लापता सिपाही को बिन ड्यूटी दिया 17 लाख वेतन, अफसरों ने शनिवार की रात खंगाले दस्तावेज
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रात में ही सभी पटलों को खुलवाकर अफसरों ने रिकार्ड खंगाले। जनपद कानपुर देहात के गांव कपूरपुर निवासी नरेश सिंह वर्ष 1995 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। उनका तबादला वर्ष 2015 में फर्रुखाबाद में हुआ। नरेश सिंह ने लाइन में आमद कराई और ड्यूटी करता रहा। 4 अप्रैल 2016 को नरेश सिंह का तबादला पुलिस लाइन से जहानगंज थाने में कर दिया गया लेकिन नरेश सिंह ने थाने में आमद नहीं करवाई और वह लापता हो गया।
सिपाही को बिना ड्यूटी के 41 हजार रुपये का मासिक वेतन मिलता रहा। शुक्रवार को सिपाही की अपने गांव कपूरपुर में मौत हो गई। शनिवार को परिजनों ने विभाग में नरेश सिंह के मृत्यु की सूचना दी। इसके बाद पुलिस लाइन व हेडपेशी कार्यालय में सिपाही की तैनाती की खोजबीन की गई। पुलिस के रिकार्ड में नरेश लाइन में तैनात रहा। जहानगंज थाने में तबादले का आदेश भी नहीं मिला।
वर्षों से पुलिस लाइन की पटलों पर कब्जा जमाए हैं सिपाही, दीवान
फर्रुखाबाद। शासन के आदेशों को दरकिनार कर पुलिस लाइन में पटलों पर सिपाही व दीवान कई वर्षों से कब्जा जमाए हुए हैं। जबकि हर साल पटल परिवर्तन संबंधी शासन के आदेश आते हैं। विभाग भी जानकर अनजान बना है।
सिपाही को बिना ड्यूटी के वेतन दिया जाना गंभीर प्रकरण है। पुलिस लाइन की जीडी शाखा व कैश पटल से यह खेल हुआ है। लाइन के अधिकारियों को भी इसका पर्यवेक्षण करना चाहिए। साढ़े तीन वर्ष तक लगातार चूक आखिर कैसे हो सकती है। पूरे प्रकरण में जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी। कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।
त्रिभुवन सिंह एएसपी