशासन पर भड़ास निकाली।
कांशीराम कालोनी हैवतपुर गढ़िया के आवासों से निकलने वाले गंदे पानी का निकास कालोनीवासियों ने हैवतपुर गढ़िया गांव के खेतों की ओर कर रखा है। शुक्रवार शाम को हैवतपुर गढ़िया के ग्रामीणों ने गंदे पानी की निकासी को बंद कर दिया, जिससे गंदा पानी कालोनी में भरने लगा है। मोहल्ले के उमेशचंद्र, मनोरमा देवी, राकेश कुमार, मतीन, सुरेश कुमार, अशरफ और लोकेश कुमार आदि ने इसकी जानकारी सभासद को दी। सभासद मौके पर पहुंचे और नगर पालिका को मामले से अवगत कराया।
नगर पालिका प्रशासन ने समस्या का समाधान करने का आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लिया। सभासद रावेश मिश्र ने बताया कि दो माह पहले भी ग्रामीणों ने कालोनी के गंदे पानी का निकास बंद कर दिया था, जिससे जलभराव हुआ था। नाला बनाने के दौरान हैवतपुर गढ़िया के ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया था। नगर पालिका प्रभारी ईओ रमेशचंद्र यादव ने पक्का नाला बनवाकर समस्या का समाधान करने का भरोसा देते हुए दो माह का समय मांगा था। दो माह पूरे होने के बाद भी नाला बनना शुरू नहीं हुआ है।
ईओ रश्मि भारती ने बताया कि नाले का टेंडर हो चुका है लेकिन नाला निर्माण में कुछ टेक्निकल समस्या आ रही है। क्योंकि जहां नाले को गिराया जाना है। उसके बीच में एक ग्रामीण की जगह थी, जहां उसने मकान बना लिया है। अब नाले को चिलसरा रोड से निकालने का प्रयास किया जा रहा है। एक सप्ताह में टेक्निकल समस्या को दूर कर नाले का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। करीब 20 लाख की लागत से नाला बनेगा।
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चीनी मिल के गार्ड ने किसानों पीटा, बनाया बंधक
- गन्ना सप्लाई के लेनदेन का है विवाद, ट्रैक्टर में की तोड़फोड़
- मिल प्रशासन ने दैनिक वेतन भोगी केन गार्ड को निकाला
अमर उजाला ब्यूरो
कायमगंज। चीनी मिल में गन्ना सप्लाई करने गए दो किसान भाइयों को केन गार्ड ने लेनदेन के विवाद में पीट दिया। एक किसान को कोठरी में बंद कर ट्रैक्टर में तोड़फोड़ कर दी। मिल प्रशासन ने दैनिक वेतन भोगी केन गार्ड को काम से हटा दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव भुक्सा निवासी शिवनारायण शनिवार को चीनी मिल में गन्ना सप्लाई करने गए थे। गन्ने की तौल के बाद केन गार्ड ओमदत्त ने उनसे अपने दस हजार रुपये मांगे। इस पर दोनों में कहासुनी हो गई। केन गार्ड व उनके साथियों ने उसकी पिटाई कर दी। बाद में उसे मिल की एक कोठरी में बंद कर दिया और उसके ट्रैक्टर में तोड़फोड़ कर दी। सूचना पर किसान के बड़े भाई देवनारायण पहुंचे और अपने भाई को छुड़ाने का प्रयास किया तो केन गार्ड ने उन्हें भी पीट दिया।
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मिल के गन्ना यार्ड में अफरातफरी मच गई। काफी किसान इकट्ठा हो गए। किसानों ने बंधक बनाए गए किसान शिवनारायण व उनके बड़े भाई देवनारायण को छुड़ाया। घायल किसान कोतवाली पहुंचे। देवनारायण ने कोतवाली में तहरीर दी। घायल किसानों के साथ पुलिस चीनी मिल पहुंची और तौल लिपिक, किसानों व अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की।
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बताया गया कि केन गार्ड ने किसान देवनारायण की गन्ना पर्ची पर अपना गन्ना सप्लाई कर दिया था। उसी गन्ने के भुगतान को लेकर विवाद हुआ है। किसान देवनारायण ने बताया कि केन गार्ड की पर्ची पर पहले उन्होंने 17000 रुपये का गन्ना सप्लाई किया था, जिसका केन गार्ड ने भुगतान नहीं किया। बाद में उन्होंने केन गार्ड के गन्ने को अपनी पर्ची पर सप्लाई कर दिया। वह उनका भुगतान नहीं दे रहे हैं। मिल प्रशासन ने इस मामले में बताया कि किसान व केन गार्ड के बीच मारपीट हुई है। केन गार्ड की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
लापता युवक का शव गंगा में मिला, हत्या का आरोप
- पांच दिन पहले दोस्त के साथ ढाई घाट मेले में आया था
- दोस्त के पास मोबाइल होने का पिता ने लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। पांच दिन पूर्व घर से दोस्त के साथ ढाई घाट मेले के लिए निकले युवक का शव गंगा में पुल के नीचे शनिवार को उतराता मिला। पिता ने बेटे के दोस्त पर हत्या कर शव गंगा में फेंकने व बेटे का फोन दोस्त के पास होने का आरोप लगाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिया है।
जनपद एटा थाना अलीगंज के शारणपुर गांव निवासी गिरंद सिंह का पुत्र प्रभुदयाल (22) 18 फरवरी को गांव निवासी अपने दोस्त के साथ घर से ढाई घाट मेला जाने की बात कह कर निकला था। 20 फरवरी को दोस्त गांव पहुंच गया लेकिन प्रभुदयाल नहीं पहुंचा। गिरंद सिंह को उसने बताया कि वह मेले में कहीं खो गया था। इससे वह वहीं उसे छोड़कर चला आया। परिजनों ने प्रभुदयाल को फोन मिलाया तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ था, इसके बाद परिजन उसे खोजने ढाई घाट पहुंचे। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
शुक्रवार को उन्होंने शमसाबाद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी। शनिवार सुबह लोगों को ढाई घाट पुल के नीचे एक शव उतराता देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। जानकारी पर गिरंद परिजनों के साथ वहां पहुंच गए और उन्होंने शव की शिनाख्त प्रभुदयाल के रूप में की। गिरंद सिंह ने प्रभुदयाल के दोस्त पर हत्या कर शव गंगा में फेंकने का आरोप लगाया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया।
प्रभुदयाल अपने पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता था। प्रभुदयाल दो भाइयों बलराम व शशि में सबसे बड़ा था। उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। बेटे की मौत से मां शकुंतला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष जयंती प्रसाद गंगवार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नहाते समय गंगा डूबा होता तो जूते नहीं पहने होता
प्रभुदयाल के शव की हालत से यही आशंका जताई जा रही है कि उसकी हत्या करने के बाद ही शव गंगा में फेंका गया है। क्योंकि यदि गंगा नहाते समय डूबा होता तो वह पैरों में जूते-मोजे नहीं पहने होता। वह कपड़े भी पूरे पहने था। उसके बदन पर पैंट-शर्ट, स्वेटर व जैकेट थी।
मेडिकल कालेज के संविदा कर्मी ने फांसी लगाकर दी जान
- कुछ दिनों से था परेशान, किसी युवती से चल रहा था प्रेम प्रसंग
कमालगंज (फर्रुखाबाद)। थानाक्षेत्र के अखमेलपुर गांव में शुक्रवार शाम तिर्वा स्थित मेडिकल कालेज के संविदा कर्मचारी ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अखमेलपुर गांव निवासी मनोज यादव (25) पुत्र रामनरेश यादव कन्नौज जिले के तिर्वा स्थित मेडिकल कालेज में संविदा कर्मचारी था। शुक्रवार शाम उसका बड़ा भाई विनोद व पिता रामनरेश खेत पर गए थे। मां और दो बहनें घर के बाहर दरवाजे पर बैठी थीं। तभी मनोज ने घर के कमरे में साइकिल के ट्यूब से फांसी लगा ली। लेकिन ट्यूब टूटने से वह नीचे गिर पड़ा। करीब एक घंटे बाद मां व बहनें घर के अंदर गईं तो मनोज का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। उसके गले में ट्यूब का फंदा कसा था। उसका आधा हिस्सा छत में लगे कुंडे से बंधा था। मनोज का शव देख घर में चीत्कार मच गया। शनिवार सुबह परिजनों ने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की। रामनरेश के पुलिस को बताया कि मनोज का किसी युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी परिजनों को थी। लेकिन शादी की बात कभी सामने नहीं आई न ही कभी उसने युवती के बारे में बताया। कुछ दिन से वह परेशान था। मनोज के तीन भाई व चार बहनें हैं। छोटा भाई दुर्वेश दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करता है, वहीं दो बहनों की शादी हो चुकी है। मनोज की मौत से मां व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
च़ेयरमैन के बेटे और साथियों को पीटा
- चार नामजद व 12 अज्ञात के खिलाफ मारपीट व एससीएसटी के तहत एफआईआर दर्ज
- तीन दिन पूर्व शादी समारोह में गाड़ी हटाने को लेकर हुआ था विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
कायमगंज (फर्रुखाबाद)। तीन दिन पूर्व शादी समारोह में हुए विवाद की रंजिश में परीक्षा देकर लौट रहे नगर पालिका चेयरमैन के बेटे व उसके दो साथियों को कुछ लोगों ने रास्ते में घेरकर पीट दिया। चेयरमैन ने चार नामजद और 12 अज्ञात के खिलाफ मारपीट व एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया है।
नगर पालिका चेयरमैन सुनील चक का पुत्र रोहन तीन दिन पूर्व एक गेस्ट हाउस में शादी समारोह में शामिल होने गया था। वहां कार हटाने को लेकर मोहल्ला पटेलपुर निवासी अंबुज गंगवार से विवाद हो गया। शनिवार को रोहन भटासा गांव के राजकीय इंटर कालेज से हाईस्कूल की परीक्षा देकर घर आ रहा था। उसके साथ आकाश व वीरेंद्र कठेरिया भी थे। भटासा गांव से कुछ दूर नहर के पास अंबुज गंगवार व उसके साथियों ने बेल्टों, डंडों आदि से हमला कर दिया। हमलावरों ने जाति सूचक गालियां भी दीं। चेयरमैन शनिवार को समर्थकों व बेटे के साथ कोतवाली पहुंचे। उन्होंने इंस्पेक्टर को घटना की तहरीर दी। पुलिस ने चेयरमैन की तहरीर पर अंबुज गंगवार निवासी पटेलपुरम उसके साथी प्रसून गंगवार, सनी गंगवार, अमित व 12 अज्ञात के खिलाफ मारपीट व एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
अध्यक्ष, महासचिव समेत पांच वकील दस साल के लिए डिबार
बार कौंसिल उत्तर प्रदेश की विशेष समिति के सचिव ने जारी किया आदेश
चुनाव में बार कौंसिल के आदेशों का उल्लंघन करने की हुई थी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, महासचिव संजीव पारिया समेत पांच वकीलों को बार कौंसिल उत्तर प्रदेश की विशेष समिति के सचिव ने दस साल के लिए डिबार कर दिया है। यह कार्रवाई बार एसोसिएशन के चुनाव में माडल बायलॉज का पालन न करने और अनुशासन समिति के आदेशों के उल्लंघन पर हुई शिकायत पर की गई है। इसका आदेश जिलाधिकारी और डीएम को भी दिया जाएगा।
बार एसोसिएशन की चुनाव समिति के सदस्य शिव प्रताप सिंह, अनुपम दुबे, दीपक द्विवेदी, जिला बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, महासचिव संजीव पारिया, पूर्व अध्यक्ष विपनेश सक्सेना के खिलाफ बार कौंसिल उत्तर प्रदेश की अनुशासन समिति के पास अधिवक्ता राजीव बाजपेई ने मामला दर्ज कराया था। इसमें कहा गया कि बार एसोसिएशन के पदों पर चुनाव मॉडल बायलॉज से नहीं कराया गया। इसकी शिकायत करने पर अनुशासन समिति ने जो आदेश चुनाव समिति और अध्यक्ष व महासचिव को दिए, उनका भी पालन नहीं किया गया।
19 सितंबर को चुनाव कराकर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की घोषणा कर दी गई। 22 सितंबर को वकील राजीव कुमार बाजपेई ने दोबारा अनुशासन समिति को प्रार्थना पत्र देकर कहा कि बार एसोसिएशन के चुनाव अवैध तरीके से कराए गए हैं। इनको रद्द कर अध्यक्ष, महासचिव व चुनाव समिति के खिलाफ विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। बार कौंसिल उत्तर प्रदेश की अनुशासन समिति ने शिकायत पर सुनवाई के बाद जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, महासचिव संजीव पारिया, चुनाव समिति के सदस्य डॉ. अनुपम दुबे, दीपक द्विवेदी, शिव प्रताप सिंह उर्फ चीनू को व्यावसायिक कदाचार का दोषी मानते हुए किसी भी न्यायालय, सक्षम न्यायालय, प्राधिकरण, न्यायाधिकरण के समक्ष अधिवक्ता के रूप में दस साल तक उपस्थित होने पर प्रतिबंधित कर दिया है।
इन सभी को दस साल के लिए डिबार घोषित किया है। पूर्व अध्यक्ष विपनेश सक्सेना न तो चुनाव लड़े और न ही वह चुनाव अधिकारी थे। इस कारण उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनको जारी नोटिस भी निरस्त कर दिया गया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार सिंह राठौर, जवाहर सिंह गंगवार, राजीव बाजपेई, धर्मवीर गौतम, कुंवर सिंह यादव ने कचहरी परिसर में अपने चैंबर में वार्ता में बताया कि अनुशासन समिति के आदेश का पालन किए जाने के लिए जिला जज और डीएम के पास आदेश की कापी भेजी गई है।
वर्जन
वहीं, अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव ने बताया कि वह निर्दोष हैं। पूर्व अध्यक्ष ने चुनाव कमेटी बनाई थी। वह तो चुनाव लड़े और जीते थे। यदि चुनाव गलत हुआ था तो चुनाव निरस्त होना चाहिए था, पर ऐसा नहीं हुआ। डिबार किया जाना न्याय संगत नहीं है।
महासचिव संजीव पारिया ने बताया कि बार कौंसिल उत्तर प्रदेश की विशेष समिति का निर्णय नितांत अनुचित, गैर कानूनी और न्याय सिद्धांत के विपरीत है। चुनाव उच्च न्यायालय के आदेश पर दायर याचिका के अनुसार कराया गया था। वर्तमान में भी बार कौंसिल के मनमाने निर्णय के विरुद्ध रिट उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में बार कौंसिल द्वारा तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाते हुए यह आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के खिलाफ बार कौंसिल इंडिया में अपील और उच्च न्यायालय में अवमानना की याचिका दाखिल की जाएगी।
चुनाव समिति के सदस्य डा. अनुपम दुबे ने बताया कि यह निर्णय राजनैतिक दबाव में किया गया है। यदि चुनाव गलत हुआ तो उसको रद्द करना चाहिए था, डिबार करना गलत है। इस आदेश के खिलाफ अपील की जाएगी।
दीपक द्विवेदी ने बताया कि यह आदेश एकतरफा हुआ है। इस तरह का आदेश अनुचित है। शिव प्रताप सिंह ने बताया कि चुनाव सही कराया गया था, इससे उसको रद्द नहीं किया गया। जो डिबार की कार्रवाई की गई है वह नियम विरुद्ध हुई है।
किशोरी से दुष्कर्म में सात साल की जेल
- 45 हजार रुपये किया गया जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। विशेष अदालत पॉक्सो एक्ट की न्यायाधीश रेखा शर्मा ने शनिवार को किशोरी से दुष्कर्म के मामले में सात साल की सजा सुनाई है। 45 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के लखरौआ गांव निवासी मोंटी उर्फ सोनू 18 जून 2017 को एक गांव की किशोरी (14 वर्षीय) को बहला कर अपने साथ ले गया था। किशोरी के पिता ने 24 जून को ताजपुर चौकी में प्रार्थना पत्र दिया। दबाव में आकर आरोपी, किशोरी को गांव में एक खेत के पास छोड़ गया था। मोबाइल पर आरोपी ने किशोरी के पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़िता ने दुष्कर्म के मामले की परिजनों को जानकारी दी। पिता ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि आरोपी की बहन पुत्री को अपने घर बुलाकर ले गए थे। आरोपी के तांत्रिक पिता ने पुत्री के घर पहुंचने पर उसे वश में कर लिया था। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी मोंटी उर्फ सोनू के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह ने दलीलें पेश की। न्यायाधीश ने सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
रहस्यमय ढंग से गायब छात्र शिकोहाबाद में मिला
परिजनों ने बदमाशों के खिलाफ मऊदरवाजा थाने में दी तहरीर
छात्र बोला, दो युवक स्कूल के पास नशीला रुमाल सुंघाकर ले गए थे
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। थाना मऊदरवाजा के कुइंयाबूट निवासी छात्र शुक्रवार लापता हो गया। शाम को शिकोहाबाद कोतवाली पुलिस की सूचना पर परिजन उसे लेकर मऊदरवाजा थाने लेकर पहुंचे और अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी। छात्र नशीला रुमाल सुंघाकर अपहरण कर ले जाने की बात कह रहा है।
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के राजारामपुर मेई गांव निवासी नगेंद्र सिंह का बेटा आकर्षित उर्फ आर्यन प्रताप सिंह (11) कुइंयाबूट निकट महावीर कोल्ड स्टोरेज निवासी अपने चाचा विवेक सिंह के घर पर रहकर पढ़ाई कर रहा है। आर्यन बजरिया स्थित एक स्कूल में कक्षा छह में पढ़ रहा है। आर्यन के बाबा शिवपाल सिंह के मुताबिक शुक्रवार को आर्यन स्कूल गया था लेकिन घर नहीं लौटा। शाम को हर्षित के मोबाइल पर जनपद फिरोजाबाद के शिकोहाबाद कोतवाली से फोन आया कि आर्यन को एक टेंपो चालक छोड़ गया है। परिजन शाम को ही शिकोहाबाद कोतवाली पहुंचे और आर्यन को लेकर चले आए।
शनिवार को बाबा शिवपाल सिंह, आर्यन को लेकर थाने पहुंच। उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह से दो-तीन युवक उसका स्कूल जाते समय पीछा करते थे। उसने घर पर भी यह बात बताई थी। आर्यन ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे जैसे ही वह स्कूल के पास पहुंचा तो पीछे से आए दो युवकों ने उसे नशीला रुमाल सुंघा दिया, जिससे वह बेहोश हो गया। दोपहर को किसी तरह वह युवकों के चंगुल से छूटकर शिकोहाबाद के एक टेंपो चालक के पास पहुंच गया। टेंपो चालक उसे पुलिस अंकल के पास ले गए। एसओ वेदप्रकाश पांडेय ने बताया कि मामले की गहनता से जांच करवाई जाएगी।
महिला को बुरी नीयत से दबोचा, रिपोर्ट
फर्रुखाबाद। थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने हरजू नगला गांव निवासी समरपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा कि 22 फरवरी की रात महिला अपनी देवरानी के साथ शौच करने खेतों की ओर जा रही थी। देवरानी के आगे निकलने पर रास्ते में समरपाल ने उसे बुरी नीयत से पकड़ लिया। विरोध करने पर मारपीट कर भाग गया। ब्यूरो
हैवतपुर गढ़िया के ग्रामीणों ने नाला किया बंद
कांशीराम कालोनी में भरने लगा गंदा पानी, सभासद ने नगर पालिका पर निकाली भड़ास
अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। हैवतपुर गढ़िया के ग्रामीणों ने कांशीराम कालोनी के नाले को बंद कर दिया। इसके चलते गंदा पानी कालोनी में भरने लगा है। कालोनीवासियों की सूचना पर पहुंचे सभासद ने नगर पालिका प्रशासन पर भड़ास निकाली।
कांशीराम कालोनी हैवतपुर गढ़िया के आवासों से निकलने वाले गंदे पानी का निकास कालोनीवासियों ने हैवतपुर गढ़िया गांव के खेतों की ओर कर रखा है। शुक्रवार शाम को हैवतपुर गढ़िया के ग्रामीणों ने गंदे पानी की निकासी को बंद कर दिया, जिससे गंदा पानी कालोनी में भरने लगा है। मोहल्ले के उमेशचंद्र, मनोरमा देवी, राकेश कुमार, मतीन, सुरेश कुमार, अशरफ और लोकेश कुमार आदि ने इसकी जानकारी सभासद को दी। सभासद मौके पर पहुंचे और नगर पालिका को मामले से अवगत कराया।
नगर पालिका प्रशासन ने समस्या का समाधान करने का आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लिया। सभासद रावेश मिश्र ने बताया कि दो माह पहले भी ग्रामीणों ने कालोनी के गंदे पानी का निकास बंद कर दिया था, जिससे जलभराव हुआ था। नाला बनाने के दौरान हैवतपुर गढ़िया के ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया था। नगर पालिका प्रभारी ईओ रमेशचंद्र यादव ने पक्का नाला बनवाकर समस्या का समाधान करने का भरोसा देते हुए दो माह का समय मांगा था। दो माह पूरे होने के बाद भी नाला बनना शुरू नहीं हुआ है।
ईओ रश्मि भारती ने बताया कि नाले का टेंडर हो चुका है लेकिन नाला निर्माण में कुछ टेक्निकल समस्या आ रही है। क्योंकि जहां नाले को गिराया जाना है। उसके बीच में एक ग्रामीण की जगह थी, जहां उसने मकान बना लिया है। अब नाले को चिलसरा रोड से निकालने का प्रयास किया जा रहा है। एक सप्ताह में टेक्निकल समस्या को दूर कर नाले का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। करीब 20 लाख की लागत से नाला बनेगा।