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रसूलाबाद में सपाइयों की नाराजगी डिंपल को पड़ी भारी
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कानपुर देहात। कन्नौज लोकसभा सीट से जुड़े रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र के सपा के कद्दावर नेता चुनाव के समय पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। वहीं सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे शिव कुमार बेरिया को निष्कासित करने से उनके करीबी लोग भाजपा के पक्ष में लगे थे। इसका विधानसभा क्षेत्र में बड़ा असर पड़ा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की पत्नी डिंपल को इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा।
सूबे के पूर्व सीएम व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव कन्नौज लोकसभा सीट से मैदान में थी, जिससे इस सीट पर सबकी नजर थी। जिले की रसूलाबाद विधान सभा भी इस सीट से जुड़ी है। सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे शिवकुमार बेरिया इसी सीट से विधायक थे। उनका इस सीट पर काफी प्रभाव माना जाता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था, जिससे बेरिया समर्थक नाराज चल रहे थे। बेरिया करीबी ब्लाक प्रमुख कुलदीप यादव अपने समर्थकों के साथ लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल हो गए, जिससे यह माना जा रहा था कि सपा के कई नेताओं की नाराजगी का खामियाजा डिंपल को भुगतान पड़ सकता है। रसूलाबाद विधानसभा सीट से डिंपल को 2014 के लोकसभा चुनाव में 79594 वोट मिले थे, उनके सामने भाजपा प्रत्याशी सुब्रत पाठक ही मैदान में थे। उन्होंने डिंपल को कड़ी टक्कर देते हुए 72911 वोट पाए थे। तब बसपा प्रत्याशी के रूप में निर्मल तिवारी चुनाव मैदान में थे, उन्हें 30919 वोट मिला था। इस बार गठबंधन होने पर बसपा ने डिंपल को प्रत्याशी के रूप में समर्थन दिया, जिससे डिंपल को ज्यादा वोट मिलने की उम्मीद थी लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता के निष्कासन से कार्यकर्ताओं की नाराजगी का असर चुनाव परिणाम में देखने को मिला।
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सूबे के पूर्व सीएम व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव कन्नौज लोकसभा सीट से मैदान में थी, जिससे इस सीट पर सबकी नजर थी। जिले की रसूलाबाद विधान सभा भी इस सीट से जुड़ी है। सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे शिवकुमार बेरिया इसी सीट से विधायक थे। उनका इस सीट पर काफी प्रभाव माना जाता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था, जिससे बेरिया समर्थक नाराज चल रहे थे। बेरिया करीबी ब्लाक प्रमुख कुलदीप यादव अपने समर्थकों के साथ लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल हो गए, जिससे यह माना जा रहा था कि सपा के कई नेताओं की नाराजगी का खामियाजा डिंपल को भुगतान पड़ सकता है। रसूलाबाद विधानसभा सीट से डिंपल को 2014 के लोकसभा चुनाव में 79594 वोट मिले थे, उनके सामने भाजपा प्रत्याशी सुब्रत पाठक ही मैदान में थे। उन्होंने डिंपल को कड़ी टक्कर देते हुए 72911 वोट पाए थे। तब बसपा प्रत्याशी के रूप में निर्मल तिवारी चुनाव मैदान में थे, उन्हें 30919 वोट मिला था। इस बार गठबंधन होने पर बसपा ने डिंपल को प्रत्याशी के रूप में समर्थन दिया, जिससे डिंपल को ज्यादा वोट मिलने की उम्मीद थी लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता के निष्कासन से कार्यकर्ताओं की नाराजगी का असर चुनाव परिणाम में देखने को मिला।
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