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बांध के डूब क्षेत्र में बनवा दिए खेत तालाब
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:35 PM IST
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महोबा। भूमि संरक्षण विभाग ने खेत तालाब योजना के मायने ही बदल दिए। किसानों के खेत में बनाए जाने वाले खेत तालाबों को चंद्रावल बांध के डूब क्षेत्र की जमीन पर खुदवाकर बनवा दिया और लाखों रुपये का बजट ठिकाने लगा दिया। किसान हितैषी योजना में जल संचयन का उद्देश्य बताकर जिम्मेदार अधिकारी अपना पल्ला झाड़ रहे है।
प्रदेश सरकार भले ही किसान हितों को लेकर तमाम कल्याणकारी सिंचाई योजनाएं चला रही हो, लेकिन जिम्मेदार पलीता लगाने में जुटे है। जल संचयन व किसानों को खेत में ही सिंचाई के लिए पानी मिले इसको लेकर चलाई जा रही खेत तालाब योजना में जिम्मेदार लाखों का खेल कर रहे है।
किसानों को इसका कितना लाभ मिल रहा है, इसकी बानगी ग्राम भटेवर में देखने को मिली। काश्तकार किसानों के खेत में बनाए जाने वाले खेत तालाब को भूमि संरक्षण विभाग ने चंद्रावल बांध के डूब प्रभावित क्षेत्र में तीन खेत तालाब खुदवाकार योजना की औपचारिकता पूरी कर दी।
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बांध के डूब प्रभावित क्षेत्र में जो खेत तालाब खुदवाए गए उनसे किसी भी किसान को कोई लाभ होने की उम्मीद नहीं है, लेकिन विभाग ने अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए बेवजह बजट को ठिकाने लगा दिया। इतना ही नहीं डूब क्षेत्र में जो तालाब खोदे गए उनसे लगे मिट्टी के ढेरों से चंद्रवाल बांध भराव का रास्ता बंद हो गया है।
साथ ही बांध जमीन के पट्टे पर खेती करने वालों से राजस्व क्षति का संकट खड़ा हो गया है। भूमि संरक्षण अधिकारी जलागम भीमसेन का कहना है कि काश्तकारों के खेतों में खेत तालाब खुदवाए जाते है। बांध के जमीन के पट्टों में तालाब खुदवाए जाने के सवाल पर कहा कि बांध में भी तो जल संचय की जरूरत है।
-काश्तकार किसानों के खेतों में तालाब बनवाने की है योजना
-लक्ष्य पूर्ति में बजट ठिकाने लगाकर योजना के बदले मायने
अमर उजाला ब्यूरो
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प्रदेश सरकार भले ही किसान हितों को लेकर तमाम कल्याणकारी सिंचाई योजनाएं चला रही हो, लेकिन जिम्मेदार पलीता लगाने में जुटे है। जल संचयन व किसानों को खेत में ही सिंचाई के लिए पानी मिले इसको लेकर चलाई जा रही खेत तालाब योजना में जिम्मेदार लाखों का खेल कर रहे है।
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किसानों को इसका कितना लाभ मिल रहा है, इसकी बानगी ग्राम भटेवर में देखने को मिली। काश्तकार किसानों के खेत में बनाए जाने वाले खेत तालाब को भूमि संरक्षण विभाग ने चंद्रावल बांध के डूब प्रभावित क्षेत्र में तीन खेत तालाब खुदवाकार योजना की औपचारिकता पूरी कर दी।
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बांध के डूब प्रभावित क्षेत्र में जो खेत तालाब खुदवाए गए उनसे किसी भी किसान को कोई लाभ होने की उम्मीद नहीं है, लेकिन विभाग ने अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए बेवजह बजट को ठिकाने लगा दिया। इतना ही नहीं डूब क्षेत्र में जो तालाब खोदे गए उनसे लगे मिट्टी के ढेरों से चंद्रवाल बांध भराव का रास्ता बंद हो गया है।
साथ ही बांध जमीन के पट्टे पर खेती करने वालों से राजस्व क्षति का संकट खड़ा हो गया है। भूमि संरक्षण अधिकारी जलागम भीमसेन का कहना है कि काश्तकारों के खेतों में खेत तालाब खुदवाए जाते है। बांध के जमीन के पट्टों में तालाब खुदवाए जाने के सवाल पर कहा कि बांध में भी तो जल संचय की जरूरत है।
-काश्तकार किसानों के खेतों में तालाब बनवाने की है योजना
-लक्ष्य पूर्ति में बजट ठिकाने लगाकर योजना के बदले मायने
अमर उजाला ब्यूरो